मनीषा शर्मा। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए एकेडमिक वर्ष 2025-26 के लिए नया MBBS सीट मैट्रिक्स जारी किया है। नए अपडेट के अनुसार, देशभर के मेडिकल कॉलेजों में कुल MBBS सीटों की संख्या अब 1,28,875 हो गई है। यह पिछले वर्ष (2024-25) की तुलना में 11,125 सीटों की वृद्धि को दर्शाता है। हालांकि, पहले जारी रिवाइज्ड लिस्ट में सीटें 11,400 बढ़ाई गई थीं, जिन्हें अब 50 सीटें घटाकर संशोधित किया गया है। एनएमसी ने बताया कि यह सुधार मुख्य रूप से टाइपिंग एरर को ठीक करने के बाद किया गया है। नई लिस्ट में 456 सीटें हटाई गईं, जिससे कुल अंतर घटकर 11,125 रह गया। यह अपडेट एनएमसी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसे सभी मेडिकल संस्थान और छात्र देख सकते हैं।
देशभर में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 819 तक पहुंची
NMC के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में अब कुल 819 मेडिकल कॉलेज हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 706 थी। यानी एक वर्ष में 113 नए मेडिकल कॉलेज जोड़े गए हैं। इनमें सरकारी और निजी दोनों संस्थान शामिल हैं।
विवरण 2024-25 2025-26 अंतर कुल मेडिकल कॉलेज 706 819 +113 कुल MBBS सीटें 1,17,750 1,28,875 +11,125 यह देश में मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार लगातार स्वास्थ्य शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयास में है ताकि मेडिकल क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को पूरा किया जा सके।
राज्यवार MBBS सीटों में बड़ा बदलाव
NMC द्वारा जारी राज्यवार आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में सबसे अधिक नई सीटें जोड़ी गई हैं। वहीं, दिल्ली में 101 सीटें घटाई गईं हैं, जो इस वर्ष की सबसे बड़ी कटौती है। कुछ प्रमुख राज्यों में बदलाव इस प्रकार हैं:
कर्नाटक: 12,395 से बढ़कर 13,944 सीटें
तमिलनाडु: 12,050 से बढ़कर 13,050 सीटें
उत्तर प्रदेश: 12,475 से बढ़कर 13,425 सीटें
राजस्थान: 6,505 से बढ़कर 7,330 सीटें
महाराष्ट्र: 11,845 से बढ़कर 12,824 सीटें
वहीं दिल्ली में 1,497 से घटाकर 1,396 सीटें की गईं। इसके अलावा, असम, बिहार, हरियाणा और केरल जैसे राज्यों में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्य राज्यों में सीट वृद्धि का विश्लेषण
NMC के अनुसार, सबसे अधिक नई सीटें दक्षिण भारतीय राज्यों में जोड़ी गई हैं। इन राज्यों में मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर पहले से ही मजबूत है और नई सीटों से वहां चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार होगा।
कर्नाटक: +1,549 सीटें
तमिलनाडु: +1,000 सीटें
उत्तर प्रदेश: +950 सीटें
राजस्थान: +825 सीटें
महाराष्ट्र: +979 सीटें
इन राज्यों में नए सरकारी मेडिकल कॉलेज भी शुरू हुए हैं और कई निजी संस्थानों को मान्यता दी गई है।
एनएमसी ने क्यों घटाईं 50 सीटें
पहले जारी की गई रिवाइज्ड लिस्ट में कुल 11,400 सीटें बढ़ाने की जानकारी दी गई थी। लेकिन एनएमसी ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया कि कुछ राज्यों द्वारा गलत डेटा फीड किए जाने और टाइपिंग त्रुटियों के कारण सीटों की संख्या में अंतर आ गया था। संशोधित सूची में 456 सीटें हटाई गईं, जिससे कुल वृद्धि घटकर 11,125 सीटें रह गईं। एनएमसी के अनुसार, इस सुधार का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों की सटीक क्षमता और अनुमोदित सीटों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना है ताकि भविष्य में किसी भ्रम की स्थिति न बने।
कुल सीट वृद्धि का अर्थ: मेडिकल शिक्षा की दिशा में प्रगति
भारत में मेडिकल शिक्षा का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने मेडिकल कॉलेजों की संख्या और एमबीबीएस सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि की है। 2023-24 में जहां कुल मेडिकल कॉलेजों की संख्या 654 थी, वहीं अब यह 819 तक पहुंच गई है — यानी तीन साल में 165 नए कॉलेजों का इजाफा। यह वृद्धि न केवल मेडिकल शिक्षा में प्रवेश के अवसर बढ़ाती है, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार लाने की दिशा में बड़ा कदम है।
एनएमसी की पारदर्शिता और डिजिटल सुधार
नेशनल मेडिकल कमीशन ने इस बार सीट मैट्रिक्स जारी करने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शी बनाया है। सभी कॉलेजों को अपनी सीटें ऑनलाइन वेरिफाई करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, जिन कॉलेजों को नई सीटों के लिए स्वीकृति मिली है, उन्हें एनएमसी की वेबसाइट पर नियमित रूप से अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी और हॉस्पिटल फैसिलिटी की जानकारी अपडेट करनी होगी। एनएमसी का यह कदम मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता नियंत्रण और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।
एनएमसी द्वारा जारी 2025-26 के नए MBBS सीट मैट्रिक्स ने यह साफ कर दिया है कि भारत अब चिकित्सा शिक्षा में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। देश में कुल मेडिकल कॉलेजों की संख्या अब 819 हो चुकी है और MBBS सीटें 1,28,875 तक पहुंच गई हैं।


