latest-newsजोधपुरदेशराजनीतिराजस्थान

जोगेश्वर गर्ग: हादसे ज्योतिषीय कारणों से, कांग्रेस ने घेरा

जोगेश्वर गर्ग: हादसे ज्योतिषीय कारणों से, कांग्रेस ने घेरा

शोभना शर्मा। राजस्थान में पिछले कुछ महीनों से लगातार सड़क दुर्घटनाएं और आग की घटनाएं राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। जैसलमेर में स्लीपर बस में आग लगने की घटना और जयपुर में डंपर की टक्कर से हुई मौतों के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार पर ढिलाई का आरोप लगाया है।
लेकिन इस बार विवाद सरकार की कार्रवाई पर नहीं, बल्कि बीजेपी के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग के बयान पर खड़ा हुआ है। गर्ग ने कहा कि दुर्घटनाओं के पीछे ज्योतिषीय कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलचल मचा दी है।

जोगेश्वर गर्ग का बयान और सफाई

जोधपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जोगेश्वर गर्ग से जब राज्य में बढ़ती दुर्घटनाओं पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि ये हादसे केवल राजस्थान में नहीं, बल्कि देश और दुनिया भर में हो रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका जैसे देशों में भी सड़कें बेहतर हैं, नियमों का पालन होता है, फिर भी हादसे होते हैं।

इसी दौरान एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या इन हादसों के पीछे कोई ज्योतिषीय कारण हो सकता है? इस पर गर्ग ने जवाब दिया,
मैं ज्योतिष में विश्वास करता हूं। साल की शुरुआत में ही कई अखबारों और टीवी चैनलों पर भविष्यवाणी की गई थी कि इस वर्ष दुर्घटनाएं अधिक होंगी। मैं उस ज्योतिषीय बात पर आज भी कायम हूं।

हालांकि उन्होंने साथ ही कहा कि “राजस्थान में प्रशासनिक ढिलाई और लापरवाही जरूर है, और मैंने इसका विरोध किया है। लेकिन यह भी ध्यान देना चाहिए कि हादसे सरकार नहीं, ड्राइवर करते हैं।”

गर्ग ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और वे केवल यह बताना चाह रहे थे कि हादसे एक व्यापक समस्या हैं, जो सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं।

कांग्रेस का पलटवार: ‘अब राजस्थान में पंचांग से फैसले हो रहे हैं’

जोगेश्वर गर्ग के इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स (Twitter) पर लिखा,
“जब भाजपा सरकार के मुख्य सचेतक कहें कि हादसे और आगजनी सब ज्योतिष के कारण हो रहे हैं, और भविष्यवाणी करें कि आगे भी होंगे, तो समझ लीजिए कि सरकार नाम की कोई चीज़ नहीं बची। अब राजस्थान में प्रशासन नहीं, पंचांग से फैसले हो रहे हैं।

डोटासरा ने यह भी कहा कि यह बयान सरकार की गंभीरता की कमी को दर्शाता है। जब राज्य के वरिष्ठ पदाधिकारी ही ज्योतिष के हवाले से जिम्मेदारी टालने लगें, तो जनता का भरोसा कैसे बनेगा?

प्रताप सिंह खाचरियावास का हमला: ‘सरकार की संवेदना मर चुकी है’

पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी इस बयान को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सफाई की मांग की है। उन्होंने कहा,
“अगर सरकार के मुख्य सचेतक को पहले से ज्योतिष के माध्यम से पता था कि हादसे बढ़ेंगे, तो फिर सरकार ने सड़कें क्यों नहीं सुधारीं, सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं बढ़ाए?”

खाचरियावास ने कहा कि ज्योतिष में विश्वास करना व्यक्तिगत बात हो सकती है, लेकिन जब सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति जिम्मेदारी को ग्रहों और नक्षत्रों पर डालते हैं, तो यह शासन की गैर-जिम्मेदारी का परिचायक है।
उन्होंने कहा, “मुख्य सचेतक का मतलब ही होता है कि सरकार का प्रतिनिधि। अगर वे कहते हैं कि हादसे होते रहेंगे और सरकार कुछ नहीं कर सकती, तो मुख्यमंत्री को जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।”

सरकार पर बढ़ा दबाव

राजस्थान में हाल के हफ्तों में जैसलमेर बस हादसा, जयपुर डंपर दुर्घटना और कई अन्य सड़क हादसों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार राहत और पुनर्वास से ज्यादा सफाई देने में व्यस्त है।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading