मनीषा शर्मा। विश्व प्रसिद्ध अजमेर दरगाह में सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 814वें उर्स को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इस वार्षिक उर्स मेले में देश-विदेश से लाखों जायरीन पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शनिवार को जिला कलेक्टर लोकबंधु की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, दरगाह से जुड़े प्रतिनिधि और उर्स कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी उर्स में जायरीनों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, सफाई, आवागमन और सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना था। कलेक्टर लोकबंधु ने बताया कि उर्स शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो, इसके लिए सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
CCTV कैमरे और एंट्री-एग्जिट व्यवस्था पर फोकस
बैठक में इस बार के उर्स में क्राउड कंट्रोल को लेकर विशेष रणनीति पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने बताया कि दरगाह क्षेत्र में भीड़ के दबाव को कम करने के लिए CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। इसके साथ ही एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स को बेहतर तरीके से चिन्हित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल और वॉलिंटियर तैनात किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी जायरीनों की संख्या लाखों में रहने की संभावना है, इसलिए सुरक्षा के साथ-साथ साफ-सफाई और ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जायरीनों के लिए सुविधाओं पर जोर
बैठक में जायरीनों के ठहरने, खाने-पीने और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर भी चर्चा की गई। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि ठहराव स्थलों पर स्वच्छता और रोशनी की उचित व्यवस्था रहे। इसके अलावा, चिकित्सा विभाग को मोबाइल स्वास्थ्य टीमों की तैनाती के आदेश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध हो सके।
16 दिसंबर से उर्स की शुरुआत, चांद दिखने पर धार्मिक रस्में
दरगाह दीवान के पुत्र नसरुद्दीन चिश्ती ने बताया कि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का 814वां उर्स 16 दिसंबर से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि यदि चांद 15 दिसंबर की शाम को दिखता है, तो अगले दिन से उर्स की धार्मिक रस्मों की शुरुआत हो जाएगी और पारंपरिक रूप से जन्नती दरवाजा खोला जाएगा।
चिश्ती ने आगे बताया कि दरगाह नाजिम की ओर से उर्स का विस्तृत कार्यक्रम और चार्ट सभी विभागों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। साथ ही इस बार सर्दी को देखते हुए जायरीनों के ठहराव और गर्माहट की विशेष व्यवस्था करने के सुझाव दिए गए हैं।
सफाई और व्यवस्थाओं पर सख्त निर्देश
दरगाह के आसपास के क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम को विशेष निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा कि उर्स के दौरान आने वाले जायरीनों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा।


