शोभना शर्मा। राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी का दौर फिर तेज हो गया है। जयपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा लगाए गए आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस शासन के दौरान हुए मेडिकल घोटालों, कमीशनखोरी और मानकहीन खरीद को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में चिकित्सा क्षेत्र में “भ्रष्टाचार” ने गहरी जड़ें जमा ली थीं। अस्पतालों में खराब और फंगसयुक्त दवाएं, घटिया क्वालिटी के मेडिकल उपकरण और अनुचित ठेकेदार चयन जैसी गड़बड़ियां की गईं। उनके अनुसार, इसका सीधा नुकसान आमजन को झेलना पड़ा, जबकि कांग्रेस नेताओं ने केवल अपने आर्थिक लाभ के लिए जनता की जान से खिलवाड़ किया।
“कांग्रेस शासन में खरीदी गई फंगसयुक्त सामग्री”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में चिकित्सा सामग्री की खरीद में बड़े स्तर पर अनियमितताएं की गईं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस शासन में फंगसयुक्त और मानकहीन चिकित्सा सामग्री खरीदी गई थी। इसका खुलासा कई विभागीय जांचों में हो चुका है। कांग्रेस ने स्वास्थ्य सेवाओं को निजी कमाई का साधन बना लिया था।”
राठौड़ ने यह भी जोड़ा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इन खामियों को दूर करने के लिए व्यवस्थागत सुधार किए। अब मेडिकल सप्लाई की हर खरीद में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाएं अब पहले से कहीं अधिक मजबूत और विश्वसनीय हैं।
कोविड काल का उदाहरण देते हुए कांग्रेस पर वार
मदन राठौड़ ने कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कोविड काल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब देश महामारी से जूझ रहा था, उस समय केंद्र सरकार ने राजस्थान को अत्याधुनिक ऑक्सीजन मशीनें और मेडिकल उपकरण भेजे थे। लेकिन कांग्रेस शासन में या तो ये मशीनें किराए पर दे दी गईं या फिर गोदामों में धूल फांकती रहीं।
राठौड़ ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब जनता को ऑक्सीजन की सख्त जरूरत थी, तब कांग्रेस सरकार मशीनों का उपयोग तक नहीं कर सकी। यह कांग्रेस की कार्यकुशलता नहीं, बल्कि उसकी लापरवाही का उदाहरण है।” उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अब उन्हीं “गलतियों और पापों” को सुधारने का काम किया है और चिकित्सा सेवाओं को जनहित में सशक्त बनाया है।
“कांग्रेस केवल आरोप लगाना जानती है”
राठौड़ ने कांग्रेस नेताओं की व्यक्तिगत टिप्पणियों और आरोपों पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जब धरातल पर काम करने की बात आती है, तो कांग्रेस केवल बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह जाती है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “कांग्रेस की राजनीति हमेशा नकारात्मक और विरोध पर आधारित रही है। जब भी कोई हादसा या दुर्घटना होती है, कांग्रेस उस पर राजनीति करने से नहीं चूकती। जनता की पीड़ा को अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के लिए इस्तेमाल करना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है।” राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार के हर निर्णय में जनता के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है, जबकि कांग्रेस केवल सत्ता वापसी की राजनीति कर रही है।
“कांग्रेस में घुटन और असंतोष का माहौल”
मदन राठौड़ ने कांग्रेस के अंदर चल रही गुटबाजी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं में आपसी मतभेद और असंतोष बढ़ता जा रहा है। हाल ही में वरिष्ठ नेता शांति धारीवाल और प्रहलाद गुंजल के समर्थकों के बीच हुई झड़प इसका स्पष्ट प्रमाण है।
राठौड़ ने कहा, “कांग्रेस के भीतर ही घुटन और असंतोष का वातावरण है। जो पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के बीच एकता कायम नहीं रख सकती, वह राज्य के हित की बात कैसे कर सकती है?” उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा ने हमेशा संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और जनसेवा को प्राथमिकता दी है।
भाजपा की नीति—जनसेवा और जवाबदेही
राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार जनसेवा और जवाबदेही की नीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने केवल घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्य किए हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जनता से अपील की कि वे कांग्रेस के झूठे प्रचार से भ्रमित न हों। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं चलाई हैं और राज्य को विकास के नए मार्ग पर आगे बढ़ाया है।
जयपुर में दिए गए अपने बयान से मदन राठौड़ ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच टकराव को नई दिशा दी है। जहां कांग्रेस भाजपा पर स्वास्थ्य और प्रशासनिक विफलता का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा कांग्रेस शासनकाल के भ्रष्टाचार को उजागर कर पलटवार कर रही है।


