शोभना शर्मा। जहां पूरा देश बिहार विधानसभा चुनाव पर केंद्रित है, वहीं राजस्थान की राजनीतिक निगाहें अंता विधानसभा उपचुनाव पर टिकी हुई हैं। इस सीट पर 11 नवंबर को मतदान होना है, और प्रचार अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है। 9 नवंबर की शाम को प्रचार थम जाएगा, लेकिन उससे पहले बीजेपी, कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
अंता सीट पर इस बार मुकाबला सीधा नहीं, बल्कि त्रिकोणीय है। यहां बीजेपी के मोरपाल सुमन, कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया और निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिल रहा है।
आज सीएम भजनलाल शर्मा और वसुंधरा राजे का रोड शो
चुनावी प्रचार के अंतिम चरण में आज अंता सीट पर बीजेपी का बड़ा शक्ति प्रदर्शन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज अंता विधानसभा क्षेत्र में रोड शो करेंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार सुबह 11 बजे जयपुर एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 12 बजे मांगरोल पहुंचेंगे। वहां से वे सुभाष चौक से आजाद चौक होते हुए सीसवाली तिराहे तक रोड शो करेंगे। रोड शो के लिए विशेष रथ तैयार किया गया है, जिस पर मुख्यमंत्री के साथ वसुंधरा राजे, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, सांसद दुष्यंत सिंह, प्रत्याशी मोरपाल सुमन और जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार भी मौजूद रहेंगे।
इस रोड शो के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा और ढोल-नगाड़ों से स्वागत की तैयारी की गई है। प्रशासन ने मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए हैं। कलक्टर और एसपी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की है।
बीजेपी के दिग्गजों ने संभाला मोर्चा
शुरुआत में दूरी बनाए रखने वाली पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अब पिछले तीन दिनों से अंता क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत मुलाकात कर रणनीति तय कर रही हैं।
प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, मंत्री संजय शर्मा, जोगाराम पटेल, जोराराम कुमावत, सांसद राजेन्द्र गहलोत और पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी लगातार जनसंपर्क और नुक्कड़ सभाओं में जुटे हुए हैं। पार्टी ने सांसद दुष्यंत सिंह को इस चुनाव का प्रभारी बनाया है, जो पूरे अभियान की रणनीति पर नजर रखे हुए हैं।
कांग्रेस ने भी झोंकी पूरी ताकत
कांग्रेस ने अंता उपचुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा क्षेत्र में लगातार दौरे कर रहे हैं।
पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बुधवार को अंता से सीसवाली तक रोड शो किया। वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली 7 नवंबर तक क्षेत्र में डटे हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी 7 से 9 नवंबर तक अंता में रहकर प्रचार करेंगे।
कांग्रेस ने चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपने सभी संगठनात्मक कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। यहां तक कि 6 नवंबर को होने वाला विधानसभा क्षेत्र समन्वयकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम भी टाल दिया गया है।
निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा का जनसंपर्क अभियान
अंता उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा भी तीसरे मोर्चे के रूप में उभरे हैं। वे गांव-गांव जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं। कई जगह खुले वाहन में प्रचार कर रहे हैं, तो कई इलाकों में पैदल जुलूस निकाल रहे हैं।
मीणा ने कई कस्बों में सभाएं की हैं और ग्रामीण मतदाताओं पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि नरेश मीणा इस बार अंता में बड़ा उलटफेर कर सकते हैं।
बढ़ता तनाव और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रचार के चरम पर पहुंचते ही समर्थकों के बीच टकराव की स्थिति भी देखने को मिल रही है। कुछ जगहों पर मामूली मारपीट और धक्का-मुक्की की घटनाएं सामने आई हैं। सीसवाली में डोटासरा के काफिले को निर्दलीय समर्थकों ने घेर लिया था और नारेबाजी की थी।
इन घटनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। अंता उपचुनाव में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और राज्य सशस्त्र पुलिस की 7 कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें करीब 600 पुलिस जवान शामिल हैं।


