शोभना शर्मा। अगर आप हर महीने मोबाइल रिचार्ज करवाते हैं, तो दिसंबर से आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां — जियो (Jio), एयरटेल (Airtel) और वोडाफोन आइडिया (Vi) — अपने मोबाइल रिचार्ज प्लान्स के दाम 1 दिसंबर 2025 से 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी में हैं।
हालांकि अभी तक किसी भी कंपनी ने आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन टेक जगत में इस खबर को लेकर हलचल मची हुई है।
199 रुपये वाला प्लान बढ़कर 299 रुपये तक जा सकता है
टेक टिप्स्टर अभिषेक यादव और डील्स प्लेटफॉर्म DealBee Deals के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियां दिसंबर से अपने रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में बदलाव कर सकती हैं।
DealBee के पोस्ट के अनुसार:
₹199 वाले बेसिक प्रीपेड प्लान की कीमत बढ़कर ₹219 से ₹299 के बीच हो सकती है।
₹899 वाला लंबी वैलिडिटी प्लान अब ₹999 रुपये का हो सकता है।
इसका सीधा असर उन यूजर्स पर पड़ेगा जो हर महीने सीमित बजट में मोबाइल रिचार्ज करवाते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में डेटा और कॉलिंग सेवाओं की कीमतें लगातार बढ़ी हैं, लेकिन दिसंबर की संभावित बढ़ोतरी यूजर्स के खर्चों को और बढ़ा सकती है।
2GB डेली डेटा प्लान भी होगा महंगा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 84 दिनों की वैलिडिटी वाले 2GB डेली डेटा प्लान्स की कीमत में भी 10% तक की बढ़ोतरी संभव है।
अभी जो प्लान ₹949 रुपये में मिलता है, वह बढ़कर ₹999 रुपये या उससे ज्यादा का हो सकता है।
इसका मतलब यह हुआ कि भारी डेटा यूज करने वाले यूजर्स, जो दिनभर ऑनलाइन रहते हैं, उनके खर्च में सीधा इजाफा होगा।
क्यों बढ़ाए जा सकते हैं दाम?
टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि बढ़ते नेटवर्क ऑपरेशन खर्च, 5G सर्विसेज की लागत और सरकारी करों के कारण उनकी कमाई पर दबाव बना हुआ है।
वोडाफोन आइडिया (Vi) पहले से वित्तीय संकट से गुजर रही है और उसे नेटवर्क सुधारने के लिए अतिरिक्त पूंजी की जरूरत है। वहीं जियो और एयरटेल को 5G सेवाओं के विस्तार के लिए भारी निवेश करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियों को औसत राजस्व (ARPU) बढ़ाने के लिए टैरिफ हाइक करना जरूरी है।
अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं
अब तक जियो, एयरटेल और Vi की ओर से किसी भी प्रकार का आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन टेक जगत और इंडस्ट्री एनालिस्ट्स का मानना है कि दिसंबर की शुरुआत में कंपनियां नया टैरिफ लागू कर सकती हैं।
पिछली बार भी टैरिफ बढ़ोतरी से पहले इसी तरह रिपोर्ट्स सामने आई थीं, और बाद में कंपनियों ने अचानक नए रेट लागू किए थे।
यूजर्स पर असर — डेटा की जरूरत तो वही, पर खर्च बढ़ेगा
आज के समय में इंटरनेट हर व्यक्ति की जीवनशैली का अहम हिस्सा बन चुका है।
पढ़ाई, ऑफिस वर्क, एंटरटेनमेंट, बैंकिंग और कम्युनिकेशन — सब कुछ मोबाइल डेटा पर निर्भर है।
ऐसे में अगर रिचार्ज प्लान महंगे होते हैं तो यूजर्स के पास महंगे पैक खरीदने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा।
खासकर उन लोगों के लिए जो हर महीने सीमित बजट में मोबाइल रिचार्ज करवाते हैं, यह बदलाव आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
पिछली बार कब बढ़े थे दाम?
पिछली बार जुलाई 2024 में टेलीकॉम कंपनियों ने अपने टैरिफ में 13 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की थी। उस समय भी कंपनियों ने इसे “नेटवर्क निवेश” और “सर्विस क्वालिटी” बढ़ाने की वजह बताया था।
अब एक बार फिर दिसंबर 2025 में नई बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।


