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अजमेर में बोले अशोक तंवर – कांग्रेस में होगा क्रांतिकारी परिवर्तन

अजमेर में बोले अशोक तंवर – कांग्रेस में होगा क्रांतिकारी परिवर्तन

मनीषा शर्मा, अजमेर। हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता अशोक तंवर ने रविवार को अजमेर में कहा कि कांग्रेस संगठन आने वाले दिनों में एक मजबूत, सशक्त और क्रांतिकारी रूप में नजर आएगा। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी अब युवाओं को आगे लाने की दिशा में काम कर रही है और इस बार अधिकतर पद युवा नेताओं को दिए जाएंगे।

सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान तंवर ने कहा कि कांग्रेस संगठन में अब केवल पद का सवाल नहीं रहेगा, बल्कि विचारधारा, समर्पण और जनता से जुड़ाव के आधार पर जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य संगठन को जमीन से जोड़ना है, ताकि जनता के मुद्दों पर प्रभावी तरीके से काम किया जा सके।

 गुटबाजी पर बोले तंवर – “एक-दूसरे की आंख फोड़ते रहेंगे तो कुछ नहीं होगा”

कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर तंवर ने सख्त लहजे में कहा – “अगर हम एक-दूसरे की आंख फोड़ते रहेंगे, तो कुछ हासिल नहीं होगा। हमें देश को कमजोर करने वाली ताकतों से लड़ने के लिए एकजुट होना पड़ेगा।” उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आपसी मतभेद भुलाकर संगठन की मजबूती और जनहित के मुद्दों पर एक साथ काम करें। तंवर ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से विचारों की पार्टी रही है और यह तभी मजबूत होगी जब कार्यकर्ता एक स्वर में संगठन की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

युवाओं को मिलेगा कांग्रेस में नेतृत्व का मौका

अशोक तंवर ने साफ कहा कि कांग्रेस अब युवाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा – “पार्टी यूथ को मौका देगी, जिनकी उम्र पचास से कम और पच्चीस-तीस से ऊपर हो। हालांकि कुछ अपवाद हो सकते हैं, लेकिन पद उन्हीं को मिलेगा जो जवाबदेह हैं और जनता से जुड़े हुए हैं।” उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस में केवल चेहरों के आधार पर नहीं, बल्कि कार्यशैली और प्रदर्शन के आधार पर जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।

नए सिरे से तैयार हो रही दावेदारों की सूची

तंवर ने बताया कि कांग्रेस संगठन नए सिरे से दावेदारों की सूची तैयार कर रहा है, जिसमें विचारधारा और निष्ठा को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी जिलों से सुझाव लेकर पैनल तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें 20 अक्टूबर से पहले दिल्ली भेजा जाएगा, ताकि संगठनात्मक ढांचे को समय पर अंतिम रूप दिया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया पारदर्शी होगी और हर स्तर पर अनुशासन व जवाबदेही तय की जाएगी।

अनुशासन और समीक्षा पर जोर

अशोक तंवर ने कहा कि संगठनात्मक प्रक्रिया में अनुशासन सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा – “जिसे भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, उसका नियमित रूप से मूल्यांकन किया जाएगा। अच्छा प्रदर्शन करने वाले को पुरस्कृत किया जाएगा, जबकि लापरवाह कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई होगी।” उन्होंने कहा कि पार्टी अब परिणाम-आधारित राजनीति की ओर बढ़ रही है, जहां कार्य का मूल्यांकन वास्तविक उपलब्धियों से होगा।

पंचायत और निकाय चुनावों में पूरी ताकत से उतरेगी कांग्रेस

अशोक तंवर ने कहा कि आगामी पंचायत और निकाय चुनावों में कांग्रेस पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का संगठन अब पहले से ज्यादा सक्रिय, ऊर्जावान और जीवंत नजर आ रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर जनता से जुड़ें और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दें। तंवर ने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि एक विचारधारा है, जो समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का काम करती है।

शहर कांग्रेस की बैठक में हंगामा, दो गुटों में भिड़ंत

इस बीच अजमेर में ही शहर कांग्रेस कमेटी की बैठक के दौरान आंतरिक कलह खुलकर सामने आई। हंस पैराडाइज में आयोजित बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक की मौजूदगी में निवर्तमान अध्यक्ष विजय जैन और पूर्व आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेन्द्र सिंह राठौड़ के समर्थक आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जहां एक गुट “सचिन पायलट जिंदाबाद” के नारे लगा रहा था, वहीं दूसरा गुट “अशोक गहलोत जिंदाबाद” के नारे लगाने लगा। करीब पंद्रह मिनट तक माहौल तनावपूर्ण रहा। बाद में वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया।

मंच से सीधे आरोप, संगठन की उपेक्षा का मुद्दा उठा

बैठक के दौरान निवर्तमान जिलाध्यक्ष विजय जैन ने मंच से धर्मेन्द्र सिंह राठौड़ पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें 2016 में जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन 2020 में संगठन भंग कर दिया गया। इसके बावजूद उन्होंने बिना किसी पद के पांच साल तक संगठन के लिए काम किया। विजय जैन ने कहा – “मैंने अपने कार्यकाल में कई ऐतिहासिक काम किए। पहले हम 20-30 हजार वोटों से हारते थे, अब चार हजार वोटों से हार रहे हैं, यह संगठन की मेहनत का परिणाम है।” उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मेन्द्र सिंह राठौड़ ने पार्षद चुनाव में 72 टिकट बांटे, जिनमें से केवल 11 जीते, जबकि उन्हें 8 टिकट मिले और उनमें से 7 उम्मीदवार विजयी हुए।

संगठनात्मक अनुशासन और एकता पर सवाल

बैठक में हुई यह झड़प एक बार फिर यह दर्शाती है कि अजमेर कांग्रेस में गुटबाजी अब भी बनी हुई है। हालांकि केंद्रीय पर्यवेक्षक ने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने और संगठन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की। अशोक तंवर ने भी अपने संबोधन में कहा कि “जो लोग आपसी मतभेद में उलझे रहेंगे, वे कभी जनता का विश्वास नहीं जीत पाएंगे। अब समय है कि सभी गुट एक साथ मिलकर कांग्रेस के भविष्य को सशक्त बनाएं।”

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