मनीषा शर्मा। भारत का स्मार्टफोन मार्केट इस साल की सितंबर तिमाही (July–September 2025) में जबरदस्त उछाल पर रहा। नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, देश के मोबाइल बाजार ने वॉल्यूम के आधार पर 5% और वैल्यू के आधार पर 18% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। यह अब तक की सबसे अधिक तिमाही वैल्यू ग्रोथ मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उछाल केवल बिक्री की संख्या में नहीं, बल्कि ग्राहकों की प्रीमियम फोन खरीदने की प्रवृत्ति में भी झलकता है। त्योहारी मांग, आकर्षक ऑफर, फाइनेंसिंग योजनाएं और ब्रांड-निष्ठा — इन सभी कारणों ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
त्योहारी सीजन और ऑफर्स ने बढ़ाई डिमांड
रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर तिमाही में स्मार्टफोन बिक्री में वृद्धि के पीछे प्रमुख कारण रहे —
फेस्टिव डिमांड: दिवाली, नवरात्रि और अन्य त्योहारी अवसरों पर ग्राहकों ने नई डिवाइस खरीदने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
आकर्षक डिस्काउंट और ऑफर: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और ब्रांड्स ने भारी छूट दी, जिससे बिक्री में तेजी आई।
प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग: अब ग्राहक बजट फोन से आगे बढ़कर प्रीमियम और फीचर-लोडेड डिवाइस को प्राथमिकता दे रहे हैं।
फाइनेंसिंग और ट्रेड-इन ऑप्शन: आसान ईएमआई योजनाएं और एक्सचेंज ऑफर ने ग्राहकों को नया फोन खरीदने के लिए प्रेरित किया।
काउंटरपॉइंट रिसर्च (Counterpoint Research) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का स्मार्टफोन बाजार अब सिर्फ “कितने फोन बिके” पर नहीं, बल्कि “कितनी वैल्यू के फोन बिके” पर केंद्रित हो गया है।
एप्पल: प्रीमियम मार्केट में नंबर वन
एप्पल (Apple) ने इस तिमाही में भारतीय बाजार में अपनी मजबूत स्थिति को और सशक्त किया है। कंपनी ने 28 प्रतिशत वैल्यू शेयर (value share) के साथ प्रीमियम सेगमेंट में नंबर वन स्थान हासिल किया। रिपोर्ट बताती है कि iPhone 15 और iPhone 16 सीरीज की जबरदस्त डिमांड बनी रही, जबकि हाल ही में लॉन्च हुई iPhone 17 सीरीज को भी ग्राहकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। विश्लेषकों के अनुसार, एप्पल के बढ़ते बाजार शेयर का कारण यह है कि भारतीय उपभोक्ता अब पहले की तुलना में अधिक प्रीमियम उत्पादों में निवेश करने को तैयार हैं। इससे भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा iPhone मार्केट बन गया है — जो एप्पल के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
सैमसंग: प्रीमियम और फोल्डेबल फोन्स से बना दूसरा सबसे बड़ा खिलाड़ी
सैमसंग (Samsung) 23 प्रतिशत वैल्यू शेयर के साथ दूसरे स्थान पर रहा। कंपनी की गैलेक्सी एस (Galaxy S) और ए सीरीज (A Series) ने बिक्री के मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन किया। साथ ही, सैमसंग के फोल्डेबल फोन जैसे Galaxy Z Fold और Z Flip मॉडल्स ने भारतीय बाजार में नई लहर पैदा की है। इन डिवाइसों की बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि भारतीय ग्राहक अब नए फॉर्म फैक्टर और एडवांस टेक्नोलॉजी को अपनाने में पीछे नहीं हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सैमसंग ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों चैनलों के जरिए अपनी उपस्थिति मजबूत की है। त्योहारी सीजन में पेश किए गए ऑफर और ईएमआई योजनाओं ने भी बिक्री को बढ़ावा दिया।
