शोभना शर्मा। राजस्थान पुलिस सेवा में एक और गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है। शुक्रवार को राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में 55वें बैच की पासिंग परेड का आयोजन हुआ। इस समारोह में 76 प्रशिक्षु अधिकारी सफलतापूर्वक पास आउट होकर राज्य की सेवा के लिए तैयार हुए। 47 सप्ताह की कड़ी और अनुशासित ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ये अधिकारी अब प्रदेश की जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करेंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रहे मुख्य अतिथि
इस अवसर पर आयोजित भव्य समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रहे। उन्होंने पास आउट होने वाले अधिकारियों की सलामी ली और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन न केवल इन अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज और देश के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है।
सीएम ने नए अधिकारियों को संदेश दिया कि वे अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार रहें और टीम भावना के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास जीतना ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है और इसके लिए पारदर्शिता व अनुशासन आवश्यक है।
महिला प्रशिक्षु सेजल का गौरवशाली क्षण
इस पासिंग परेड में महिला प्रशिक्षु अधिकारी सेजल का उत्साह और भी खास रहा। सेजल के परिवार में उनकी दादी सास, सास और पति भी समारोह में मौजूद रहे। सेजल के पति खुद आरएएस अधिकारी हैं। इस मौके पर उनके पूरे परिवार ने गर्व महसूस किया। सेजल ने कहा कि यह उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के लिए प्रेरणादायी अवसर है।
समारोह की भव्यता
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे औपचारिक सलामी के साथ हुई। पास आउट अधिकारियों ने अनुशासन और परेड कौशल का शानदार प्रदर्शन किया, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का मन मोह लिया। समारोह के दौरान अकादमी परिसर में उल्लास और गर्व का वातावरण छाया रहा।
इस मौके पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, सांसद मंजू शर्मा, मुख्य सचिव सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर ए. सावंत, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा और महानिदेशक प्रशिक्षण अशोक राठौड़ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने नए अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की आशा जताई।
47 सप्ताह की कड़ी ट्रेनिंग
राजस्थान पुलिस सेवा के इन प्रशिक्षु अधिकारियों ने लगभग 11 महीने की कठिन ट्रेनिंग पूरी की। इसमें शारीरिक प्रशिक्षण, हथियार चलाने की शिक्षा, कानून और व्यवस्था प्रबंधन, अपराध अनुसंधान, साइबर अपराध की रोकथाम और आपदा प्रबंधन जैसे विषय शामिल थे। इस दौरान अधिकारियों को सख्त अनुशासन और मानसिक दृढ़ता का प्रशिक्षण भी दिया गया।
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अब ये अधिकारी राज्य के विभिन्न जिलों में अपनी सेवाएं देंगे। उम्मीद की जा रही है कि उनकी तैनाती से पुलिस व्यवस्था में और अधिक मजबूती आएगी।


