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रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में वीकेंड पर पर्यटकों की भीड़

रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में वीकेंड पर पर्यटकों की भीड़

मनीषा शर्मा। राजस्थान का प्रसिद्ध रणथम्भौर टाइगर रिजर्व इस समय पर्यटकों से गुलजार है। पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचते ही पार्क में देशी और विदेशी सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है। वीकेंड पर रणथम्भौर ने एक बार फिर अपनी लोकप्रियता का सबूत दिया, जब शनिवार और रविवार को पार्क में लगभग छह हजार से अधिक पर्यटकों के आने की संभावना जताई गई।

वन विभाग के अनुसार, शनिवार को दोनों पारियों में तीन हजार से ज्यादा सैलानियों ने सफारी का आनंद लिया, जबकि रविवार को भी समान संख्या में पर्यटकों के आने की उम्मीद है। पार्क के टिकट काउंटरों पर सुबह से ही लंबी कतारें लगीं और कई सैलानियों को तत्काल बुकिंग के लिए मशक्कत करनी पड़ी।

तत्काल और करंट कोटे में सीट बुकिंग को लेकर मारामारी

वन विभाग की ओर से रणथम्भौर सफारी के लिए ऑनलाइन एडवांस बुकिंग की सुविधा दी गई है, लेकिन बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग ने करंट ऑनलाइन और तत्काल कोटे की सुविधा भी शुरू की है। हालांकि, पर्यटकों की भारी संख्या के चलते इन दोनों कोटों में भी सीट बुक करना मुश्किल हो गया है।

टूर ऑपरेटरों और स्थानीय होटल संचालकों के अनुसार, जैसे ही तत्काल कोटा खुलता है, कुछ ही मिनटों में सभी सीटें बुक हो जाती हैं। इसका कारण है रणथम्भौर में बाघों की बेहतर साइटिंग और सफारी का रोमांच।

अचानकमार टाइगर रिजर्व भी खुला, बढ़ी पर्यटकों की दिलचस्पी

रणथम्भौर के साथ-साथ अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) भी एक नवंबर से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। लंबे चार महीने के इंतजार के बाद जंगल एक बार फिर जीवन से भर उठा है। हरियाली से घिरे पहाड़ों और घने जंगलों के बीच वन्यजीवों को करीब से देखने का रोमांच सैलानियों को अपनी ओर खींच रहा है।

प्रबंधन के अनुसार, रिजर्व खुलते ही 50 से अधिक एडवांस बुकिंग हो चुकी हैं। जंगल सफारी के लिए तीन टाइम स्लॉट तय किए गए हैं — सुबह 6 से 9 बजे, 10 से 12 बजे और दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक।

बाघ, तेंदुआ, हिरण और पक्षियों की विविधता ने बढ़ाया आकर्षण

अचानकमार और रणथम्भौर, दोनों रिजर्व क्षेत्र इन दिनों वन्यजीवों से भरे हुए हैं। रणथम्भौर में बाघों की संख्या करीब 15 के आसपास बताई जाती है। इनके अलावा तेंदुआ, चितल, हिरण, बायसन, भालू और कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियां खुले में देखी जा सकती हैं।

सर्दियों की शुरुआत के साथ ही प्रवासी पक्षियों का आगमन भी बढ़ गया है, जिससे पक्षी प्रेमियों की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ है। वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह समय सफारी का सबसे उपयुक्त मौसम माना जा रहा है।

सफारी के लिए वाहन दरें और नई व्यवस्थाएं

पर्यटकों की बढ़ती मांग को देखते हुए प्रबंधन ने सफारी वाहनों की नई दरें निर्धारित की हैं। जिप्सी का किराया 3500 रुपए, योद्धा वाहन का 5500 रुपए और बस सफारी का 7500 रुपए प्रति ट्रिप तय किया गया है।

इस बार एटीआर प्रबंधन ने पांच नए योद्धा वाहनों को रिजर्व क्षेत्र में शामिल किया है। ये वाहन रणथम्भौर में विशेष रूप से मॉडिफाई किए गए हैं ताकि जंगल में सफारी अनुभव और बेहतर हो सके।

पर्यटकों के ठहरने के लिए शिवतराई स्थित बैगा रिसॉर्ट को तैयार किया गया है, जहां 14 कमरे उपलब्ध हैं। इनकी बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से की जा सकती है।

वन विभाग की प्रतिक्रिया

वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि वीकेंड पर पर्यटकों की आवक पिछले सालों की तुलना में अधिक रही है। उन्होंने कहा, “हम गाइडलाइन के अनुसार अधिक से अधिक पर्यटकों को पार्क भ्रमण का अवसर दे रहे हैं। सुरक्षा, गाइड और वाहन प्रबंधन पर पूरी निगरानी रखी जा रही है।”

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