शोभना शर्मा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह रविवार को एक दिवसीय दौरे पर राजस्थान के जोधपुर पहुंचेंगे। वे यहां पारसमल बोहरा नेत्रहीन महाविद्यालय भवन शिलान्यास समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। लंबे समय से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण का केंद्र बने इस महाविद्यालय को नए भवन की सुविधा मिलने के बाद और अधिक आधुनिक संसाधन मिलेंगे।
कार्यक्रम का विस्तृत शेड्यूल
कार्यक्रम के अनुसार अमित शाह दोपहर 3:50 बजे विशेष विमान से जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से वे सीधे रामराज नगर स्थित पारसमल बोहरा नेत्रहीन महाविद्यालय के लिए रवाना होंगे। लगभग 4:10 बजे से शाम 5:30 बजे तक वे शिलान्यास समारोह में शामिल रहेंगे। इस दौरान वे महाविद्यालय के छात्रों और प्रबंधन से संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं व जरूरतों को भी समझेंगे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे शाम 5:50 बजे एयरपोर्ट लौटेंगे और 5:55 बजे विशेष विमान से सूरत, गुजरात के लिए रवाना हो जाएंगे।
दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद
पारसमल बोहरा नेत्रहीन महाविद्यालय लंबे समय से दृष्टिबाधित छात्रों के लिए शिक्षा का आधार बना हुआ है। यहां छात्रों को सामान्य शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाता है। नए भवन के निर्माण से छात्रों को अत्याधुनिक सुविधाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, ब्रेल अध्ययन कक्ष और हॉस्टल जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध होंगी।
लोगों का मानना है कि अमित शाह के हाथों शिलान्यास होने से इस परियोजना को और गति मिलेगी। साथ ही सरकार की ओर से भी इस संस्थान को अतिरिक्त सहयोग मिल सकता है। इससे दृष्टिबाधित बच्चों के लिए शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई राह खुलेगी।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
जोधपुर प्रशासन और पुलिस ने अमित शाह के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। एयरपोर्ट से लेकर रामराज नगर तक कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि समारोह में किसी प्रकार की चूक न हो। शहर के मुख्य मार्गों पर भी यातायात व्यवस्था के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है।
समाज में उत्साह और भागीदारी
अमित शाह के दौरे को लेकर स्थानीय लोगों और समाजसेवियों में खासा उत्साह है। बड़ी संख्या में लोग शिलान्यास समारोह में शामिल होने के लिए तैयार हैं। नेत्रहीन महाविद्यालय से जुड़े विद्यार्थियों और उनके परिजनों के लिए यह अवसर बेहद खास है। उनका मानना है कि केंद्रीय गृह मंत्री के आने से इस परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और अन्य संस्थानों को भी प्रेरणा मिलेगी।


