शोभना शर्मा। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी ने माहौल गरमा दिया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने रविवार को सीकर के रामगढ़ शेखावाटी में आयोजित ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नव नियुक्त पदाधिकारियों के अभिनंदन समारोह और कार्यकर्ता सम्मेलन में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले किए।
शिक्षा मंत्री पर सीधा तंज
डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह मंत्री तो शिक्षा विभाग के हैं, लेकिन उनके भाषणों में शिक्षा का एक शब्द तक नहीं होता। उन्होंने कहा,
“बस मोबाइल पकड़ो, मोबाइल पकड़ो…। मुझे लगता है कि पिछले जन्म में किसी ने उनका मोबाइल छीन लिया था, तभी से उन्हें मोबाइल से चिढ़ हो गई है।”
डोटासरा का यह बयान दरअसल हाल ही में शिक्षा मंत्री दिलावर के उस रुख को लेकर था, जिसमें उन्होंने शिक्षकों को मोबाइल इस्तेमाल करने पर रोक की बात कही थी। डोटासरा ने कहा कि जिन बहनों के बच्चे छोटे हैं और स्कूल भी जाते हैं, वे यदि आपात स्थिति में फोन अपने पास रखती हैं और उसे लॉकर में रख देती हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है। लेकिन यदि कोई क्लासरूम में पढ़ाते समय फोन पर बात करता है तो यह अनुचित है।
मोदी और भाजपा पर हमला
डोटासरा ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व पर भी करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक यह कह चुके हैं कि 2029, 2034 और 2039 तक मोदी ही रहेंगे और 2047 में देश को विकसित करके छुट्टी लेंगे। डोटासरा ने इस पर कटाक्ष करते हुए कहा, “समझने वाले समझ गए, जो न समझे, वह अनाड़ी है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने मोदी को इस तरह खड़ा किया है कि अब वे खुद देश के विकास और लोकतंत्र के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। डोटासरा बोले कि पहले भाजपा में 75 साल की उम्र के बाद नेताओं को आराम दिया जाता था, लेकिन अब मोदी खुद विदेश यात्राओं और आत्मप्रचार में व्यस्त हैं और देश की समस्याओं से उनका कोई सरोकार नहीं है।
गरीबों और युवाओं के लिए क्या किया?
डोटासरा ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री मोदी एक ऐसा काम बताएं, जिससे देश का कोई गरीब परिवार गरीबी रेखा से ऊपर उठा हो। उन्होंने पूछा कि शिक्षा के अवसर बढ़ाने, नए उद्योग-धंधे स्थापित करने या रोजगार सृजित करने में मोदी सरकार का कौन-सा योगदान रहा है? उनका कहना था कि भाजपा की सरकार ने सिर्फ नारों और विदेश दौरों के सहारे राजनीति चलाई है, जबकि जमीनी स्तर पर जनता की समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र
डोटासरा ने हाल ही में चर्चा में आए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने खुद स्वीकार किया कि पहले टेलीफोन कर दिया गया था कि जगह खाली कर दो, हमें थोड़े बहुत बम डालने पड़ेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह उसी तरह है जैसे पहले जब बेटी को पीहर से लेने के लिए ससुराल जाते थे तो 10 दिन पहले सूचना कर दी जाती थी।
उन्होंने दावा किया कि डोनाल्ड ट्रंप के कहने पर मोदी ने ऑपरेशन रोक दिया और विदेश में जाकर हंसते-खिलखिलाते नजर आए। डोटासरा ने कहा कि एक विदेशी पत्रकार ने इस पर सवाल भी उठाया, लेकिन मोदी ने गंभीर मुद्दे पर भी हंसी मजाक किया, जो देश की बदनामी है।
ED और इनकम टैक्स पर तंज
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और इनकम टैक्स की कार्रवाइयों को लेकर भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो भी सरकार के खिलाफ बोलता है, उसके घर छापे डाल दिए जाते हैं। डोटासरा ने कहा, “मेरे घर पर भी ED आई थी। उन्होंने कहा कोल्ड कॉफी बनवा दो। मैंने जवाब दिया कि बाहर 10 हजार लोग खड़े हैं, आप निकल जाओ, वरना यह तय करेंगे कि आपको कोल्ड मिलेगा या हॉट।”
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जब ED की टीम ने चावल कच्चे पकाए तो मैंने उन्हें कहा कि पहले आप अपनी जगह बदलो और यहां से निकलो, उसके बाद कोई व्यवस्था करेंगे। डोटासरा ने यह भी कहा कि भाजपा उनकी चुनावी जीत को ED की कार्रवाई से जोड़कर पेश करती है, जबकि जनता ने उन्हें 20 हजार से ज्यादा वोटों से जिताया।
राजनीतिक माहौल गरमाया
डोटासरा के इन बयानों से राजस्थान का राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है। शिक्षा मंत्री पर व्यक्तिगत तंज, प्रधानमंत्री पर सीधा हमला और केंद्रीय एजेंसियों को लेकर व्यंग्य ने कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी खींचतान को और तेज कर दिया है।

