मनीषा शर्मा। जोधपुर जिले में फोटोयुक्त मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम की तैयारियां प्रशासनिक स्तर पर तेज हो गई हैं। निर्वाचन विभाग जयपुर से मिले निर्देशों के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने जिलेभर में इस कार्य को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए कई अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। कलेक्टर अग्रवाल ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया के इस महत्वपूर्ण चरण में पारदर्शिता, समयबद्धता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभिन्न प्रकोष्ठों के लिए अधिकारियों की नियुक्ति
निर्वाचन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जोधपुर में नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी, तकनीकी अधिकारी और सहायक तकनीकी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इन नियुक्तियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के प्रत्येक क्षेत्र में मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य सुचारू रूप से हो और मतदाताओं के नाम, पते व फोटो जैसी जानकारियां सही ढंग से अद्यतन की जा सकें। कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक प्रकोष्ठ के अधिकारी अपने कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग करें, ताकि निर्वाचन कार्यों में किसी प्रकार की देरी या त्रुटि की संभावना न रहे।
एक्टिविटीज एंड मॉनिटरिंग प्रकोष्ठ में प्रमुख अधिकारियों की जिम्मेदारी
एक्टिविटीज एंड मॉनिटरिंग प्रकोष्ठ की कमान नगर निगम आयुक्त और अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंपी गई है। इसके साथ ही जिला रसद अधिकारी (प्रथम) को सहायक नोडल अधिकारी, संयुक्त निदेशक (सांख्यिकी) को तकनीकी अधिकारी और उप निदेशक (एसीपी) को सहायक तकनीकी अधिकारी बनाया गया है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना होगी कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की निगरानी हो और किसी भी गड़बड़ी या देरी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाए।
जनरल और अकाउंट प्रकोष्ठ के लिए भी टीम गठित
जनरल एंड अकाउंट प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम (प्रथम) को सौंपी गई है। उनके सहयोग के लिए मुख्य लेखा अधिकारी, एनआईसी के जिला सूचना वैज्ञानिक, और आईटी विभाग के उप निदेशक को तकनीकी सहायता की जिम्मेदारी दी गई है। यह टीम वित्तीय और तकनीकी पहलुओं का समन्वय सुनिश्चित करेगी ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी या धनराशि के दुरुपयोग की संभावना न रहे।
स्वीप और मीडिया प्रकोष्ठ के लिए अलग व्यवस्था
स्वीप (SVEEP) प्रकोष्ठ, जो मतदाताओं को जागरूक करने और मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर केंद्रित है, की जिम्मेदारी जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को दी गई है। वहीं, मीडिया और टेस्टिमोनियल जनरेशन प्रकोष्ठ के लिए सहायक कलेक्टर (फास्ट ट्रैक) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी (DIPR) और सहायक जनसंपर्क अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो मीडिया समन्वय और प्रचार गतिविधियों की निगरानी करेंगे। कलेक्टर ने कहा कि जनता तक सही और समय पर सूचना पहुंचना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए आवश्यक है, इसलिए मीडिया प्रकोष्ठ की भूमिका अत्यंत अहम होगी।
प्रशिक्षण और चुनावी सामग्री प्रकोष्ठ भी सक्रिय
ट्रेनिंग प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी एडीएम (शहर प्रथम) को दी गई है। यह टीम सुनिश्चित करेगी कि सभी निर्वाचन अधिकारी, बीएलओ (BLOs), और संबंधित स्टाफ को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाए। वहीं, इलेक्शन स्टोर प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी जिला रसद अधिकारी (द्वितीय) को सौंपी गई है, जो चुनावी सामग्री की उपलब्धता और वितरण की निगरानी करेंगे। कलेक्टर अग्रवाल ने निर्देश दिए कि सभी प्रकोष्ठ एक-दूसरे के साथ समन्वय बनाकर काम करें और अपने-अपने क्षेत्र की साप्ताहिक रिपोर्ट जिला निर्वाचन कार्यालय को सौंपें।
मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर
कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने प्रकोष्ठों के कार्यों पर नजर रखें और किसी भी प्रकार की शिकायत या त्रुटि को तुरंत दूर करें।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि फोटोयुक्त मतदाता सूची का यह पुनरीक्षण कार्य लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने वाला कदम है। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही रूप से दर्ज हो सके।


