latest-newsबारांराजस्थान

“गहलोत-पायलट-डोटासरा की गुटबाजी में नहीं फंसना चाहता”: नरेश मीणा

“गहलोत-पायलट-डोटासरा की गुटबाजी में नहीं फंसना चाहता”: नरेश मीणा

शोभना शर्मा।  राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा के साथ ही सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों ही इस सीट को जीतने के लिए अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटी हैं। लेकिन इस बीच कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला एक बड़ा बयान नरेश मीणा की ओर से आया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी से दूर रहना चाहते हैं और किसी भी खेमे का हिस्सा नहीं बनना चाहते।

कांग्रेस में गुटबाजी व्याप्त है – नरेश मीणा

झालावाड़ में मीडिया से बातचीत के दौरान नरेश मीणा ने कहा, “मैं कांग्रेस के अशोक गहलोत, सचिन पायलट और गोविंद सिंह डोटासरा जैसे नेताओं की गुटबाजी के बीच में नहीं फंसना चाहता हूं।” उन्होंने यह बयान उस समय दिया जब वे स्कूल हादसे के पीड़ित परिवारों को डोनेशन से मिली सहायता राशि देने पहुंचे थे। मीणा ने कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी की राजनीति लंबे समय से जारी है और यह पार्टी की जमीनी पकड़ को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर वे कांग्रेस में शामिल होते हैं तो यह फैसला किसी स्थानीय नेता के माध्यम से नहीं, बल्कि राहुल गांधी के माध्यम से होना चाहिए।“राहुल गांधी से सीधे ज्वाइन करना चाहता हूं पार्टी”

नरेश मीणा ने स्पष्ट रूप से कहा, “अगर मैं कांग्रेस ज्वाइन करूं, तो राहुल गांधी मुझे पार्टी में शामिल कराएं। मैं कांग्रेस में तभी जाऊंगा जब मुझे भी वैसा ही सम्मान मिलेगा जैसा प्रमोद जैन भाया को दिया गया है।”
उनका यह बयान न केवल कांग्रेस के लिए एक संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि वे किसी खेमे के अधीन राजनीति नहीं करना चाहते। राजस्थान कांग्रेस में लंबे समय से गहलोत-पायलट खेमों की तनातनी ने कई बार संगठन को कमजोर किया है, ऐसे में नरेश मीणा की यह टिप्पणी कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है।

अंता सीट पर उपचुनाव की तारीख तय

चुनाव आयोग ने अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 11 नवंबर 2025 को मतदान की तिथि निर्धारित की है। मतगणना 14 नवंबर 2025 को होगी। यह उपचुनाव न केवल स्थानीय सियासत बल्कि राज्य की राजनीति के लिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह आगामी विधानसभा चुनावों से पहले जनता के मूड का संकेत देगा।

वसुंधरा राजे और दुष्यंत पर भी हमला

नरेश मीणा ने इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और सांसद दुष्यंत सिंह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “जनता ने जिन्हें दस बार सांसद और दो बार मुख्यमंत्री बनाया, उन्होंने अपने क्षेत्र के लिए कुछ भी नहीं किया। यहां तो बकरियां बांटी जाती हैं, लेकिन बकरी चराने वाले को सरेआम अपमानित किया जाता है।” यह बयान उनके क्षेत्रीय असंतोष को दिखाता है, जो सीधे तौर पर बीजेपी के नेतृत्व को चुनौती देता है।

पीड़ित परिवारों को वितरित की 1 करोड़ से अधिक की सहायता राशि

नरेश मीणा हाल ही में झालावाड़ के पीपलोदी गांव पहुंचे, जहां स्कूल हादसे में प्रभावित परिवारों को एक करोड़ से अधिक की सहायता राशि डोनेशन के रूप में वितरित की गई। उन्होंने कहा कि यह राशि सामाजिक सहयोग से एकत्र की गई है और इसका उद्देश्य पीड़ित परिवारों की आर्थिक मदद करना है।

राजनीतिक विश्लेषकों की राय

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नरेश मीणा का यह बयान अंता उपचुनाव के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। कांग्रेस जहां उन्हें अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही है, वहीं उनका “गुटबाजी से दूरी” वाला बयान कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों को और उजागर करता है। दूसरी ओर, बीजेपी के लिए भी यह चुनौती है क्योंकि नरेश मीणा अपने क्षेत्र में लोकप्रिय नेता माने जाते हैं और उनके रुख से वोटों का बंटवारा संभव है।

कांग्रेस के लिए बढ़ी परेशानी

नरेश मीणा का यह बयान कांग्रेस नेतृत्व के लिए चिंता का विषय है। एक ओर पार्टी गहलोत और पायलट के बीच सामंजस्य बैठाने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे बयानों से संगठन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि अंता उपचुनाव में कांग्रेस को सफलता चाहिए, तो उसे पहले अपने आंतरिक मतभेदों को सुलझाना होगा और मजबूत स्थानीय नेतृत्व प्रस्तुत करना होगा।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading