शोभना शर्मा। राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर चल रहे उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। उनके समर्थकों ने उन्हें खून से तोलकर सम्मानित किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। नरेश मीणा ने खुद यह वीडियो अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर साझा किया और लिखा,
“तिसाया में ग्रामवासियों द्वारा खून से तोल कर किया गया आदर-सत्कार, यह अहसान मैं जिंदगी भर याद रखूंगा।”
वीडियो में देखा जा सकता है कि नरेश मीणा तराजू के एक पलड़े में बैठे हैं, जबकि दूसरे में समर्थक थैलियों में भरे खून से उनका ‘तौल’ कर रहे हैं। इस दृश्य को लेकर जहां उनके समर्थक इसे भावनात्मक सम्मान बता रहे हैं, वहीं सोशल मीडिया पर इस तरह के प्रदर्शन को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
चुनावी रण में बढ़ी सियासी गर्मी
अंता उपचुनाव में अब सियासी पारा तेजी से चढ़ने लगा है। शनिवार (8 नवंबर) को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के संयोजक हनुमान बेनीवाल नरेश मीणा के समर्थन में प्रचार करेंगे। मांगरोल में होने वाली उनकी सभा से पहले ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बेनीवाल का समर्थन अंता की चुनावी तस्वीर को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि क्षेत्र में उनकी जातीय और ग्रामीण पकड़ मजबूत मानी जाती है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही उम्मीदवार इस प्रचार अभियान पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
प्रचार का अनूठा तरीका: कभी ऊंट पर, कभी हाथी पर
कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरे नरेश मीणा ने अपने प्रचार को पूरी तरह अलग अंदाज में ढाला है। वह कभी ऊंट पर सवार होकर गांव-गांव घूमते नजर आ रहे हैं, तो कभी हाथी पर बैठकर समर्थकों के साथ प्रचार कर रहे हैं। उनके इन अनोखे अभियानों के वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में मीणा के समर्थक पारंपरिक वेशभूषा में उनके साथ प्रचार करते नजर आते हैं। उनके अभियान का नारा “जनता का उम्मीदवार” के रूप में फैलाया जा रहा है।
विवादों से भी जुड़ा नाम
नरेश मीणा का नाम केवल प्रचार के अनोखे तरीकों के लिए ही नहीं, बल्कि उग्र स्वभाव और विवादों के लिए भी चर्चा में रहा है। उपचुनाव के दौरान उनके दो वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें से एक में वे कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया के खिलाफ अपशब्द कहते नजर आए थे। इस पर चुनाव आयोग ने भी संज्ञान लिया था।
हालांकि, उनके समर्थकों का कहना है कि “नरेश मीणा जमीन से जुड़े नेता हैं और जनता की आवाज बुलंद कर रहे हैं।” वहीं विपक्षी दलों का आरोप है कि मीणा का व्यवहार चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर रहा है।


