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अंता विधानसभा उपचुनाव 2025: 11 नवंबर को होगा मतदान,बीजेपी-कांग्रेस में सीधी टक्कर

अंता विधानसभा उपचुनाव 2025: 11 नवंबर को होगा मतदान,बीजेपी-कांग्रेस में सीधी टक्कर

शोभना शर्मा।  राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बारां जिले की अंता विधानसभा सीट चर्चा में है। यह सीट लंबे समय से खाली पड़ी थी, लेकिन अब निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। आयोग के अनुसार, 11 नवंबर 2025 को मतदान होगा और 14 नवंबर 2025 को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इस सीट पर मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी कांग्रेस (Congress) के बीच रहने वाला है।

1 अक्टूबर को जारी हुई वोटर लिस्ट, जुड़े 1136 नए मतदाता

अंता विधानसभा उपचुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने 1 अक्टूबर 2025 को अंतिम मतदाता सूची जारी की थी। नई सूची में 1136 नए वोटरों के नाम जोड़े गए हैं, जिससे इस क्षेत्र का राजनीतिक समीकरण थोड़ा बदल सकता है। चुनावी मैदान में हर दल अपने पुराने वोट बैंक को साधने और नए वोटरों को लुभाने की कोशिश में जुटा है।

क्यों खाली हुई अंता विधानसभा सीट?

अंता सीट 1 मई 2025 से खाली पड़ी है। यह सीट भाजपा के विधायक कंवरलाल मीणा के सदस्यता रद्द होने के बाद खाली हुई थी। दरअसल, वर्ष 2005 के उपसरपंच चुनाव के दौरान उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने SDM पर पिस्तौल तान दी थी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था
इस मामले में अदालत ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई थी। कंवरलाल मीणा ने सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपील खारिज कर दी। इसके बाद उन्होंने मनोहर थाना कोर्ट में सरेंडर किया, और 1 मई 2025 को उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई।

राज्यपाल के पास दया याचिका, लेकिन राहत नहीं मिली

कंवरलाल मीणा ने राज्यपाल के पास दया याचिका (Mercy Petition) दाखिल की थी, जिसमें उन्होंने सजा माफ करने की गुहार लगाई थी। यदि यह याचिका स्वीकार हो जाती, तो उनकी विधायकी बहाल हो सकती थी, लेकिन कानूनी पेचों और प्रक्रिया के चलते ऐसा नहीं हो सका। अब चुनाव आयोग ने औपचारिक रूप से उपचुनाव की घोषणा कर दी है, जिससे यह सीट फिर से चुनावी मैदान में आ गई है।

राजनीतिक दलों की तैयारी तेज

अंता सीट पर परंपरागत रूप से बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई रही है। दोनों दलों ने अपने-अपने स्तर पर चुनावी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। स्थानीय नेताओं के साथ जमीनी सर्वेक्षण और वोटर कनेक्ट कैंपेन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भाजपा जहां इस सीट को दोबारा अपने कब्जे में रखने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस इस उपचुनाव को जीतकर राज्य में अपनी राजनीतिक उपस्थिति मजबूत करने की योजना बना रही है।

राष्ट्रीय स्तर पर उपचुनाव का बड़ा दिन

अंता सीट का उपचुनाव केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है। चुनाव आयोग ने बताया है कि देशभर की 8 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव और बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होंगे बिहार में पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 14 नवंबर 2025 को घोषित किए जाएंगे।

चुनाव आयोग की पूरी तैयारी

निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। वोटिंग मशीनों की जांच, बूथ लेवल वेरिफिकेशन, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की ट्रेनिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। आयोग की योजना है कि 11 नवंबर को मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो।

अंता उपचुनाव का राजनीतिक महत्व

अंता विधानसभा सीट पर होने वाला यह उपचुनाव केवल एक क्षेत्रीय चुनाव नहीं है, बल्कि यह राजस्थान की सियासत की दिशा तय करने वाला चुनाव भी हो सकता है। क्योंकि इस सीट के नतीजे से जनता का रुझान साफ होगा कि राज्य में भाजपा सरकार के प्रति जनता का विश्वास कायम है या कांग्रेस वापसी की राह पर है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह चुनाव 2028 के विधानसभा चुनावों की तैयारी का ट्रेलर साबित हो सकता है।

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