वीवो: शिपमेंट में टॉप पर
शिपमेंट (यानी कितने फोन बिके) के आधार पर, वीवो (Vivo) भारत का टॉप स्मार्टफोन ब्रांड बनकर उभरा है। रिपोर्ट के मुताबिक, iQOO को अलग हटाकर, वीवो ने 20 प्रतिशत मार्केट शेयर (market share) हासिल किया है। वीवो की सफलता के पीछे इसका मजबूत रिटेल नेटवर्क, आकर्षक डिज़ाइन, और कैमरा-केंद्रित फीचर्स हैं, जो भारतीय उपभोक्ताओं को खूब भा रहे हैं। वीवो ने मिड-रेंज सेगमेंट में लगातार अच्छे मॉडल लॉन्च किए हैं, जिससे यह ब्रांड युवा उपभोक्ताओं की पसंद बना हुआ है।
सैमसंग शिपमेंट में दूसरा, एप्पल पहुंचा टॉप 5 में
शिपमेंट के मामले में सैमसंग 13 प्रतिशत शेयर के साथ दूसरे स्थान पर रहा। हालांकि, इस तिमाही की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि एप्पल पहली बार वॉल्यूम के आधार पर भारत के टॉप 5 ब्रांड्स में शामिल हुआ। यह कदम भारत में एप्पल की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। कंपनी ने स्थानीय स्तर पर iPhone निर्माण बढ़ाकर कीमतों को नियंत्रित किया है, जिससे मिड-सेगमेंट ग्राहकों ने भी एप्पल की ओर रुख किया।
विश्लेषकों की राय: उपभोक्ता व्यवहार में बड़ा बदलाव
काउंटरपॉइंट रिसर्च के सीनियर एनालिस्ट प्राचीर सिंह ने कहा कि “बेहतर घरेलू लिक्विडिटी और त्योहारी माहौल की वजह से सितंबर तिमाही में स्मार्टफोन बिक्री में उल्लेखनीय उछाल देखा गया। उपभोक्ता अब अधिक खर्च करने के लिए तैयार हैं, खासकर जब उन्हें बेहतर फीचर्स और आकर्षक ऑफर मिल रहे हों।” सिंह के अनुसार, बाजार का रुझान अब सिर्फ सस्ते फोन्स से हटकर प्रीमियम और अल्ट्रा-प्रीमियम डिवाइसों की ओर जा रहा है। इस बदलाव से मोबाइल कंपनियों की कुल आय (revenue) में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।
2025 के अंत तक बाजार में और उछाल की उम्मीद
विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले महीनों में, विशेष रूप से दिवाली और नए साल के सीजन में, बिक्री के आंकड़े और बेहतर होंगे। 5G तकनीक, हाई-रिफ्रेश डिस्प्ले, AI कैमरा और बैटरी इनोवेशन जैसे फीचर्स उपभोक्ताओं को आकर्षित कर रहे हैं। साथ ही, ब्रांड्स की ओर से मेड इन इंडिया रणनीति और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयास भी कीमतों में स्थिरता लाने में मदद कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की चौथी तिमाही (October–December) में भी बाजार में दो अंकों की वृद्धि संभव है।
भारत बना वैश्विक स्मार्टफोन बाजार का प्रमुख केंद्र
भारत का स्मार्टफोन बाजार अब केवल एक उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक टेक्नोलॉजी ब्रांड्स के लिए रणनीतिक केंद्र बन गया है। सितंबर तिमाही की 18% वैल्यू ग्रोथ यह साबित करती है कि देश में प्रीमियम डिवाइसों की मांग तेजी से बढ़ रही है। एप्पल, सैमसंग और वीवो जैसे ब्रांड्स के बीच प्रतिस्पर्धा ने भारतीय उपभोक्ताओं को पहले से बेहतर विकल्प दिए हैं। स्पष्ट है कि आने वाले वर्षों में भारत न केवल एशिया, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा स्मार्टफोन मार्केट बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।


