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राजस्थान में निकाय चुनाव पर मंत्री झाबरसिंह खर्रा का बयान

राजस्थान में निकाय चुनाव पर मंत्री झाबरसिंह खर्रा का बयान

मनीषा शर्मा। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भजनलाल सरकार के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राज्य सरकार की ओर से आवश्यक कार्य पूरे कर लिए गए हैं, अब जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग और ओबीसी आयोग की है।

खर्रा दौसा के बारादरी मैदान में आयोजित शहरी सेवा शिविर के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने निकाय चुनाव की तैयारियों और आगे की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की।

“सरकार पूरी तरह तैयार है” – खर्रा

मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने कहा कि नगर निकाय चुनाव कराने को लेकर सरकार पूरी तरह तैयार है। सरकार की जिम्मेदारी केवल वार्डों का पब्लिकेशन और प्रशासनिक कार्यवाही पूरी करना था, जो कि पहले ही कर लिया गया है। अब अगला कदम निर्वाचन आयोग और ओबीसी आयोग को उठाना है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग का काम मतदाता सूची तैयार करना है, जबकि ओबीसी आयोग का काम ओबीसी से जुड़े आंकड़े उपलब्ध कराना है।

ओबीसी आयोग के आंकड़े मिलते ही एक सप्ताह में लॉटरी

झाबरसिंह खर्रा ने कहा कि ओबीसी आयोग जिस दिन अपने आंकड़े विभाग को सौंप देगा, उसी दिन से आगे की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आंकड़े मिलते ही एक सप्ताह के भीतर लॉटरी निकालकर परिणाम राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दिए जाएंगे।

इसके बाद निर्वाचन आयोग अपनी सुविधा और “एक राज्य एक चुनाव” की अवधारणा के तहत चुनाव कराने का निर्णय ले सकता है।

वार्डों का पब्लिकेशन कार्य पूरा

मंत्री ने दावा किया कि निकाय चुनाव की तैयारी से जुड़े सभी प्रशासनिक कार्य पूरे कर दिए गए हैं। वार्डों के पब्लिकेशन का काम पूरा हो चुका है। इसके बाद अब सारी गेंद निर्वाचन आयोग और ओबीसी आयोग के पाले में है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाई है और अब जनता को भी इंतजार करना होगा कि आयोग आगे क्या कदम उठाता है।

चुनाव में देरी पर बढ़ रही है चिंता

यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजस्थान हाईकोर्ट पहले ही चुनावों में देरी को लेकर कड़ी टिप्पणी कर चुका है। अदालत ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 243-यू के तहत निकाय चुनाव तय समय पर कराना अनिवार्य है। कई नगर निकायों का कार्यकाल जनवरी 2025 में ही पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक चुनाव नहीं कराए गए हैं।

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