latest-newsटेक

यूट्यूब ने टर्मिनेटेड चैनलों के लिए शुरू किया दूसरा मौका प्रोग्राम — जानिए कैसे करें दोबारा शुरुआत

यूट्यूब ने टर्मिनेटेड चैनलों के लिए शुरू किया दूसरा मौका प्रोग्राम — जानिए कैसे करें दोबारा शुरुआत

मनीषा शर्मा ।  YouTube ने दुनियाभर के कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक अहम पहल की है. अगर किसी कारण से आपका चैनल पहले बंद (टर्मिनेट) कर दिया गया था, तो अब आप उसे दोबारा शुरू कर सकते हैं. यूट्यूब ने एक नया पायलट प्रोग्राम शुरू किया है, जो क्रिएटर्स को एक “दूसरा मौका” देने के लिए बनाया गया है.

पहले अगर कोई चैनल यूट्यूब की पॉलिसीज़ के उल्लंघन के चलते बंद हो जाता था, तो उसे वापस पाना लगभग नामुमकिन होता था. लेकिन अब योग्य क्रिएटर्स के लिए यह रास्ता खुल गया है. यूट्यूब ने यह कदम उन क्रिएटर्स को ध्यान में रखते हुए उठाया है जो अपनी पिछली गलतियों से सीखकर जिम्मेदारी के साथ दोबारा शुरुआत करना चाहते हैं.

कौन कर सकेगा दोबारा चैनल बनाना

यह नया पायलट प्रोग्राम हर किसी के लिए नहीं है. यूट्यूब ने इसके लिए कुछ साफ़ नियम तय किए हैं. केवल वे क्रिएटर्स जिनके खिलाफ लगातार या गंभीर उल्लंघन का मामला नहीं है, वे इस प्रोग्राम में हिस्सा ले सकते हैं.

  • कम्युनिटी गाइडलाइन्स का पालन: यूट्यूब यह देखेगा कि क्रिएटर ने पहले किसी गंभीर उल्लंघन में भाग नहीं लिया हो. मामूली उल्लंघन वाले मामलों को एक अवसर दिया जा सकता है.

  • ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यवहार: कंपनी यह भी जांचेगी कि क्रिएटर की गतिविधियां यूट्यूब कम्युनिटी के लिए किसी भी तरह से हानिकारक तो नहीं थीं. अगर क्रिएटर की गतिविधियां खतरनाक या हानिकारक मानी जाती हैं, तो वे इस प्रोग्राम के लिए योग्य नहीं होंगे.

किन्हें दोबारा मौका नहीं मिलेगा

इस प्रोग्राम में कुछ ऐसे मामले भी हैं जिनमें दोबारा चैनल बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

  • कॉपीराइट उल्लंघन के मामले: जिन क्रिएटर्स का चैनल कॉपीराइट वॉयलेशन के कारण टर्मिनेट हुआ है, उन्हें दोबारा मौका नहीं मिलेगा.

  • क्रिएटर रिस्पॉन्सिबिलिटी पॉलिसीज़ का उल्लंघन: अगर किसी चैनल ने यूट्यूब की क्रिएटर रिस्पॉन्सिबिलिटी पॉलिसी का उल्लंघन किया है, तो वे इस प्रोग्राम में हिस्सा नहीं ले सकेंगे.

इन दोनों कैटेगरी में आने वाले क्रिएटर्स को यह सुविधा फिलहाल उपलब्ध नहीं होगी.

नया चैनल बनाने की प्रक्रिया

यदि आप योग्य हैं तो यूट्यूब पर दोबारा चैनल बनाना अब आसान प्रक्रिया होगी. यूट्यूब ने इसके लिए स्टेप-बाय-स्टेप ऑप्शन उपलब्ध कराया है:

  1. लॉग इन करें: सबसे पहले अपने उसी अकाउंट से लॉग इन करें जिससे आपका पिछला चैनल जुड़ा था. यह लॉगिन YouTube Studio (डेस्कटॉप पर) के जरिए किया जाएगा.

