शोभना शर्मा। राजस्थान कांग्रेस में संगठन सृजन अभियान के तहत नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर चल रही बैठकों में एक बार फिर विवाद का दौर सामने आया है। झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कांग्रेस की बैठक में पूर्व विधायक राजकुमार शर्मा और जिलाध्यक्ष दिनेश सुंडा के बीच गहरा टकराव देखने को मिला।
यह बैठक मंगलवार को मुकुंदगढ़ के महर्षि अंगिरा सेवा सदन में आयोजित की गई थी, जिसमें कांग्रेस के पर्यवेक्षक कैप्टन प्रवीण डावर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। बैठक का उद्देश्य कांग्रेस संगठन को मज़बूत करने और ब्लॉक स्तर पर पदाधिकारियों की नियुक्ति पर चर्चा करना था, लेकिन यह बैठक आपसी आरोप-प्रत्यारोप का मंच बन गई।
पूर्व विधायक राजकुमार शर्मा ने मंच साझा करने से किया इनकार
सूत्रों के अनुसार, जब बैठक शुरू हुई तो पर्यवेक्षक कैप्टन प्रवीण डावर ने सभी वरिष्ठ नेताओं से मंच पर आने का आग्रह किया। इसी दौरान पूर्व विधायक राजकुमार शर्मा ने मंच पर बैठने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा — “कप्तान साहब, हम आपका सम्मान करते हैं, आपको सुनने आए हैं, लेकिन मंच पर बैठे गद्दार के साथ मैं मंच साझा नहीं कर सकता।” हालांकि उन्होंने किसी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उपस्थित कार्यकर्ताओं के अनुसार उनका इशारा जिलाध्यक्ष दिनेश सुंडा की ओर था। इस बयान ने माहौल को और गर्मा दिया।
महिला कांग्रेस पूर्व जिला अध्यक्ष ने जताया विरोध, शुरू हुई नारेबाजी
राजकुमार शर्मा के बयान का विरोध महिला कांग्रेस की पूर्व जिला अध्यक्ष तारा पूनियां ने किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा पार्टी अनुशासन के खिलाफ है। इस पर शर्मा समर्थक कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। विवाद बढ़ता देख जिलाध्यक्ष दिनेश सुंडा और तारा पूनियां बैठक से बाहर चले गए, जिसके बाद बैठक कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
हंगामे के बाद बैठक फिर शुरू, जिलाध्यक्ष अनुपस्थित
काफी मशक्कत और समझाइश के बाद बैठक दोबारा शुरू की गई, लेकिन इस बार जिलाध्यक्ष दिनेश सुंडा अनुपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता पूर्व विधायक राजकुमार शर्मा ने की, जबकि पर्यवेक्षक के रूप में कैप्टन प्रवीण डावर मौजूद रहे। बैठक में वक्ताओं ने कांग्रेस की विचारधारा पर चलने, कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने और संगठन को मज़बूत करने का आह्वान किया। इस अवसर पर पूर्व चेयरमैन सत्यनारायण सैनी, वाइस चेयरमैन शहजाद चोपदार, हरफूल सिंह दूलर, कांग्रेस मंडल अध्यक्ष राजकुमार चेजारा, पार्षद प्रमोद पचलंगिया, रमेश दर्जी, आरिफ भाटी, अशोक बेरवाल, मुकुंदगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश कुमार, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राहुल जाखड़ और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष सुनील झाझड़िया समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राजकुमार शर्मा बोले — “गद्दारों से कोई समझौता नहीं”
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में पूर्व विधायक राजकुमार शर्मा ने अपने बयान को दोहराते हुए कहा — “मैं शुरू से ही कहता आया हूं, विरोधी और गद्दार में फर्क होता है। विरोधी के साथ बैठ सकता हूं, लेकिन गद्दार के साथ नहीं। नवलगढ़ और झुंझुनूं के चुनावों में गद्दारी करने वालों को सब जानते हैं।” शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि संगठन सृजन अभियान के नाम पर कांग्रेस में ऐसे लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है जिन्होंने चुनावों में पार्टी के उम्मीदवारों को हराने में भूमिका निभाई।
जिलाध्यक्ष दिनेश सुंडा ने दिया जवाब
जिलाध्यक्ष दिनेश सुंडा ने इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि — “कोई चुनाव हार जाता है तो वह किसी के लिए कुछ तो बोलता ही है। मेरा नाम लेकर तो कुछ कहा नहीं गया, आरोप तो लगते रहते हैं। उन्होंने जो कहा, वह उनकी सोच है। मैं किसी कारण से नवलगढ़ बैठक में शामिल नहीं हो सका।” सुंडा ने इस विवाद को “व्यक्तिगत नाराज़गी” बताते हुए कहा कि पार्टी संगठन में सबको एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य आगामी पंचायत और निकाय चुनावों की तैयारी करना है, और इस तरह के विवाद पार्टी की एकता को कमजोर करते हैं।
कांग्रेस में आंतरिक कलह हुई उजागर
नवलगढ़ की यह घटना झुंझुनूं जिले में चल रहे कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के दौरान सामने आया दूसरा बड़ा विवाद है। इससे पहले खेतड़ी में भी नेताओं के बीच टकराव और हंगामा हुआ था। लगातार दो बैठकों में हुए विवाद ने यह साफ कर दिया है कि जिले में कांग्रेस नेताओं के बीच आंतरिक कलह गहराती जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि झुंझुनूं कांग्रेस में गुटबाजी अब खुलकर सामने आ रही है, और यह स्थिति संगठन की मजबूती के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।


