latest-newsअलवरदेशराजनीतिराजस्थान

टीकाराम जूली का आरोप- अलवर में माफियाओं को मिल रहा संरक्षण

टीकाराम जूली का आरोप- अलवर में माफियाओं को मिल रहा संरक्षण

शोभना शर्मा। राजस्थान की राजनीति में लगातार नए आरोप-प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं। ताजा मामला अलवर का है, जहां नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए। जूली ने आरोप लगाया कि अलवर में हालात सामान्य नहीं हैं और पूरा प्रशासन भूमाफियाओं को संरक्षण देने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियां तेजी से विकसित हो रही हैं, मंदिरों और सरकारी जमीनों पर कब्जे किए जा रहे हैं और प्रशासन की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है।

डेयरी चुनाव को लेकर केंद्रीय मंत्री पर निशाना

टीकाराम जूली ने अलवर की सरस डेयरी चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि पहले कांग्रेस समर्थित चेयरमैन डेयरी का संचालन अच्छे तरीके से कर रहे थे, लेकिन उन्हें हटाने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री अपने निजी सहायक (पीए) को डेयरी चेयरमैन बनाना चाहते हैं। यही कारण है कि अलवर में चुनाव जल्दी-जल्दी कराए जा रहे हैं। जूली का कहना था कि नामांकन की तारीख खत्म होने के बाद भी फार्म भरने की कोशिश की गई और अब दूसरी तारीख घोषित कर दी गई है।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि डेयरी चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं कराए गए तो कांग्रेस अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। उनका आरोप था कि चुनाव की पूरी प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण तरीके से चलाई जा रही है और यदि उनके समर्थक समय पर नामांकन करते, तो उनके फॉर्म खारिज कराए जा सकते थे।

प्रशासन और माफियाओं के गठजोड़ का आरोप

अलवर के हालात का जिक्र करते हुए जूली ने कहा कि यहां माफियाओं का दबदबा इतना बढ़ गया है कि आम जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनों पर कब्जा करना, मंदिरों और सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण करना अब आम बात हो गई है। जूली ने सवाल उठाया कि अलवर से दो-दो मंत्री होने के बावजूद यहां की स्थिति क्यों बिगड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि अलवर के मंत्री केवल खुद और प्रधानमंत्री को चमकाने में व्यस्त हैं, जनता की समस्याओं से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

विदेश नीति पर भी साधा निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जूली ने विदेश नीति पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अमेरिका तानाशाही करने में लगा हुआ है और भारत की विदेश नीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान से युद्ध हुआ तो कोई देश भारत के साथ खड़ा नहीं हुआ। अब चीन के मामले में भी भारत अकेला दिख रहा है। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की और कहा कि इस पर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

भ्रष्टाचार और पुलिस की भूमिका पर सवाल

टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि पूरा प्रशासनिक ढांचा भ्रष्टाचार में जकड़ा हुआ है और माफिया तंत्र पर पूरी तरह से हावी हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका है और आम जनता में भय का माहौल है। उन्होंने सुझाव दिया कि किसी को पूरी तरह से गृह मंत्री की जिम्मेदारी देनी चाहिए, ताकि कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण रखा जा सके।

परिसीमन प्रक्रिया पर उठे सवाल

जूली ने परिसीमन को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय बड़े शहरों में दो-दो नगर निगम बनाए गए थे, लेकिन मौजूदा सरकार ने उन्हें निरस्त कर दिया। उनका आरोप था कि यह सब केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया गया, जनता की सुविधा के लिए नहीं। इसी तरह पंचायतों के गठन में भी नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके खिलाफ लोग कोर्ट में चले गए और पूरा काम अटक गया।

वोट चोरी कर सत्ता में आने का आरोप

टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह वोट चोरी करके सत्ता में आई है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में एक लाख वोटों का फर्जीवाड़ा हुआ और एक जिले में छह हजार से अधिक वोट काटे गए। इन सबका सबूत राहुल गांधी ने प्रस्तुत किया है। जूली ने कहा कि ऐसे हालात लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं और यह साबित करता है कि सरकार जनता की नहीं बल्कि धांधली की वजह से बनी है।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading