मनीषा शर्मा। राजस्थान की तीर्थ नगरी पुष्कर में देव प्रबोधिनी एकादशी के पवित्र अवसर पर रविवार सुबह से पंचतीर्थ स्नान की शुरुआत हो गई है। इसी के साथ विश्व प्रसिद्ध पुष्कर धार्मिक मेला 2025 का शुभारंभ हुआ, जो आगामी 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के महास्नान के साथ संपन्न होगा। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं ने सरोवर में आस्था की डुबकी लगाकर पंचतीर्थ स्नान आरंभ किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जगत पिता ब्रह्मा जी ने कार्तिक शुक्ल एकादशी से पूर्णिमा तक पुष्कर सरोवर में सृष्टि यज्ञ किया था। ऐसा माना जाता है कि इस अवधि में स्वयं ब्रह्माजी और 33 कोटि देवी-देवता सरोवर में विद्यमान रहते हैं। इसलिए इस अवधि में स्नान करने से अक्षय पुण्य फल की प्राप्ति होती है। पंचतीर्थ स्नान को भीष्म पंच स्नान भी कहा जाता है।
भक्तों का जनसैलाब और आध्यात्मिक यात्रा का शुभारंभ
देव प्रबोधिनी एकादशी के अवसर पर पुष्कर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से आए लाखों श्रद्धालु 52 घाटों पर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। वहीं, गुरुद्वारा पुष्कर से आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत हुई, जो नए रंगजी मंदिर से होती हुई मेल स्टेडियम तक पहुंची। इस यात्रा में साधु-संतों, धार्मिक संस्थानों और शिक्षण संगठनों की झांकियां आकर्षण का केंद्र बनीं। झांकियों में धार्मिक विषयों पर सजावट की गई, वहीं राजस्थानी लोक कलाकारों ने नृत्य और कीर्तन से भक्तिमय माहौल बना दिया। यात्रा का विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा और मंत्रोच्चारण के साथ स्वागत किया गया। राजस्थान सरकार में मंत्री सुरेश सिंह रावत ने यात्रा की शुरुआत की और कहा कि सरकार ने इस बार मेले के लिए विशेष इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालुओं और सैलानियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मेला ग्राउंड में ऊंट-घोड़ों की रौनक, देश-विदेश के सैलानी जुटे
पुष्कर मेला ग्राउंड में देशी-विदेशी सैलानियों का तांता लगना शुरू हो गया है। देश के विभिन्न राज्यों जैसे गुजरात, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, दिल्ली, नागालैंड, मणिपुर, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बंगाल और गोवा से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। साथ ही, 60 से अधिक देशों के पर्यटक पुष्कर पहुंचे हैं। अमेरिका, इंग्लैंड, जापान, कोरिया, फ्रांस, इटली, इसराइल, अफ्रीका, पोलैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से आए हजारों विदेशी पर्यटक भारतीय संस्कृति का अनुभव कर रहे हैं। धोरों और घाटों के आस-पास कैमरों की फ्लैश और लोक संगीत की धुनों से पूरा वातावरण जीवंत हो उठा है। मेला ग्राउंड में ऊंट और घोड़े की सवारी विदेशी सैलानियों के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई है। पशुपालकों ने यहां अपने डेरा डाल दिए हैं, और पर्यटक पारंपरिक सवारी का आनंद लेने के साथ-साथ फोटोशूट करते नजर आ रहे हैं।
आस्था की डुबकी और पिंडदान से गूंजे घाट
रविवार को स्नान के पहले दिन ही एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। 52 घाटों पर पूजा-अर्चना और दीपदान का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। मध्य प्रदेश के सागर जिले से आए श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों के निमित्त पिंडदान किया। धार्मिक मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने भी अपने पिता राजा दशरथ के लिए पुष्कर सरोवर पर पिंडदान किया था, जिससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। इसी परंपरा को निभाते हुए आज भी लाखों श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पुष्कर पहुंचते हैं।
प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा, घाटों पर अलर्ट व्यवस्था
सरोवर में इस बार पानी का स्तर अधिक होने से प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें 52 घाटों पर तैनात हैं। महिलाओं की गोपनीयता बनाए रखने के लिए घाटों पर फोटोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा, पुलिस बल और स्वयंसेवक लगातार भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सहायता कार्यों में जुटे हुए हैं। जिला प्रशासन ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरोवर के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे, घोषणा प्रणाली और आपातकालीन चिकित्सा टीमों को भी तैनात किया गया है।
सांस्कृतिक संध्या में कबीर वाणी की गूंज
शनिवार की शाम मेला स्टेडियम पुष्कर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रसिद्ध बैंड कबीर कैफे ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य गायक नीरज आर्य ने कबीर के दोहों पर आधारित गीतों — “चदरिया झीनी रे झीनी,” “मन लागो मेरो यार फकीरी में,” “मोक्को कहां ढूंढे रे बंदे,” और “वारी जाऊं रे सतगुरु आंगन आया” — से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर कलेक्टर लोकबंधु, एडीएम ज्योति ककवानी, और बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी मौजूद रहे। इससे पहले अजमेर के विशाल माथुर और मुंबई के अली गनी ने भी अपनी प्रस्तुति दी। पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल भक्तिमय और सूफियाना रंगों से सरोबार रहा।
मंत्री सुरेश रावत ने किया मेले का उद्घाटन
राजस्थान सरकार के मंत्री सुरेश सिंह रावत ने पुष्कर मेले के उद्घाटन अवसर पर कहा कि “राज्य सरकार ने इस बार मेले को भव्य रूप देने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में सभी विभागों ने मिलकर व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया है।” उन्होंने कहा कि पुष्कर का यह धार्मिक मेला न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश की आस्था और संस्कृति का प्रतीक है।