  2. ऑप्शन दिखाई देगा: लॉग इन करने के बाद आपको एक नया चैनल बनाने का विकल्प दिखाई देगा.

  3. अनुरोध सबमिट करें: इस विकल्प पर क्लिक करके आप अपना अनुरोध यूट्यूब को भेज सकते हैं.

  4. मंजूरी मिलने पर: अगर यूट्यूब आपके अनुरोध को स्वीकार कर लेता है, तो आप एक नया चैनल बना सकते हैं और दोबारा अपनी क्रिएटर जर्नी शुरू कर सकते हैं.

कुछ ज़रूरी नियम और सीमाएं

यूट्यूब ने इस प्रोग्राम के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम भी तय किए हैं जिन्हें समझना जरूरी है:

  • अगर आपने अपना YouTube चैनल या Google अकाउंट पहले ही स्थायी रूप से डिलीट कर दिया है, तो आपको यह विकल्प नहीं मिलेगा.

  • टर्मिनेशन की तारीख से एक साल के भीतर आप नया चैनल बनाने का आवेदन नहीं कर सकते. हां, इस दौरान आप अपने पुराने चैनल के टर्मिनेशन के खिलाफ अपील ज़रूर कर सकते हैं.

  • इस प्रोग्राम में स्वीकृति पाना यूट्यूब के विवेक पर निर्भर करेगा. योग्य क्रिएटर्स को ही यह सुविधा दी जाएगी.

नया चैनल मिलने के बाद क्या होगा

एक बार जब आपको नया चैनल बनाने की अनुमति मिल जाती है, तो यह आपके लिए नई शुरुआत होगी. इस दौरान आपको अपने फॉलोअर्स को फिर से जोड़ना होगा और अपने ब्रांड को दोबारा स्थापित करना होगा.

  • पुराना कंटेंट अपलोड करें: आप अपने पुराने वीडियो फिर से अपलोड कर सकते हैं ताकि आपका दर्शक वर्ग आपसे दोबारा जुड़ सके.

  • पार्टनर प्रोग्राम: यदि आपका नया चैनल YouTube Partner Program के सभी मानदंड पूरे करता है, तो आप दोबारा मोनेटाइजेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं और अपनी कमाई की शुरुआत कर सकते हैं.

यह कदम उन क्रिएटर्स के लिए बहुत अहम साबित हो सकता है जिनका चैनल गलती से या किसी छोटे उल्लंघन के कारण टर्मिनेट हो गया था.

यूट्यूब की रणनीति के पीछे का मकसद

यूट्यूब ने पिछले कुछ वर्षों में कंटेंट मॉडरेशन को लेकर अपने नियमों को काफी सख्त किया है. इससे कई चैनल्स को बंद किया गया. लेकिन इस सख्ती के चलते कई क्रिएटर्स ऐसे भी थे जिनका चैनल मामूली गलतियों के कारण टर्मिनेट हो गया. इस पायलट प्रोग्राम के जरिए यूट्यूब अब ऐसे लोगों को “सेकंड चांस” देने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है. कंपनी चाहती है कि जो क्रिएटर्स सच में अपनी गलती सुधारकर जिम्मेदार क्रिएटर बनना चाहते हैं, उन्हें प्लेटफॉर्म पर लौटने का मौका मिले.

कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बड़ी राहत

भारत समेत दुनिया भर में लाखों क्रिएटर्स के लिए यूट्यूब रोज़गार और पहचान का बड़ा जरिया है. एक बार चैनल टर्मिनेट हो जाने पर क्रिएटर्स को अपने करियर में बड़ा झटका लगता है. यह नया पायलट प्रोग्राम ऐसे क्रिएटर्स के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकता है. इससे न सिर्फ पुराने क्रिएटर्स को प्लेटफॉर्म पर लौटने का अवसर मिलेगा बल्कि यूट्यूब को भी अपने कम्युनिटी बेस को मजबूत करने में मदद मिलेगी.

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading