latest-newsजयपुरराजनीतिराजस्थान

राजस्थान में वन विभाग के दो IFS अफसरों पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सख्ती

राजस्थान में वन विभाग के दो IFS अफसरों पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सख्ती

शोभना शर्मा। राजस्थान सरकार ने वन विभाग के दो वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक शिखा मेहरा (IFS 1993 बैच) और अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) राजेश गुप्ता (IFS 1997 बैच) के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
इन दोनों अफसरों पर मुख्यमंत्री के निर्देशों की लगातार अनदेखी करने का आरोप है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में गहरी नाराजगी जताई है और वन विभाग के अपर मुख्य सचिव को नियमानुसार कार्रवाई करने का पत्र भेजा गया है।

सीएम के आदेशों की अवहेलना बनी कार्रवाई की वजह

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में वन विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे, जिनका उद्देश्य राज्य में वन पर्यटन को बढ़ावा देना और सरकारी गेस्ट हाउसों का सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित करना था।
सीएम ने आदेश दिए थे कि:

  1. वन विभाग के सभी गेस्ट हाउस पर्यटकों के लिए खोले जाएं,

  2. और इनकी ऑनलाइन बुकिंग सुविधा तुरंत शुरू की जाए

लेकिन इन आदेशों के बावजूद, संबंधित अधिकारियों ने न तो पोर्टल तैयार करवाया और न ही गेस्ट हाउसों के रखरखाव की प्रक्रिया शुरू की। जब कुछ समय बाद फॉलो-अप मीटिंग हुई, तब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद मामला दोबारा मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने पर उन्होंने नाराजगी जताई और दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए।

वन मंत्री संजय शर्मा ने भी जताई नाराजगी

राज्य के वन मंत्री संजय शर्मा ने भी इन अधिकारियों के कामकाज को लेकर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद उन्होंने स्वयं विभागीय अधिकारियों को गेस्ट हाउसों के जीर्णोद्धार और रखरखाव की योजना तैयार करने को कहा था।

मंत्री ने बताया कि—“हमारा उद्देश्य वन विभाग के गेस्ट हाउसों को आमजन और पर्यटकों के लिए सुलभ बनाना था। लेकिन अधिकारियों ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की। बार-बार कहने के बावजूद कोई कार्य योजना प्रस्तुत नहीं की गई।” संजय शर्मा ने यह भी स्वीकार किया कि विभाग में लापरवाही और कार्य में ढिलाई की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं, जिन्हें अब सरकार गंभीरता से ले रही है।

लापरवाही के कई पुराने मामले भी खुले

वन विभाग में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। सूत्रों के अनुसार, कई बार वन्यजीव संरक्षण, पर्यटन विकास, और टाइगर रिजर्व क्षेत्रों की सुविधाओं को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।
राज्य के कई टाइगर रिजर्व जैसे— रणथंभौर, सरिस्का, मुकुंदरा और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।

सीएम ने इन कमियों को दूर करने के निर्देश पहले ही दे दिए थे, लेकिन विभागीय स्तर पर कार्रवाई न होने के कारण यह मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया। इसी के बाद कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ।

शिखा मेहरा और राजेश गुप्ता पर नजर

मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक शिखा मेहरा भारतीय वन सेवा की 1993 बैच की अधिकारी हैं। वहीं, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) राजेश गुप्ता 1997 बैच के अधिकारी हैं। दोनों ही अधिकारी लंबे समय से वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े पदों पर कार्यरत हैं।

जानकारी के अनुसार, दोनों अधिकारियों पर इससे पहले भी विभागीय कार्यों में देरी और नीतिगत निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही की शिकायतें आती रही हैं। सरकार अब दोनों के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है।

सरकार का उद्देश्य: वन्यजीव पर्यटन और पारदर्शिता में सुधार

राज्य सरकार का उद्देश्य राजस्थान में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने और विभागीय पारदर्शिता लाने का है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद कई बार कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता को सीधी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

वन विभाग के अंतर्गत आने वाले गेस्ट हाउस और रेस्ट हाउस वर्षों से केवल विभागीय उपयोग में ही आते रहे हैं। अब सरकार चाहती है कि इन्हें सार्वजनिक बुकिंग के लिए खोला जाए, ताकि आमजन और पर्यटक प्राकृतिक स्थलों का आनंद ले सकें।

मुख्यमंत्री का कहना है कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों और पर्यटन स्थलों को जनसहभागिता से जोड़ना जरूरी है। ऐसे में किसी भी अधिकारी द्वारा आदेशों की अनदेखी अस्वीकार्य है।

सरकारी मशीनरी में जवाबदेही का संदेश

वन विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों पर की गई इस कार्रवाई ने सरकारी मशीनरी में एक स्पष्ट संदेश दिया है कि मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में अन्य विभागों में भी ऐसे मामलों की समीक्षा होगी। जहां अधिकारियों ने जनता से जुड़ी योजनाओं को लागू करने में लापरवाही की है, वहां भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading