मनीषा शर्मा। उत्तर भारत की ओर से चल रही बर्फीली हवाओं ने राजस्थान के मौसम में ठंडक बढ़ा दी है। राज्य के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है और सर्द हवाओं के कारण सुबह और रात में ठिठुरन महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 13 शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है।
राज्य के उत्तरी और पूर्वी जिलों में तापमान में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। सीकर, फतेहपुर और दौसा जैसे शहरों में रात का तापमान 7 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जिससे लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
तीन शहरों में पारा 7 डिग्री तक पहुंचा
मौसम केंद्र जयपुर द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटों में सीकर में 7 डिग्री, फतेहपुर में 7.4 डिग्री और दौसा में 7.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं, बीकानेर, चुरू, नागौर, अजमेर और अलवर में भी रात के तापमान में दो से पांच डिग्री तक की गिरावट देखी गई।
राजस्थान में इस समय दिन के तापमान में हल्की गर्माहट बनी हुई है, लेकिन सूरज ढलने के बाद ठंडी हवाएं वातावरण को ठंडा कर रही हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में उत्तर भारत से ठंडी हवाओं का असर और बढ़ सकता है, जिससे न्यूनतम तापमान में थोड़ी और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
अगले सप्ताह तक ठंड का यही रहेगा असर
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने और तापमान में किसी बड़े परिवर्तन की संभावना नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के अभाव में फिलहाल बारिश या बादल छाने के आसार नहीं हैं।
राज्य के उत्तरी और पूर्वी भागों में रात का तापमान 8 से 10 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में यह 12 से 14 डिग्री तक रह सकता है।
जयपुर में सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
राजधानी जयपुर में शनिवार और रविवार की सुबह सर्द हवाओं के साथ हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सुबह 8 बजे जयपुर का तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि दोपहर में सूरज की हल्की धूप से हल्की राहत महसूस हुई। मौसम विभाग के अनुसार, जयपुर का रविवार का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
शहर में बढ़ती सर्द हवाओं के चलते लोगों ने सुबह-शाम बाहर निकलते समय स्वेटर और जैकेट पहनना शुरू कर दिया है। बाजारों और सड़कों पर गर्म पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है, जिससे सर्दियों के मौसम का एहसास साफ झलकने लगा है।


