शोभना शर्मा। जयपुर के मानसरोवर इलाके में स्थित प्रतिष्ठित नीरजा मोदी स्कूल में सोमवार को हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को हिला दिया। स्कूल की चौथी मंज़िल से चौथी कक्षा की छात्रा अमायरा के गिरने के मामले में अब पुलिस ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। घटना के बाद अमायरा को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह मामला अब स्कूल सुरक्षा, प्रबंधन की जिम्मेदारी और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य जैसे कई गंभीर सवालों को जन्म दे रहा है।
स्कूल प्रबंधन, परिजनों और सहपाठियों से पूछताछ
पुलिस ने सोमवार को इस मामले में कई स्तरों पर जांच शुरू की। सबसे पहले स्कूल प्रबंधन से विस्तृत बयान लिए गए। इसके अलावा, पुलिस अधिकारियों ने अमायरा के परिजनों से भी बात की ताकि यह समझा जा सके कि घटना से पहले बच्ची के व्यवहार या दिनचर्या में कोई असामान्य परिवर्तन तो नहीं था। पुलिस ने अमायरा की कक्षा में पढ़ने वाले कुछ बच्चों से भी पूछताछ की है। इन बच्चों से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले कक्षा में क्या हुआ था और अमायरा की मानसिक स्थिति कैसी थी।
पुलिस ने शुरू की मनोवैज्ञानिक जांच
पुलिस इस मामले को केवल दुर्घटना के रूप में नहीं देख रही। डीसीपी साउथ राजऋषि के अनुसार, अब जांच में मनोवैज्ञानिकों की टीम को भी शामिल किया गया है, जो यह समझने की कोशिश कर रही है कि बच्ची ने ऐसा कदम क्यों उठाया। अमायरा पढ़ाई में बेहद तेज और समझदार मानी जाती थी। टीचर्स के अनुसार, वह हमेशा सक्रिय रहती थी और स्कूल की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी। ऐसे में यह सवाल और गहराता जा रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि इतनी समझदार बच्ची ने चौथी मंज़िल से छलांग लगा दी?
परिजनों के आरोपों पर एफआईआर दर्ज
परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि स्कूल ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की और घटना के बाद उन्हें तुरंत जानकारी नहीं दी गई। परिवार का यह भी आरोप है कि स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। डीसीपी राजऋषि ने बताया कि, “सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। स्कूल प्रबंधन अब जांच में सहयोग कर रहा है। शुरुआती जांच में कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं जिन्हें सत्यापित किया जा रहा है।”
सुरक्षा मानकों की जांच भी शुरू
घटना के बाद शिक्षा विभाग और पुलिस दोनों ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच शुरू की है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि चौथी मंज़िल की रेलिंग और कॉरिडोर क्षेत्र में सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं थे। इस मामले ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है। मानसरोवर के कई अभिभावकों ने कहा है कि अगर इतने प्रतिष्ठित स्कूल में सुरक्षा में चूक हो सकती है, तो बाकी संस्थानों की स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
सीसीटीवी फुटेज से मिल रहे सुराग
पुलिस को घटना से जुड़े कई नए सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं। इन फुटेज को अलग-अलग एंगल से खंगाला जा रहा है। पुलिस के अनुसार, फुटेज से यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि घटना के समय अमायरा अकेली थी या कोई और भी आसपास मौजूद था। साथ ही, फुटेज में यह भी देखा जा रहा है कि घटना से पहले बच्ची किस दिशा में गई थी और क्या किसी शिक्षक या छात्र से उसकी बातचीत हुई थी। इन रिकॉर्डिंग्स से जांच में अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।
अमायरा का व्यवहार और पृष्ठभूमि
अमायरा के शिक्षकों और दोस्तों ने बताया कि वह कक्षा की सबसे सक्रिय और होनहार छात्रा थी। वह हमेशा अच्छे अंक लाती थी और अपने व्यवहार से सभी का दिल जीत लेती थी। पुलिस अब उसके क्लासरूम में व्यवहार, टीचर्स के साथ संबंध, और घर में परिजनों के साथ बातचीत के आधार पर यह समझने की कोशिश कर रही है कि कहीं किसी मानसिक दबाव या स्कूल के तनाव का असर तो नहीं पड़ा।
परिवार और शहर में गहरा शोक
घटना के बाद से ही जयपुर में मातम का माहौल है। अमायरा के परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और अगर स्कूल प्रशासन की लापरवाही साबित होती है तो सख्त कार्रवाई की जाए। शहर के कई अभिभावकों और समाजसेवी संगठनों ने भी स्कूलों में सुरक्षा और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की मांग की है।
पुलिस ने कहा – जल्द होगा पूरा सच सामने
डीसीपी राजऋषि ने कहा कि जांच के सभी पहलुओं पर समानांतर काम किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी, मनोवैज्ञानिक रिपोर्ट और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जल्द ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी। लेकिन जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।


