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मुख्यमंत्री शर्मा ने जारी की 1,012 करोड़ की राहत राशि, बाढ़ और अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की होगी मरम्मत

मुख्यमंत्री शर्मा ने जारी की 1,012 करोड़ की राहत राशि, बाढ़ और अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की होगी मरम्मत

शोभना शर्मा।  राजस्थान में हाल ही में हुई भारी वर्षा और बाढ़ ने प्रदेश के अनेक जिलों में सड़कों, पुलों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य सरकारी परिसंपत्तियों को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया था। अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के पुनर्निर्माण और जनसुविधाओं की बहाली के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने 1,012 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि को मंजूरी दी है, जो राज्यभर में 50,288 परिसंपत्तियों की तात्कालिक मरम्मत पर खर्च की जाएगी। इस निर्णय से राज्य में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि जनता को शीघ्र राहत मिल सके।

सार्वजनिक निर्माण, शिक्षा और महिला-बाल विकास विभाग को मिला सबसे बड़ा हिस्सा

राज्य सरकार द्वारा जारी वित्तीय स्वीकृति के अनुसार, सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) को सबसे अधिक राशि आवंटित की गई है। इस विभाग के अंतर्गत 14,212 सड़कों और 1,161 पुलियाओं की मरम्मत की जाएगी, जिस पर 294 करोड़ रुपये का व्यय होगा। इसके अलावा, शिक्षा विभाग के लिए भी एक बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। विभाग की 24,531 परिसंपत्तियों की मरम्मत के लिए 487 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें स्कूल भवन, शौचालय, कंपाउंड वॉल, और बिजली-सुविधाओं की मरम्मत शामिल है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आने वाले 7,911 आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत पर 173 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन आंगनबाड़ी केंद्रों को जल्द से जल्द पुन: चालू किया जाए ताकि बच्चों और महिलाओं को राहत मिल सके।

अन्य विभागों में भी हुआ फंड आवंटन

राज्य के अन्य विभागों को भी परिसंपत्तियों की मरम्मत हेतु राशि दी गई है —

  • जल संसाधन विभाग: 902 परिसंपत्तियों की मरम्मत पर 19 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। इसमें डैम, एनीकट और नहरों की संरचनात्मक मरम्मत शामिल है।

  • चिकित्सा विभाग: 681 परिसंपत्तियों (स्वास्थ्य केंद्र, अस्पताल भवन) की मरम्मत पर 12 करोड़ 80 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

  • पंचायतीराज विभाग: ग्रामीण स्तर पर पंचायत भवन और सामुदायिक परिसंपत्तियों की मरम्मत के लिए 19 करोड़ 39 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।

  • जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED): 17 परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण के लिए भी राशि स्वीकृत की गई है।

जिलावार स्वीकृत राशि का वितरण

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, राज्य के सभी जिलों में परिसंपत्तियों के नुकसान के आधार पर राशि का आवंटन किया गया है। नीचे प्रमुख जिलों की स्वीकृत राशि (रुपयों में करोड़) दी गई है —

जिलास्वीकृत राशिजिलास्वीकृत राशि
जयपुर60.57जोधपुर42.09
कोटा39.41उदयपुर40.88
टोंक51.15जालोर51.75
नागौर55.45बूंदी42.18
बारां25.42पाली12.15
बीकानेर19.79राजसमंद29.18
डूंगरपुर19.88सिरोही25.02
दौसा32.15सवाई माधोपुर23.86
बालोतरा14.70अलवर12.52
प्रतापगढ़17.19करौली24.48
बांसवाड़ा11.69भीलवाड़ा38.27
झालावाड़34.97हनुमानगढ़11.55
जैसलमेर6.35फलोदी11.28
खैरथल-तिजारा2.93डीडवाना-कुचामन24.52
चूरू25.80धौलपुर22.63
भरतपुर8.99डीग5.03

यह वितरण राज्य के प्रत्येक जिले की क्षति और प्राथमिकता के आधार पर किया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिलों को आवंटित राशि का उपयोग पारदर्शिता के साथ किया जाए और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

राहत कार्यों में आएगी तेजी, जनता को मिलेगी राहत

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस निर्णय को प्रदेश की जनता के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस राशि से न केवल क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत होगी, बल्कि यह स्थानीय रोजगार भी सृजित करेगा। मरम्मत कार्यों में स्थानीय श्रमिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा — “यह निर्णय केवल पुनर्निर्माण का नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सामान्य स्थिति लाने का प्रयास है। राज्य सरकार हर संभव कदम उठा रही है ताकि कोई भी प्रभावित व्यक्ति राहत से वंचित न रहे।”

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