शोभना शर्मा। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को आज गहरा व्यक्तिगत आघात पहुंचा है। उनकी पत्नी इंद्रा देवी का जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्थमा और श्वसन संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। सोमवार दोपहर मेडिकल आईसीयू में उन्होंने अंतिम सांस ली। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी हालत पिछले कुछ दिनों से लगातार गंभीर बनी हुई थी। राजनीतिक गलियारों में यह खबर फैलते ही शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्य, विधायक और अनेक राजनीतिक दलों के नेताओं ने वासुदेव देवनानी के प्रति संवेदना प्रकट की है।
बेहोश होने के बाद घर से अस्पताल ले जाई गईं
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले इंद्रा देवी घर पर अचानक बेहोश हो गईं थीं। परिजनों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्रारंभिक उपचार के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल रेफर कर दिया। जयपुर पहुंचने के बाद उन्हें अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट से मेडिकल आईसीयू में शिफ्ट किया गया। चिकित्सकों की एक विशेष टीम उनके इलाज में जुटी थी। जांच के दौरान अस्थमा और अन्य फेफड़ों की समस्याएं सामने आईं। इलाज जारी था, लेकिन सोमवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्होंने दम तोड़ दिया।
सेवानिवृत्त शिक्षिका थीं इंद्रा देवी
इंद्रा देवी शिक्षण क्षेत्र से जुड़ी रही थीं। वे एक सरकारी स्कूल में अध्यापिका रहीं और सेवा निवृत्ति के बाद भी शिक्षा और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं। उनके सहयोगी और पूर्व छात्र उन्हें एक संवेदनशील और अनुशासनप्रिय शिक्षिका के रूप में याद करते हैं। लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझने के बावजूद उन्होंने अपने परिवार और समाज के लिए समय निकालना जारी रखा। वे धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं और अजमेर में कई सामाजिक कार्यक्रमों से भी जुड़ी रही थीं।
वासुदेव देवनानी का पारिवारिक और राजनीतिक सफर
वासुदेव देवनानी का जन्म 12 जनवरी 1948 को अजमेर में हुआ था। उन्होंने अजमेर से ही उच्च शिक्षा प्राप्त की और छात्र राजनीति के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े। 1974 में उन्होंने इंद्रा देवी से विवाह किया। दोनों का पारिवारिक जीवन सादगी और सामाजिक समर्पण का उदाहरण रहा। उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं, जो उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं।
देवनानी की राजनीतिक यात्रा लम्बी और सक्रिय रही है। वे अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक रहे हैं। शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने राजस्थान में कई शैक्षणिक सुधार लागू किए। वर्ष 2023 में उन्हें राजस्थान विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया। अपने सादगीपूर्ण जीवन और संगठनात्मक कौशल के कारण वे सभी राजनीतिक दलों में सम्मानित माने जाते हैं।
राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर
इंद्रा देवी के निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता, मंत्रिगण, पूर्व मुख्यमंत्री और विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेताओं ने वासुदेव देवनानी से संपर्क कर संवेदना व्यक्त की। अजमेर और जयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और समाजसेवियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि “इंद्रा देवी एक संवेदनशील और समाजसेवी महिला थीं। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान सराहनीय रहा। ईश्वर उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करे।” वहीं, विधानसभा सचिवालय की ओर से भी आधिकारिक शोक संदेश जारी किया गया, जिसमें विधानसभा की कार्यवाही के दौरान दो मिनट का मौन रखने की संभावना जताई गई है।
अंतिम संस्कार की तैयारी
परिवार सूत्रों के अनुसार, इंद्रा देवी का पार्थिव शरीर जयपुर से अजमेर लाया जाएगा, जहां मंगलवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। अजमेर में उनके निवास स्थान पर सुबह से ही लोगों का आना-जाना शुरू हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के स्थानीय नेता, शिक्षक संघ के प्रतिनिधि और आमजन श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। अजमेर के कई स्कूलों ने भी इंद्रा देवी की स्मृति में शोक सभा आयोजित करने की घोषणा की है।
वासुदेव देवनानी के लिए यह व्यक्तिगत क्षति बेहद गहरी मानी जा रही है। लंबे समय से पत्नी की बीमारी के दौरान वे लगातार जयपुर और अजमेर के बीच आना-जाना करते रहे। परिवार के नजदीकी सूत्रों के मुताबिक, देवनानी ने राजनीतिक कार्यक्रमों से भी दूरी बनाकर पत्नी के इलाज पर पूरा ध्यान दिया था।
शिक्षा जगत ने भी जताया शोक
राजस्थान के शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों ने इंद्रा देवी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पूर्व शिक्षकों ने उन्हें एक आदर्श अध्यापिका बताते हुए कहा कि उन्होंने विद्यार्थियों के बीच अनुशासन, संस्कार और मेहनत की मिसाल कायम की थी। राजस्थान शिक्षक संघ ने एक बयान जारी कर कहा कि “इंद्रा देवी जैसी शिक्षिकाएं समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका निधन शिक्षा जगत की अपूरणीय क्षति है।”


