latest-newsअजमेरराजस्थान

इंटरनेशनल पुष्कर फेयर 2025 में देसी-विदेशी रंग: क्रिकेट, मूंछ और साफा प्रतियोगिता ने जीता दिल

इंटरनेशनल पुष्कर फेयर 2025 में देसी-विदेशी रंग: क्रिकेट, मूंछ और साफा प्रतियोगिता ने जीता दिल

मनीषा शर्मा।  राजस्थान का ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध इंटरनेशनल पुष्कर फेयर 2025 अपने पूरे रंग में है। रेतीले धोरों के बीच पुष्कर सरोवर के किनारे सजे इस मेले में देसी और विदेशी पर्यटक लोक संस्कृति, परंपरा और उत्सव का अनोखा संगम देख रहे हैं। इस बार टूरिज्म डिपार्टमेंट की ओर से आयोजित कार्यक्रमों ने पर्यटकों का दिल जीत लिया है। क्रिकेट मैच से लेकर मूंछ प्रतियोगिता और साफा बांधने की कॉम्पिटीशन तक, हर आयोजन में उत्साह और जोश का माहौल देखने को मिला।

देसी-विदेशी मुकाबला: लगान थीम पर खेला गया क्रिकेट मैच

मेले की शुरुआत में पर्यटकों के बीच सबसे ज्यादा रोमांचक आयोजन रहा क्रिकेट मैच, जो “लगान” थीम पर खेला गया। इसमें एक तरफ देसी टीम थी तो दूसरी ओर विदेशी पर्यटकों की टीम। विदेशी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 104 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिर्फ 6 ओवर 3 गेंदों में 105 रन बनाकर मैच जीत लिया। क्रिकेट मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। दर्शकों ने देसी और विदेशी खिलाड़ियों को समान रूप से उत्साहवर्धन किया। मैच के बाद मैदान तालियों की गूंज से गूंज उठा और भारतीय टीम की जीत पर पर्यटकों ने लोक धुनों पर नृत्य भी किया।

साफा बांधने और तिलक प्रतियोगिता में विदेशी जोड़ों की प्रतिभा

क्रिकेट के बाद अगला आकर्षण रहा साफा बांधने और तिलक प्रतियोगिता, जिसमें विदेशी पर्यटकों ने राजस्थान की पारंपरिक पगड़ी बांधने की कला को बड़े उत्साह के साथ अपनाया। इस प्रतियोगिता में अर्जेंटीना से आए कपल पाब्लो और कोस्टा ने केवल 15 सेकंड में साफा बांधकर पहला स्थान हासिल किया। रूस के कपल निकों और युगा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि तीसरा स्थान कनाडा के जो और फ्रांसीसी कपल को मिला। इन सभी विजेताओं को ग्राउंड में सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में 10 से अधिक विदेशी कपल्स ने भाग लिया, जिनमें अमेरिका, जर्मनी, अर्जेंटीना, कनाडा, इटली, स्पेन और फ्रांस जैसे देशों से आए प्रतिभागी शामिल थे। इस आयोजन ने राजस्थान की लोक परंपरा और विदेशी संस्कृति के सुंदर संगम की झलक प्रस्तुत की।

मूंछ प्रतियोगिता में छाया राजस्थानी अंदाज़

दिन का सबसे बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम था मूंछ प्रतियोगिता, जिसने पूरे मेला मैदान में उत्सव का माहौल बना दिया। इस प्रतियोगिता में कुल 33 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें राजस्थान के विभिन्न हिस्सों के साथ अन्य राज्यों से भी प्रतिभागी पहुंचे। प्रतियोगिता में मारवाड़ और मेवाड़ क्षेत्र के प्रतिभागियों का दबदबा रहा। इनमें रेलवे कर्मचारी, बैंक अधिकारी, नर्सिंग स्टाफ, शिक्षक और पीटीआई सहित कई पेशेवर शामिल हुए। प्रतियोगिता का खास आकर्षण बना एक रेलवे कर्मचारी, जिसकी 80 इंच लंबी मूंछें थीं। उसने अपनी मूंछों से तीर-बाण चलाकर दर्शकों को हैरान कर दिया। कई प्रतिभागी पारंपरिक राजस्थानी पोशाक और लाखों की ज्वैलरी पहनकर आए थे। प्रतियोगिता के विजेता की घोषणा शाम को मेला ग्राउंड में की जाएगी।

सांस्कृतिक उत्सव: शाम को होगी सरोवर आरती और बॉलीवुड नाइट

पुष्कर मेले का हर दिन नई ऊर्जा और विविधता लेकर आता है। आज शाम सरोवर किनारे भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद मेला ग्राउंड में बॉलीवुड नाइट होगी, जिसमें मशहूर गायक रूप कुमार राठौड़ और सोनाली राठौड़ अपनी मनमोहक प्रस्तुति देंगे। संगीत, रोशनी और श्रद्धा का यह संगम पुष्कर के पवित्र वातावरण को और भी आस्था व उल्लास से भर देगा।

कलेक्टर का बयान: अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

इसी बीच मेले के दौरान सोशल मीडिया पर पशुओं की बीमारी और मौत की झूठी खबरें फैलने लगीं। इस पर बाड़मेर जिला कलेक्टर लोकबंधु ने कहा कि “ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करें। पशुपालन विभाग और प्रशासन की टीम लगातार निगरानी कर रही है। किसी भी पशु की असामान्य मौत का मामला सामने नहीं आया है।” कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस तरह के फर्जी वीडियो या भ्रामक खबरें साझा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुष्कर मेला देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है और प्रशासन इसकी गरिमा बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पुष्कर फेयर: संस्कृति, श्रद्धा और पर्यटन का संगम

इंटरनेशनल पुष्कर फेयर हर साल लाखों देसी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां पशु व्यापार, धार्मिक स्नान, लोकनृत्य, हस्तशिल्प प्रदर्शन, ऊंट और घोड़ा सजावट प्रतियोगिताएं जैसे आयोजन राजस्थान की पारंपरिक पहचान को विश्व स्तर पर प्रस्तुत करते हैं। इस वर्ष के कार्यक्रमों में भी वही रंग दिखाई दे रहे हैं — लोक संस्कृति की छटा, संगीत की मिठास और परंपरा की गरिमा। मूंछ, साफा और क्रिकेट जैसे आयोजनों ने जहां मनोरंजन का पुट दिया, वहीं महाआरती और बॉलीवुड नाइट जैसे आयोजन श्रद्धा और कला का संगम बने हुए हैं।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading