शोभना शर्मा। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए पहले से जारी 574 पदों की भर्ती को रद्द कर दिया है और अब नए नियमों के तहत नई वैकेंसी जारी कर दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार अभ्यर्थियों को फिर से आवेदन करना होगा। इससे लगभग पौने दो लाख उम्मीदवार प्रभावित होंगे जिन्होंने पिछली बार आवेदन किया था।
आवेदन की नई तिथियां
आयोग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, नए आवेदन 20 सितंबर 2025 से शुरू होकर 19 अक्टूबर 2025 तक किए जा सकेंगे। उम्मीदवारों की आयु सीमा 1 जुलाई 2025 को न्यूनतम 21 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष तय की गई है। आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
परीक्षा की तिथि और पैटर्न
नोटिफिकेशन में यह भी बताया गया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा 1 दिसंबर से 24 दिसंबर 2025 तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा केंद्र और शेड्यूल की विस्तृत जानकारी आयोग जल्द जारी करेगा। परीक्षा का पाठ्यक्रम (Syllabus) भी आरपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू दोनों शामिल होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यक हुआ तो आंसर की मूल्यांकन में स्केलिंग, मॉडरेशन या नॉर्मलाइजेशन पद्धति अपनाई जा सकती है ताकि निष्पक्ष परिणाम सामने आ सके।
न्यूनतम अंक की अनिवार्यता
कार्मिक विभाग की ओर से जारी नए नियमों के अनुसार, उम्मीदवार को तीनों पेपरों में अलग-अलग न्यूनतम 36% अंक लाने होंगे। साथ ही कुल मिलाकर कम से कम 40% अंक हासिल करना अनिवार्य होगा। यह नियम सामान्य वर्ग के लिए लागू रहेगा, जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को न्यूनतम अंकों में 5% की छूट मिलेगी।
पहले की भर्ती में कई बार ऐसा देखने को मिला था कि लिखित परीक्षा में कम अंक या नकारात्मक अंक लाने वाले उम्मीदवार भी मेरिट सूची में आ जाते थे। इस स्थिति को रोकने के लिए अब सख्त नियम लागू किए गए हैं। कॉलेज शिक्षा विभाग के अनुसार, यह कदम भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए उठाया गया है।
क्यों की गई पुरानी भर्ती रद्द
सूत्रों के अनुसार, पिछली भर्ती प्रक्रिया में मेरिट आधारित चयन को लेकर कई बार विवाद सामने आए थे। कुछ उम्मीदवार बहुत कम अंक लाने के बावजूद चयनित हो गए थे, जिससे योग्य उम्मीदवारों में असंतोष बढ़ गया। ऐसे मामलों को देखते हुए सरकार ने आयोग को नियम बदलने और नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
प्रतियोगियों की तैयारी पर असर
पुरानी भर्ती रद्द होने से उन अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन करना होगा जिन्होंने पहले ही समय और धन दोनों लगाकर फॉर्म भरा था। हालांकि, कई उम्मीदवारों का मानना है कि नए नियमों से निष्पक्षता बढ़ेगी और सही मायनों में योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा।
सरकार और आयोग का पक्ष
आयोग के अधिकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना उनकी प्राथमिकता है। नए नियमों के लागू होने से भविष्य में किसी भी तरह के विवाद की संभावना कम हो जाएगी। सरकार ने भी साफ कर दिया है कि कॉलेज शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण भर्तियों में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।


