मनीषा शर्मा। देशभर में नवरात्रि की शुरुआत उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। केंद्र सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) संरचना में अहम बदलाव करते हुए कई वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स घटा दिया है। नई व्यवस्था के तहत मौजूदा टैक्स स्लैब की संख्या चार (5%, 12%, 18% और 28%) से घटाकर सिर्फ दो (5% और 18%) कर दी गई है। इसके अलावा कई उत्पादों पर जीएसटी को पूरी तरह शून्य कर दिया गया है।
सरकार का दावा है कि इस कदम से उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम होगा और बाजार में मांग को बढ़ावा मिलेगा।
इन वस्तुओं पर जीएसटी अब शून्य
नई दरों के लागू होने के साथ ही कई रोजमर्रा के उपयोग की चीजें सस्ती हो गई हैं।
डेयरी प्रोडक्ट्स: अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर (UHT) मिल्क, पनीर, छेना (प्री-पैकेज्ड और लेबल्ड) पर अब जीएसटी नहीं लगेगा। पहले इन पर 5% टैक्स लगता था।
बेकरी और फूड आइटम्स: पिज्जा ब्रेड, खाखरा, चपाती, रोटी, पराठा और कुल्चा जैसे उत्पादों को भी शून्य टैक्स दायरे में ला दिया गया है।
मेडिकल और स्टेशनरी सामान: मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, शार्पनर, कॉपी, नोटबुक, पेंसिल और अन्य स्टेशनरी प्रोडक्ट्स पर टैक्स 12% से घटाकर शून्य कर दिया गया है।
बीमा सेवाएं: व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा प्रीमियम पर भी अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। पहले इन पर 18% जीएसटी लागू था।
यह बदलाव सीधे तौर पर आम परिवारों के बजट को राहत देने वाला साबित होगा।
AC और फ्रिज होंगे सस्ते
सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों पर भी टैक्स दरें घटाने का फैसला लिया है।
एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
इससे वोल्टास, डायकिन, गोदरेज एप्लायंसेज, पैनासोनिक और हायर जैसी बड़ी कंपनियों ने पहले ही अपने उत्पादों की कीमतें कम करने का ऐलान कर दिया है।
इससे घरेलू उपकरण खरीदने वाले उपभोक्ताओं को बड़ी बचत होगी और बिक्री में भी बढ़ोतरी की संभावना है।
गाड़ियों पर GST में राहत
ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी जीएसटी कटौती से फायदा हुआ है।
बाइक: 350 सीसी और उससे कम इंजन वाली बाइक्स पर टैक्स 28% से घटकर 18% हो गया है।
पेट्रोल कारें: 1200 सीसी और 4 मीटर से कम लंबाई वाली पेट्रोल गाड़ियों पर अब सिर्फ 18% टैक्स लगेगा।
डीजल कारें: 1500 सीसी और 4 मीटर से कम लंबाई वाली डीजल गाड़ियों पर भी जीएसटी 18% कर दिया गया है।
लक्जरी और बड़ी गाड़ियां: इससे ऊपर की क्षमता और लंबाई वाली गाड़ियों पर अब 40% टैक्स लागू होगा। पहले इन पर करीब 50% टैक्स लगता था।
ऑटोमोबाइल कंपनियों ने कहा है कि वे कीमतों में कटौती कर उपभोक्ताओं को जीएसटी का पूरा फायदा देंगी। इससे त्योहारों के मौसम में वाहन बिक्री को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
डेयरी उत्पाद और फूड ब्रांड्स ने घटाए दाम
नई दरों के बाद अमूल और मदर डेयरी जैसी बड़ी कंपनियों ने घोषणा की है कि दूध, आइसक्रीम और फ्रोजन फूड्स की कीमतें कम की जाएंगी। इससे उपभोक्ताओं को रोजाना की खरीदारी में भी सीधे तौर पर बचत होगी।
कंपनियों और ग्राहकों दोनों को फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि नई जीएसटी दरों का असर दो तरफा होगा।
ग्राहक: खाने-पीने से लेकर गाड़ियों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तक, हर जगह उन्हें राहत मिलेगी।
कंपनियां: मांग बढ़ने से बिक्री में तेजी आएगी, जिससे उत्पादन और रोजगार दोनों में वृद्धि होगी।
त्योहारी सीजन में लागू किए गए इस बदलाव को सरकार का रणनीतिक कदम माना जा रहा है, ताकि बाजार में रौनक लौटे और उपभोक्ता खर्च में इजाफा हो।


