मनीषा शर्मा। जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें छठी कक्षा की छात्रा अमायरा (12 वर्ष) की चौथी मंजिल से गिरने से मौत हो गई। यह घटना दोपहर करीब 1:30 बजे की बताई जा रही है। छात्रा ने स्कूल की चौथी मंजिल से नीचे झाड़ियों की ओर छलांग लगा दी, जहां गिरने के बाद उसका सिर दीवार से टकराया। जोरदार आवाज सुनकर स्कूल स्टाफ मौके पर पहुंचा और तुरंत छात्रा को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर बोले – “बॉडी की हालत देखकर हम भी घबरा गए”
अमायरा को मेट्रो मास हॉस्पिटल लाया गया था। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि जब बच्ची को वहां लाया गया, तब उसकी सांसें लगभग थम चुकी थीं। डॉक्टरों ने कहा कि छात्रा की बॉडी की हालत बेहद खराब थी – पसलियां टूटकर अंदरूनी अंगों में घुस गई थीं, जिससे शरीर में हवा भर गई थी और सूजन आ गई थी। सिर पर गहरी चोट और भारी ब्लीडिंग भी हुई थी। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की हालत देखकर पूरा स्टाफ घबरा गया था।
परिवार में मचा कोहराम, मां बोलीं – “मेरी बच्ची को गोद में दे दो”
अमायरा के पिता विजय देव एलआईसी में कार्यरत हैं जबकि मां शिबानी देव बैंक ऑफ बड़ौदा, मालवीयनगर शाखा में चीफ मैनेजर हैं। परिवार मानसरोवर द्वारका अपार्टमेंट में रहता है। हादसे की खबर सुनते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां का माहौल बेहद भावनात्मक हो गया।
मां शिबानी देव बार-बार रोते हुए डॉक्टरों से कह रही थीं – “मेरी बच्ची को गोद में दे दो, मुझे और कुछ नहीं चाहिए। मेरी बेटी को कहीं से भी मुझे लौटा दो।” उनकी चीखें पूरे अस्पताल में गूंज रही थीं। वहीं पिता विजय देव पूरी तरह से खामोश और बेसुध बैठे रहे।
सीसीटीवी फुटेज में दिखी बच्ची, रेलिंग पर बैठने के बाद कूदी
पुलिस के अनुसार, छात्रा की कक्षा ग्राउंड फ्लोर पर थी, लेकिन वह किसी कारणवश चौथी मंजिल पर चली गई थी। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि अमायरा अकेले चौथी मंजिल पर गई, कुछ सेकंड तक रेलिंग पर बैठी रही, फिर नीचे कूद गई। पुलिस को अंदेशा है कि बच्ची करीब 47 फीट की ऊंचाई से गिरी। घटनास्थल के पास ही सीसीटीवी कैमरा लगा था, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है और फुटेज की जांच चल रही है।
स्कूल प्रशासन पर सबूत मिटाने के आरोप
हादसे के तुरंत बाद स्कूल प्रशासन ने घटनास्थल की सफाई करवा दी। झाड़ियों में और दीवारों पर लगे खून के धब्बों को मिटा दिया गया। जबकि कानूनी रूप से ऐसी स्थिति में सबूतों को सुरक्षित रखना जरूरी होता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई जांच में बाधा डाल सकती है।
सीआई लखन खटाना ने बताया कि पुलिस की एक टीम स्कूल में और एक टीम अस्पताल में जांच कर रही है। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम ने भी मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं। हालांकि जब स्कूल द्वारा सबूत मिटाने के सवाल पर उनसे पूछा गया, तो उन्होंने कहा – “इसकी जांच करवा लेंगे।”
शिक्षा मंत्री ने दी जांच के आदेश
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा, “जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में हुई यह घटना अत्यंत दुखद है। मैंने जयपुर के शिक्षा अधिकारी को तुरंत जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
अभिभावक संघ ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
अभिभावक संघ के संयुक्त सचिव अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि यह हादसा बेहद दर्दनाक है और स्कूल प्रशासन को सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए। स्कूलों में ऐसी घटनाएं यह सवाल उठाती हैं कि बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं या नहीं।
पोस्टमॉर्टम जारी, परिवार सदमे में
अमायरा का पोस्टमॉर्टम जयपुरिया हॉस्पिटल में किया जा रहा है। वहां पिता विजय देव और अन्य परिजन मौजूद हैं। परिवार गहरे सदमे में है और बार-बार यही सवाल कर रहा है कि आखिर उनकी मासूम बेटी के साथ यह कैसे हुआ।


