शोभना शर्मा। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। सोमवार को जोधपुर और उसके आसपास के इलाकों में अचानक मौसम ने करवट ली। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और शाम होते-होते कई हिस्सों में तेज बारिश दर्ज की गई। यह बारिश न केवल शहर के मौसम को बदल गई बल्कि तापमान में भी गिरावट का संकेत दे गई। सुबह से ही आसमान में घने बादलों का डेरा था। सूर्य की किरणें दिनभर मुश्किल से झांक पाईं। उमस भरे वातावरण में लोगों को गर्मी और चिपचिपाहट का अनुभव हुआ। जैसे-जैसे दिन बढ़ा, बादल और घने होते गए और शाम के समय अचानक तेज बरसात शुरू हो गई।
जोधपुर में शाम को हुई झमाझम बारिश
सोमवार शाम करीब छह बजे जोधपुर शहर के कई इलाकों में झमाझम बारिश शुरू हुई। हवा के साथ आई बारिश ने कुछ ही मिनटों में सड़कों को पानी से भर दिया। शहर के प्रमुख मार्गों जैसे चौपासनी रोड, पावटा, सरदारपुरा और बनाड़ क्षेत्र में तेज बारिश से जलभराव की स्थिति बन गई। वाहन चालकों को गड्ढों और पानी से भरी सड़कों पर सावधानीपूर्वक चलना पड़ा। ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई। कुछ स्थानों पर वाहन बंद पड़ने से जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। हालांकि बारिश से तापमान में हल्की गिरावट आई और उमस भरे मौसम से राहत मिली। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार गर्मी और उमस से परेशान थे, लेकिन अचानक हुई इस बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया।
निचले इलाकों में जलभराव, बढ़ी उमस
तेज बारिश के चलते शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। पावटा, शास्त्री नगर, और जालोरी गेट क्षेत्र में नालियों से पानी बाहर आने लगा। नगर निगम की टीमें रात तक जलनिकासी में जुटी रहीं। बारिश के बावजूद बादलों का डेरा बना रहा, जिससे उमस का स्तर फिर बढ़ गया। कई क्षेत्रों में हवा की रफ्तार धीमी रहने के कारण नमी वातावरण में बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति मंगलवार तक बनी रहेगी।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
जयपुर स्थित भारतीय मौसम विभाग (IMD) के केंद्र ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय है। इसका असर राजस्थान के पश्चिमी और उत्तरी जिलों में सबसे ज्यादा रहेगा। मौसम विभाग ने जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, नागौर, बीकानेर और अजमेर जिलों के लिए मंगलवार तक हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पश्चिमी विक्षोभ मंगलवार शाम तक सक्रिय रहेगा। इसके बाद धीरे-धीरे इसका असर कम होगा और मौसम साफ होने लगेगा। बुधवार से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
तापमान में गिरावट और सर्दी की शुरुआत
मौसम विभाग के मुताबिक, जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ गुजर जाएगा, प्रदेश में उत्तरी हवाएं चलने लगेंगी। इन हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। सप्ताह के अंत तक राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों — जैसे जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर — में रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने की संभावना है। इसका मतलब है कि नवंबर के पहले सप्ताह में ही हल्की सर्दी का एहसास शुरू हो जाएगा। जोधपुर, अजमेर और जयपुर में भी सुबह और रात के समय ठंडी हवाएं चलने लगेंगी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले सप्ताह तक तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी।
समदड़ी और आसपास के क्षेत्रों में भी बदला मौसम
जोधपुर जिले के समदड़ी कस्बे में भी सोमवार दोपहर को मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर करीब दो बजे घने बादलों का जमघट हुआ और कुछ ही देर में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। यह बूंदाबांदी करीब आधे घंटे तक जारी रही, जिससे क्षेत्र का तापमान घट गया और वातावरण खुशनुमा हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर तक धूप और उमस बनी हुई थी, लेकिन जैसे ही बादलों ने डेरा जमाया, हवा में ठंडक घुल गई। समदड़ी के अलावा आस-पास के गांवों — जैसे कुंभालगढ़, राणाबाड़ी और बगड़ी — में भी हल्की वर्षा दर्ज की गई।
किसानों को मिली राहत, पर चिंता भी बरकरार
इस बारिश से किसानों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ी है। रबी फसलों की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए यह वर्षा उपयोगी साबित होगी। हालांकि लगातार उमस और बादलों के कारण कुछ किसानों ने चिंता भी जताई है कि अगर अगले कुछ दिनों में सूरज नहीं निकला तो बुवाई में देरी हो सकती है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि यह बरसात हल्की है और फसलों को नुकसान की संभावना नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बाद मौसम साफ होने से खेतों में कामकाज फिर सामान्य हो जाएगा।
मौसम विशेषज्ञों की सलाह
मौसम विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि आने वाले कुछ दिनों तक लोगों को रात के समय हल्के गर्म कपड़े पहनने की शुरुआत करनी चाहिए। सुबह और शाम के समय ठंडी हवाओं के कारण स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों को सावधानी बरतनी चाहिए। मौसम विभाग ने बताया कि नवंबर के दूसरे सप्ताह से राजस्थान में न्यूनतम तापमान लगातार गिरने की संभावना है। सर्दी का असर पहले पश्चिमी जिलों में और बाद में जयपुर, कोटा और उदयपुर तक फैल जाएगा।


