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बीसलपुर बांध से पानी की निकासी फिर घटी, एक गेट से प्रति सेकंड 6010 क्यूसेक जल छोड़ा गया

बीसलपुर बांध से पानी की निकासी फिर घटी, एक गेट से प्रति सेकंड 6010 क्यूसेक जल छोड़ा गया

मनीषा शर्मा।  राजस्थान के प्रमुख पेयजल स्रोत बीसलपुर बांध से एक बार फिर पानी की निकासी में कमी की गई है। बुधवार सुबह बांध के एक गेट को एक मीटर तक खोलकर प्रति सेकंड 6010 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। यह निर्णय बांध में पानी की आवक में कमी आने के बाद लिया गया है। इससे पहले मंगलवार को दो गेट खोलकर 18030 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। मात्र एक दिन में ही यह निकासी घटा दी गई है। अब त्रिवेणी संगम स्थल पर पानी का बहाव 2.90 मीटर दर्ज किया गया है। यह दिन इस सीजन का 99वां दिन है जब बीसलपुर बांध से लगातार पानी की निकासी की जा रही है। अब तक लगभग 136 क्यूसेक पानी बांध से बनास नदी में छोड़ा जा चुका है।

बीसलपुर बांध की स्थिति और जलस्तर

बीसलपुर बांध राजस्थान के टोंक जिले में स्थित है और यह राज्य के प्रमुख पेयजल स्रोतों में से एक है। इससे जयपुर, अजमेर, टोंक सहित कई जिलों को पेयजल आपूर्ति की जाती है। हाल के दिनों में बांध में पानी की आवक में धीमी गिरावट देखी गई है, जिसके चलते जल निकासी को नियंत्रित किया जा रहा है। मंगलवार को बांध के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसके बाद दो गेट खोलकर तेज प्रवाह से पानी छोड़ा गया था। लेकिन बुधवार सुबह तक पानी की आवक कम होने के कारण केवल एक गेट को खुला रखा गया।

पानी की निकासी का पूरा क्रम — 8 घंटे में बड़ा बदलाव

बीसलपुर बांध से पानी की निकासी में मात्र 8 घंटों के भीतर कई बार परिवर्तन हुआ। 3 नवंबर की सुबह तक केवल एक गेट से 6010 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। इसके बाद 4 नवंबर की सुबह पानी की आवक बढ़ने पर गेट को दो मीटर तक खोला गया, जिससे पानी की निकासी बढ़ गई। दोपहर 1 बजे तक स्थिति और बदल गई — अब दो गेट खोले गए, जिनमें एक गेट को 1 मीटर और दूसरे को 2 मीटर तक खोला गया। इस व्यवस्था से 18030 क्यूसेक प्रति सेकंड की गति से पानी बनास नदी में छोड़ा जा रहा था। मंगलवार रात 10 बजे एक गेट को बंद कर दिया गया और दूसरे गेट को दो मीटर की ऊंचाई तक खुला रखा गया, जिससे पानी की निकासी घटकर 12020 क्यूसेक प्रति सेकंड रह गई। बुधवार सुबह 6 बजे, जब पानी की आवक और कम पाई गई, तो एकमात्र खुले गेट की ऊंचाई घटाकर एक मीटर कर दी गई, और अब 6010 क्यूसेक प्रति सेकंड की दर से पानी छोड़ा जा रहा है।

त्रिवेणी संगम पर 2.90 मीटर का बहाव

बनास, खारी और दाई नदियों के संगम स्थल त्रिवेणी संगम पर वर्तमान में 2.90 मीटर का जल प्रवाह दर्ज किया गया है। यह बहाव मंगलवार के मुकाबले कुछ कम है, जिससे स्पष्ट है कि बांध से घटाई गई निकासी का असर नदी के प्रवाह पर दिखने लगा है। स्थानीय जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बांध के जलस्तर की सतत निगरानी की जा रही है और जैसे ही आवश्यकता होगी, पानी की निकासी या आवक के अनुसार गेटों की ऊंचाई में परिवर्तन किया जाएगा।

पानी निकासी का अब तक का रिकॉर्ड

बीसलपुर बांध से इस मानसून सीजन में अब तक लगातार 99 दिनों से जल निकासी जारी है। इस दौरान बांध से कुल मिलाकर 136 क्यूसेक से अधिक पानी बनास नदी में छोड़ा जा चुका है। यह आंकड़ा बताता है कि बांध ने इस वर्ष पर्याप्त मात्रा में वर्षा जल संचित किया, लेकिन अब धीरे-धीरे जल प्रवाह घटने लगा है। इस कारण जल संसाधन विभाग सावधानीपूर्वक पानी की निकासी नियंत्रित कर रहा है ताकि आगामी महीनों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो।

मौसम हुआ साफ, बढ़ी हल्की ठंडक

बुधवार को कोटा, टोंक और आसपास के इलाकों में मौसम सामान्य और साफ रहा। सुबह से ही सूर्य की किरणें निकलने के कारण ठंड में कुछ कमी महसूस हुई, लेकिन हल्की सर्दी अब भी बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, आज के दिन अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी के आसार हैं, जबकि न्यूनतम तापमान 17 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सर्द हवाओं के चलते सुबह और देर शाम के समय लोगों को ठंड का अहसास हो रहा है।

बीसलपुर बांध का महत्व

बीसलपुर बांध राजस्थान का जीवनदायिनी जल स्रोत माना जाता है। यह टोंक जिले की बनास नदी पर बना है और राजस्थान का सबसे बड़ा पेयजल बांध है। इससे जयपुर, अजमेर, टोंक और भीलवाड़ा जिलों के लाखों लोगों को पेयजल आपूर्ति होती है। साथ ही यह कृषि सिंचाई और औद्योगिक उपयोग के लिए भी अहम है।इसी कारण बांध के जलस्तर और निकासी की प्रत्येक जानकारी पर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन सतत नजर रखता है।

जल निकासी नियंत्रित करने का कारण

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बांध में जल प्रवाह घटने के बाद यदि निकासी उसी दर से जारी रखी जाती, तो आने वाले दिनों में जलस्तर पर नकारात्मक असर पड़ सकता था। इसलिए एक गेट को बंद कर केवल एक मीटर ऊंचाई से जल निकासी जारी रखी गई है। इससे न केवल बनास नदी में संतुलित बहाव बनाए रखा जाएगा बल्कि बीसलपुर परियोजना के पेयजल स्तर को भी सुरक्षित रखा जा सकेगा।

स्थानीय प्रशासन की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था

बांध पर जल निकासी के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए हैं। पुलिस और जल संसाधन विभाग के अधिकारी निचले क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी अप्रत्याशित स्थिति से निपटा जा सके। नदी किनारे बसे गांवों को भी सतर्क किया गया है कि वे अनावश्यक रूप से नदी के तट के निकट न जाएं। बांध की निगरानी के लिए 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय किया गया है।

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