मनीषा शर्मा। जयपुर के आमेर स्थित प्राचीन शिला माता मंदिर में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत रविवार 22 सितंबर से धूमधाम के साथ हुई। अल सुबह शुभ मुहूर्त में मंदिर में घट स्थापना की गई और माता रानी का विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद भक्तों के लिए मंदिर के पट खोले गए तो परिसर “जय माता दी” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।
घट स्थापना और प्रथम दिन की पूजा
सुबह 6:25 बजे विधिवत घट स्थापना संपन्न की गई। इसके बाद करीब 7:35 बजे भक्तों के लिए दर्शन आरंभ कराए गए। नवरात्रि के प्रथम दिन देवी शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर मंदिर में विशेष सजावट और भव्य श्रृंगार किया गया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगीं। भक्तों का विश्वास है कि शिला माता हर मनोकामना को पूर्ण करती हैं और इसलिए नवरात्रि के अवसर पर यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।
भक्तों का उमड़ा सैलाब
नवरात्रि के पहले दिन से ही मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर से श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचे। कई भक्त अपनी मन्नत पूरी करने के लिए दंडवत करते हुए मंदिर तक पहुंचे। सुबह से ही भक्त लाइनों में खड़े होकर धैर्यपूर्वक माता के दर्शन का इंतजार करते नजर आए। मंदिर परिसर में प्रसादी वितरण और भंडारे का आयोजन भी किया गया।
विशेष व्यवस्थाएं और सुरक्षा
नवरात्रि मेला 3 अक्टूबर तक चलेगा और इस दौरान आमेर महल में हाथी सवारी बंद रहेगी। भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रबंधन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर परिसर और आमेर महल के आसपास CCTV कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही होमगार्ड और प्रशासनिक कर्मचारी 24 घंटे निगरानी में रहेंगे और भक्तों को दर्शन करवाने में सहयोग करेंगे।
विशेष पूजन और आगामी आयोजन
मंदिर के पुजारी बनवारी लाल शर्मा ने जानकारी दी कि 28 सितंबर को आमेर में छठ का विशेष मेला भरेगा। 29 सितंबर को रात 10 बजे निशा पूजन का आयोजन होगा। 30 सितंबर को शाम 4:30 बजे हवन की पूर्णाहुति की जाएगी। वहीं, 2 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे नवरात्रि उत्थापन का कार्यक्रम संपन्न होगा।
इन आयोजनों के दौरान देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के आमेर पहुंचने की संभावना है। मंदिर प्रशासन ने इन आयोजनों को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाओं की रूपरेखा तैयार की है।
दर्शन का समय
विश्वप्रसिद्ध शिला माता मंदिर में नवरात्रि के अवसर पर भक्त सुबह 6 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और शाम 4 बजे से रात 8:30 बजे तक दर्शन कर सकते हैं। यदि भीड़ अधिक होती है तो प्रशासन सभी श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करेगा।
मंदिर की परंपराएं और प्रसाद
मंदिर में रोजाना भोग लगाने के बाद ही श्रद्धालुओं के लिए दरवाजे खोले जाते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। यहां माता को विशेष रूप से नारियल और आमेर की प्रसिद्ध गुजियों का प्रसाद अर्पित किया जाता है। भक्त विश्वास करते हैं कि इस प्रसाद को ग्रहण करने से माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
शिला माता मंदिर का इतिहास आमेर महल से जुड़ा हुआ है और यह राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश के भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। नवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व जुड़ा होता है। मंदिर परिसर में रोजाना भजन-कीर्तन और देवी की आरती से वातावरण भक्तिमय बना रहता है।


