मनीषा शर्मा। राजस्थान में होने वाले आगामी उपचुनावों को लेकर सियासी माहौल गर्माने लगा है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार चुनाव के साथ ही देश के 7 राज्यों की 8 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। इन 8 सीटों में अंता विधानसभा क्षेत्र भी शामिल है, जो बीजेपी के विधायक कंवरलाल मीणा की सदस्यता रद्द होने के बाद खाली हुई थी।
इस उपचुनाव को लेकर अब दोनों प्रमुख दलों—कांग्रेस और बीजेपी—ने अपनी रणनीतियां तेज कर दी हैं। बुधवार को बूंदी प्रवास पर पहुंचे गोविंद सिंह डोटासरा और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और मीडिया के सामने अंता सीट पर कांग्रेस की जीत का दावा ठोका।
“भारी मतों से कांग्रेस जीतेगी अंता सीट”
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अंता उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी भारी मतों से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता मौजूदा बीजेपी सरकार की नीतियों से परेशान है और अब उनका भरोसा पूरी तरह कांग्रेस पर है। डोटासरा ने कहा कि यह उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं होगा, बल्कि यह जनता के असंतोष और बदलाव की दिशा में एक संकेत साबित होगा।
अंता में कांटे की टक्कर के आसार
अंता विधानसभा सीट बारां ज़िला में आती है और हमेशा से राजनीतिक रूप से चर्चित रही है। इस उपचुनाव में भी यहां कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की ओर से पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया को संभावित प्रत्याशी के रूप में देखा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर नरेश मीणा ने भी खुले तौर पर अंता से चुनाव लड़ने का ऐलान कर रखा है, जिससे कांग्रेस में अंदरूनी समीकरणों को लेकर हलचल है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह उपचुनाव बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर का होगा। हालांकि कांग्रेस में प्रत्याशी चयन को लेकर मतभेद भी सामने आ सकते हैं।
इस वजह से खाली हुई अंता विधानसभा सीट
अंता सीट उस वक्त खाली हुई जब बीजेपी विधायक कंवरलाल मीणा की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। मामला वर्ष 2005 का है जब उपसरपंच चुनाव के दौरान कंवरलाल मीणा पर तत्कालीन एसडीएम पर पिस्तौल तानने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा था। इस मामले में उन्हें 3 साल की सजा सुनाई गई थी।
बाद में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने उनकी अपील को खारिज कर दिया। इसके बाद कंवरलाल मीणा ने मनोहर थाना कोर्ट में सरेंडर किया और 1 मई 2025 को उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। इसके बाद अंता सीट पर उपचुनाव की घोषणा की गई।
11 नवंबर को होगा उपचुनाव
चुनाव आयोग ने अंता विधानसभा उपचुनाव की तारीख 11 नवंबर तय की है। राजनीतिक दलों ने उम्मीदवारों के चयन और प्रचार अभियान को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। कांग्रेस जहां अंता सीट को किसी भी कीमत पर जीतना चाहती है, वहीं बीजेपी इसे बचाने के लिए हर संभव रणनीति में जुटी है।
कांग्रेस का दावा है कि प्रदेश की जनता मौजूदा सरकार से नाराज है और इस उपचुनाव में उसे इसका फायदा मिलेगा। डोटासरा ने कहा कि कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर मजबूत काम करने के लिए निर्देश दिए गए हैं और कांग्रेस इस सीट पर निर्णायक जीत दर्ज करेगी।


