शोभना शर्मा। राजस्थान की राजधानी जयपुर और आसपास के जिलों की प्रमुख जलस्रोत जीवन रेखा — बीसलपुर बांध — इस बार इतिहास रच चुका है। मानसून समाप्त हुए एक महीने से अधिक बीत जाने के बाद भी बांध आज 101वें दिन तक छलक रहा है। लगातार पानी की आवक के चलते बीती रात जल संसाधन विभाग को एक बार फिर बांध के गेट नंबर 11 को खोलना पड़ा।
रात में पानी का प्रवाह बढ़ने पर गेट की ऊंचाई एक मीटर तक कर दी गई है, जिससे प्रति सेकंड 6010 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस बार बांध से 137 टीएमसी पानी छोड़ा जा चुका है, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। इससे पहले बीसलपुर में 2019 में 135 टीएमसी पानी की निकासी का रिकॉर्ड था।
2019 का रिकॉर्ड टूटा, लगातार बह रही जलधारा
बीसलपुर बांध के निर्माण के बाद यह पहला मौका है जब इतना लंबा ओवरफ्लो रिकॉर्ड बना है। वर्ष 2019 में बांध 64 दिनों तक ओवरफ्लो हुआ था, जबकि इस बार यह आंकड़ा 101 दिन पार कर चुका है।
जल संसाधन विभाग के एक्सईएन मनीष बंसल ने बताया कि बांध का जलस्तर 315.50 आरएल मीटर पर स्थिर है, जबकि त्रिवेणी संगम पर अब भी पानी का बहाव 2.90 मीटर से अधिक बना हुआ है। ऐसे में बांध में लगातार पानी की आवक बनी हुई है।
बनास नदी में बजरी बनी सहायक
विशेषज्ञों के अनुसार, बीसलपुर बांध में पानी की लगातार आवक का कारण बनास नदी में जमा बजरी भी है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, नदी में 10 से 12 मीटर तक बजरी जमा है, जिसके नीचे बड़ी मात्रा में पानी रुका हुआ था। अब यह पानी धीरे-धीरे बहकर त्रिवेणी संगम होते हुए बीसलपुर डेम तक पहुंच रहा है।
मनीष बंसल ने कहा कि आने वाले 8 से 10 दिन तक बांध में पानी की आवक जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, जलस्तर नियंत्रित बनाए रखने और बांध पर दबाव कम करने के लिए नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जा रहा है।
बीसलपुर परियोजना का इतिहास
बीसलपुर बांध राजस्थान के अजमेर जिले के टोंक-भीलवाड़ा सीमा पर स्थित है। यह बांध जयपुर, अजमेर, किशनगढ़, टोंक सहित कई जिलों की पेयजल आपूर्ति की मुख्य धारा है।
फैक्ट फाइल — बीसलपुर बांध परियोजना:
शिलान्यास वर्ष: 1985
निर्माण प्रारंभ: 1987
बांध पूर्ण: 1996
कुल लागत: 832 करोड़ रुपये
जल भराव क्षमता: 38.708 टीएमसी
अधिकतम जलस्तर: 315.50 आरएल मीटर
बीसलपुर बांध के ओवरफ्लो का इतिहास
निर्माण के बाद बीसलपुर बांध अब तक 8 बार ओवरफ्लो कर चुका है।
2004 – पहली बार गेट खुले
2006 – दूसरी बार छलका बांध
2014 – तीसरी बार ओवरफ्लो
2016 – चौथी बार गेट खुले
2019 – 17 गेट खुले, 64 दिन ओवरफ्लो
2022 – छठी बार ओवरफ्लो
2024 – सातवीं बार छलका
2025 – आठवीं बार और सबसे लंबा ओवरफ्लो रिकॉर्ड
जयपुर की लाइफलाइन बना बीसलपुर
जयपुर, टोंक, अजमेर और आसपास के जिलों के लिए बीसलपुर बांध जल आपूर्ति की जीवनरेखा है। प्रतिदिन लाखों लोगों को इसी स्रोत से पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। इस वर्ष बांध के लगातार छलकते रहने से प्रदेश के जलस्तर में स्थिरता बनी हुई है और भविष्य में पेयजल संकट की आशंका कम हुई है।


