मनीषा शर्मा। देश में नए आपराधिक कानूनों के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में अमित शाह सोमवार को जयपुर में आयोजित होने वाली भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। यह प्रदर्शनी 13 से 18 अक्टूबर 2025 तक जयपुर एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC) सीतापुरा में आयोजित होगी। इस कार्यक्रम में न केवल नए कानूनों की विशेषताओं को जनता के सामने लाया जाएगा, बल्कि कई राज्य स्तरीय विकास योजनाओं का भी शुभारंभ होगा। राज्य सरकार ने नए कानूनों के लागू होने की पहली वर्षगांठ को विशेष आयोजन के रूप में मनाने की तैयारी की है। इस प्रदर्शनी में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है।
नए आपराधिक कानूनों के एक वर्ष पूरे
आपराधिक न्याय प्रणाली में बड़े बदलाव के रूप में देश में तीन नई संहिताएं—भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023—1 जुलाई 2024 से लागू की गई थीं। इन कानूनों के माध्यम से सरकार ने ‘दंड के स्थान पर न्याय’ की अवधारणा को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया था। इन कानूनों को लागू हुए अब एक वर्ष पूरा हो गया है, जिसके उपलक्ष्य में यह प्रदर्शनी जनता, छात्रों, अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों को इन प्रावधानों की जानकारी देने के लिए आयोजित की जा रही है।
उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे कई गणमान्य
इस प्रदर्शनी का उद्घाटन अमित शाह करेंगे। इस अवसर पर भजनलाल शर्मा (मुख्यमंत्री, राजस्थान) और संजय प्रकाश शर्मा (कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति, राजस्थान उच्च न्यायालय) भी उपस्थित रहेंगे। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, न्यायिक प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। गृहमंत्री अमित शाह उद्घाटन के बाद एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे और राज्य सरकार की कई योजनाओं की शुरुआत करेंगे।
8 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट का लोकार्पण और निवेश ग्राउंडिंग
कार्यक्रम में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की योजनाओं का कुल 8 हजार करोड़ रुपये का लोकार्पण किया जाएगा। साथ ही 4 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंडिंग भी डिजिटल माध्यम से की जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अमित शाह मिलकर इन परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। यह प्रोजेक्ट राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, कृषि, शिक्षा और ऊर्जा क्षेत्र को गति देने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना की शुरुआत
इस कार्यक्रम में 150 यूनिट फ्री बिजली योजना की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। इसके अलावा सरकार द्वारा स्कूली छात्रों के लिए 260 करोड़ रुपये यूनिफॉर्म भत्ता और दुग्ध उत्पादकों के लिए 364 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि बीबीटी के जरिए खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इस मौके पर राजस्थान सरकार का ‘विकसित राजस्थान 2047’ दस्तावेज भी लॉन्च किया जाएगा।
प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य: आमजन को नए कानूनों से जोड़ना
राजीव शर्मा (डीजीपी, राजस्थान) ने बताया कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को नए आपराधिक कानूनों की विशेषताओं से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों को पुराने कानूनों में मौजूद जटिलताओं को दूर कर पारदर्शिता और पीड़ित केंद्रित न्याय प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए लागू किया गया है। प्रदर्शनी में इन नए प्रावधानों को सरल रूप में आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
प्रदर्शनी में दिखेंगे ये मुख्य आकर्षण
न्याय पर जोर, दंड पर नहीं: प्रदर्शनी में नए कानूनों की न्याय सुनिश्चित करने वाली अवधारणा को सरल भाषा में दर्शाया जाएगा।
तकनीकी का उपयोग: कानून में शामिल नई प्रक्रियाओं को वीडियो, लाइव डेमो और लघु फिल्मों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
त्वरित न्याय की दिशा में बदलाव: प्रदर्शनी में बताया जाएगा कि कैसे नए कानूनों से न्याय प्रणाली पारदर्शी और प्रभावी बनी है।
महिला और बच्चों की सुरक्षा: प्रदर्शनी में विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को प्रमुखता से दर्शाया जाएगा।
अपराधियों पर सख्त कार्रवाई: आदतन और गंभीर अपराधियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया को दिखाया जाएगा।
आमजन और छात्रों के लिए बड़ा अवसर
यह प्रदर्शनी न केवल अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों के लिए उपयोगी है, बल्कि आम नागरिकों, छात्रों, महिलाओं और सिविल सोसाइटी संगठनों के लिए भी जानकारी का बड़ा माध्यम होगी। इस प्रदर्शनी के माध्यम से जनता को बताया जाएगा कि किस प्रकार ये नए कानून उनकी सुरक्षा, अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने में सहायक होंगे। प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा सूचनात्मक सत्र, इंटरएक्टिव डेमो और प्रश्नोत्तर कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
न्याय प्रणाली में तकनीक और पारदर्शिता पर फोकस
नए आपराधिक कानूनों के तहत तकनीक और विधि विज्ञान का व्यापक उपयोग सुनिश्चित किया गया है। प्रदर्शनी में यह भी दिखाया जाएगा कि कैसे डिजिटल प्रक्रियाओं और आधुनिक तकनीक की मदद से पुलिस जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया को तेज़ और पारदर्शी बनाया गया है।


