मनीषा शर्मा। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में किसानों की आर्थिक स्थिति अक्सर उतार-चढ़ाव से गुजरती रहती है। कभी सूखा तो कभी बेमौसम बारिश उनकी मेहनत पर पानी फेर देती है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में किसानों को सीधी आर्थिक मदद देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) की शुरुआत की थी। इस योजना के अंतर्गत किसानों को सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसे तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता है।
अब तक कितनी किस्तें जारी हुईं?
योजना की शुरुआत से लेकर अब तक केंद्र सरकार किसानों को 20 किस्तें जारी कर चुकी है। 20वीं किस्त दो अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से जारी की थी। इस किस्त के माध्यम से देशभर में करोड़ों किसानों को सीधा लाभ मिला।
राजस्थान की बात करें तो यहां 80 लाख से अधिक किसान इस योजना से पंजीकृत हैं। 20वीं किस्त के तहत प्रदेश के किसानों के खातों में 16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई थी। इस वजह से राज्य के अधिकांश किसानों ने अगले भुगतान यानी 21वीं किस्त का इंतजार करना शुरू कर दिया है।
21वीं किस्त कब जारी हो सकती है?
हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में यह चर्चा है कि केंद्र सरकार किसानों को दिवाली से पहले अगली किस्त का तोहफा दे सकती है। यदि किस्तें नियमित अंतराल पर जारी होती हैं, तो 21वीं किस्त नवंबर 2025 तक जारी होने की संभावना है। लेकिन इसके लिए किसानों को कुछ शर्तों और बदलावों का पालन करना अनिवार्य होगा।
सरकार ने किए बदलाव
केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना की पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कुछ नए नियम लागू किए हैं। इन बदलावों का पालन नहीं करने वाले किसानों की 21वीं किस्त रुक सकती है। आइए जानते हैं किन कारणों से राजस्थान के कई किसानों का पैसा अटक सकता है।
1. अपात्र किसानों को नहीं मिलेगा लाभ
योजना का उद्देश्य केवल छोटे और सीमांत किसानों को लाभ पहुंचाना है। यदि कोई किसान योजना की पात्रता पूरी नहीं करता और फिर भी इसमें शामिल हो गया है, तो उसका आवेदन जांच के दौरान खारिज किया जा सकता है। ऐसे मामलों में पहले से मिली राशि की वसूली भी हो सकती है। अपात्र किसानों को 21वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा।
2. ई-केवाईसी अनिवार्य
सरकार ने सभी किसानों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य कर दी है। जिन किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है, उनकी किस्त रोक दी जाएगी। ई-केवाईसी ऑनलाइन या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए करवाई जा सकती है। इसलिए किसानों को समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
3. भू-सत्यापन जरूरी
राजस्थान समेत कई राज्यों में सरकार ने किसानों के लिए भू-सत्यापन (land verification) अनिवार्य किया है। जिन किसानों ने अपनी भूमि का सत्यापन नहीं करवाया है, उन्हें भी इस बार की किस्त से वंचित होना पड़ेगा। भूमि सत्यापन से यह सुनिश्चित होता है कि लाभ केवल वास्तविक किसानों को ही मिले।
क्यों है यह योजना खास?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के किसानों के लिए सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (Direct Benefit Transfer) योजनाओं में से एक है। इस योजना ने लाखों किसानों को खेती-बाड़ी के लिए बीज, खाद और अन्य आवश्यक वस्तुएं खरीदने में मदद की है। खासतौर से उन किसानों को राहत मिली है, जिनकी आय सीमित है और जो अक्सर प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित होते रहते हैं।
राजस्थान में स्थिति
राजस्थान में इस योजना का लाभ बड़ी संख्या में किसान उठा रहे हैं। लेकिन अब जब सरकार ने ई-केवाईसी और भू-सत्यापन जैसे नियम लागू किए हैं, तो आशंका है कि हजारों किसान 21वीं किस्त से वंचित रह सकते हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर लें, ताकि उनका पैसा न रुके।


