मनीषा शर्मा। राजस्थान के भरतपुर जिले में शुक्रवार सुबह एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान बड़ा हंगामा हो गया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत के सामने ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने उच्चैन SDM धारा सिंह के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
यह घटना मास्टर अदितेंद्र स्कूल में आयोजित उस समारोह के दौरान हुई, जिसमें ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
स्थिति तब बिगड़ी जब कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंच के सामने SDM के खिलाफ नारे लगाने शुरू किए। कलेक्टर कमर चौधरी ने मौके पर हस्तक्षेप करते हुए भीड़ को शांत कराया और मंत्री सुरेश रावत को सुरक्षा के बीच उनकी गाड़ी तक पहुंचाया। प्रशासन ने किसी तरह हालात को काबू में किया।
FIR से शुरू हुआ विवाद – SDM और पंचायत सदस्य के बीच तनातनी
पूरा मामला दरअसल गांव फतेहपुर में 4 नवंबर को आयोजित एक रात्रि चौपाल से शुरू हुआ था। उस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने बिजली, पानी और सड़क की समस्या को लेकर SDM धारा से शिकायत की थी।
शिकायत के बाद जब SDM वहां से रवाना होने लगीं तो पंचायत समिति सदस्य दिनेश भातरा सहित कुछ ग्रामीणों और महिलाओं ने उनकी गाड़ी को रोक लिया।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर SDM को वहां से सुरक्षित निकाला। इसके बाद 5 नवंबर को SDM ने दिनेश भातरा के खिलाफ उच्चैन थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
इस कार्रवाई से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने SDM के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया।
6 नवंबर को स्थानीय विधायक जगत सिंह ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर SDM की कार्यशैली पर सवाल उठाए और उन्हें हटाने की मांग की। इसके बाद से ही प्रशासन और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ गया।
मंत्री बोले – “अधिकारियों को बोल दिया, आगे से ऐसा नहीं हो”
इस घटना पर जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की शिकायत सुनी है और जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आगे से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने कहा, “पार्टी कार्यकर्ताओं और पंचायत समिति के सदस्य ने बताया कि SDM ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। मैंने यह मामला ऊपर तक बताया है। अगर अधिकारी गलत हैं, तो जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।”
मंत्री रावत ने यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं का आक्रोश स्वाभाविक है, लेकिन उन्हें संयम से काम लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री होने के नाते वे इस पूरे मामले की समीक्षा करेंगे और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
“यदि SDM ने गलत किया तो कार्रवाई होगी” – सुरेश रावत
मंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जनता से जुड़े हुए हैं, इसलिए यदि उनके साथ किसी अधिकारी ने अनुचित व्यवहार किया है तो यह प्रशासनिक जांच का विषय है। उन्होंने कहा,
“यदि किसी SDM ने मर्यादा से बाहर जाकर कार्य किया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”
साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे कानून और अनुशासन के दायरे में रहकर अपनी बात रखें।
SDM धारा का बयान – “दिनेश भातरा ने असामाजिक तत्वों को बुलाया”
दूसरी ओर, उच्चैन SDM धारा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि रात्रि चौपाल के दौरान पंचायत समिति सदस्य दिनेश भातरा ने असामाजिक तत्वों को इशारा कर रुकावट पैदा की थी।
SDM ने कहा, “जब स्थिति बिगड़ने लगी, तो मैंने तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचना दी। जब मैं वहां से जा रही थी, तो दिनेश भातरा के इशारे पर करीब 10-15 लोगों ने मेरी गाड़ी का घेराव कर लिया।”
उन्होंने बताया कि प्रशासनिक गरिमा के खिलाफ ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है और उन्होंने उसी समय कानून के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
कलेक्टर ने संभाला मोर्चा, मंत्री को निकाला सुरक्षित
घटना के दौरान जब नारेबाजी तेज हुई तो जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर भीड़ को शांत कराया। उन्होंने मंत्री को सुरक्षा घेरे में लेकर कार्यक्रम स्थल से बाहर निकाला।
कलेक्टर ने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया है और आगे किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।


