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Snapchat Memories अब होगी पेड: 5GB से ज़्यादा स्टोरेज पर देना होगा चार्ज

Snapchat Memories अब होगी पेड: 5GB से ज़्यादा स्टोरेज पर देना होगा चार्ज

मनीषा शर्मा।  दुनियाभर में लाखों-करोड़ों लोग Snapchat का इस्तेमाल करते हैं। यह ऐप खासतौर पर इसलिए लोकप्रिय है क्योंकि इसमें यूज़र्स अपनी यादों को लंबे समय तक सुरक्षित रख पाते थे। लेकिन अब कंपनी ने इसमें बड़ा बदलाव कर दिया है। Snapchat ने घोषणा की है कि उसके Memories फीचर को अब पेड किया जा रहा है। यानी अगर आपकी सेव की गई यादें 5GB से ज़्यादा हैं, तो आपको सब्सक्रिप्शन लेना होगा।

Memories क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?

Snapchat ने 2016 में Memories फीचर लॉन्च किया था। इसकी मदद से यूज़र्स अपनी 24 घंटे वाली स्टोरीज़ को सेव कर सकते थे और बाद में उन्हें दोबारा देख सकते थे। यह फीचर एक तरह की डिजिटल डायरी की तरह था, जहां फोटो और वीडियो सालों तक सुरक्षित रहते थे।
अब तक यह सेवा पूरी तरह मुफ्त थी, लेकिन कंपनी का कहना है कि लंबे समय तक इतने बड़े डेटा को फ्री में स्टोर करना संभव नहीं है। इसलिए अब इसके लिए चार्ज लिया जाएगा।

कौन से यूज़र्स होंगे प्रभावित?

कंपनी ने साफ किया है कि जिन यूज़र्स की सेव की हुई Memories 5GB से कम हैं, उन्हें कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा।
लेकिन जिनका डेटा इस सीमा से अधिक है, उन्हें पेड प्लान लेना होगा।

  • 100GB स्टोरेज प्लान: $1.99 (लगभग 165 रुपये प्रति माह)

  • 250GB स्टोरेज प्लान: Snapchat+ सब्सक्रिप्शन के साथ $3.99 (लगभग 330 रुपये प्रति माह)

कंपनी ने यह भी कहा है कि अगर किसी का डेटा लिमिट से अधिक है, तो उन्हें 12 महीने का अस्थायी स्टोरेज दिया जाएगा। इस दौरान वे या तो अपना डेटा डाउनलोड कर सकते हैं या फिर पेड प्लान में अपग्रेड कर सकते हैं।

Snapchat का यह कदम क्यों ज़रूरी था?

Snapchat ने ब्लॉग पोस्ट में कहा है कि किसी भी फ्री सर्विस को पेड बनाना आसान नहीं होता। लेकिन यह कदम उन्हें अपनी कम्युनिटी के लिए बेहतर निवेश और फीचर्स लाने में मदद करेगा। सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब यूज़र्स स्टोरीज़ या पोस्ट कम कर रहे हैं लेकिन कंटेंट सेव ज़्यादा कर रहे हैं। ऐसे में पेड स्टोरेज का मॉडल कंपनियों के लिए ज़रूरी हो गया है।

भारत में Snapchat की स्थिति

भारत Snapchat का सबसे बड़ा बाज़ार है। यहां 250 मिलियन से अधिक मासिक सक्रिय यूज़र्स हैं। कुछ साल पहले यह संख्या 208 मिलियन थी। इसका मतलब है कि भारत में Snapchat की लोकप्रियता बहुत तेज़ी से बढ़ी है।
यहां 90% से अधिक डेली यूज़र्स 13-34 आयु वर्ग के हैं, यानी Gen Z और युवा मिलेनियल्स। खासतौर पर AR (Augmented Reality) Lenses और Filters भारत में इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि यहां लगभग 80% यूज़र्स रोज़ाना AR लेंसेस का इस्तेमाल करते हैं और त्योहारों के दौरान इनका इस्तेमाल और भी ज़्यादा बढ़ जाता है।

लोगों का गुस्सा और नाराज़गी

इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स ने नाराज़गी जताई है। ट्विटर (अब X) पर लोगों ने लिखा कि Snapchat का यह फैसला उन्हें परेशान कर रहा है। एक यूज़र ने कहा – “ईमानदारी से कहूं तो, Snapchat बहुत से लोगों को नाराज़ करने वाला है। बहुत से लोग इसे सिर्फ स्टोरेज के लिए इस्तेमाल करते हैं। अब Memories को बचाने के लिए पैसे मांगना यूज़र्स खोने का खतरा पैदा करेगा।”

दूसरे यूज़र ने लिखा – “Snapchat अब Memories स्टोर करने के लिए चार्ज कर रहा है? क्या Facebook और Instagram भी ऐसा ही करेंगे? साधारण मैसेजिंग ही वापस ले आओ!” कई यूज़र्स का कहना है कि उन्होंने 2017 से फोटो और वीडियो सेव किए हुए हैं। अब उन्हें खोए बिना कहां रखें, यह चिंता का विषय है।

सब्सक्रिप्शन मॉडल पर सवाल

कई विशेषज्ञ मानते हैं कि सब्सक्रिप्शन मॉडल अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए आम हो गया है। पहले YouTube और Instagram ने विज्ञापन-मुक्त प्लान लॉन्च किए और अब Snapchat ने स्टोरेज के लिए चार्ज लागू किया है।
हालांकि, कुछ यूज़र्स इसे अनावश्यक बोझ मान रहे हैं। उनका कहना है कि Google Cloud या iCloud जैसे प्लेटफॉर्म पहले से ही क्लाउड स्टोरेज की सुविधा देते हैं, ऐसे में Snapchat को Memories पर चार्ज लगाना सही कदम नहीं है।

Snapchat का भविष्य और यूज़र्स का चुनाव

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यूज़र्स इस बदलाव को अपनाते हैं या नहीं। कुछ यूज़र्स पेड सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं ताकि अपनी पुरानी यादों को सुरक्षित रख सकें, जबकि कुछ इसे छोड़ भी सकते हैं।
कंपनी के लिए यह एक जोखिम भरा कदम है। अगर बड़ी संख्या में यूज़र्स ऐप छोड़ देते हैं, तो Snapchat की ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। लेकिन अगर लोग Memories को बहुत महत्व देते हैं, तो शायद पेड स्टोरेज स्वीकार कर लें।

Snapchat का Memories फीचर अब मुफ्त नहीं रहा। कंपनी ने इसे पेड करके एक बड़ा कदम उठाया है। जहां एक ओर यह यूज़र्स को परेशान कर रहा है, वहीं कंपनी मानती है कि यह निवेश भविष्य में ऐप को और बेहतर बनाएगा।
भारत जैसे बड़े बाज़ार में यह बदलाव कितना असर डालता है, यह आने वाले समय में साफ होगा। फिलहाल इतना तय है कि सोशल मीडिया का भविष्य अब पूरी तरह से फ्री नहीं रहेगा, बल्कि सब्सक्रिप्शन मॉडल इसकी रीढ़ बनने वाला है।

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