शोभना शर्मा। राजस्थान को नया राज्य निर्वाचन आयुक्त मिल गया है। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राजेश्वर सिंह को इस पद पर नियुक्त करने के आदेश जारी किए। वे पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त मधुकर गुप्ता का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल पूरा हो चुका है। आदेश के अनुसार, राजेश्वर सिंह आगामी 19 सितंबर 2025 को दोपहर 1:15 बजे पदभार ग्रहण करेंगे। वे सचिवालय स्थित पंचायती राज भवन में राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय से अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे।
बड़ी जिम्मेदारियां होंगी कंधों पर
राज्य निर्वाचन आयुक्त का पद अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह पद राज्य में शहरी स्थानीय निकाय (नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका) और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की संपूर्ण प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभालता है। ऐसे में राजेश्वर सिंह के सामने आने वाले समय में बड़ी चुनौतियां होंगी।
राज्य में आगामी महीनों में कई निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। इन चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और समय पर संपन्न कराना नई जिम्मेदारी का सबसे बड़ा हिस्सा होगा। साथ ही, आयोग के सामने मतदाता सूचियों को अद्यतन रखने, मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने और आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाने जैसी चुनौतियां भी होंगी।
अनुभव से उम्मीदें
राजेश्वर सिंह लंबे समय तक राजस्थान प्रशासनिक सेवा में उच्च पदों पर कार्य कर चुके हैं। वे जयपुर के कलेक्टर रह चुके हैं और साथ ही संभागीय आयुक्त के पद पर भी उन्होंने कार्य किया है। इसके अलावा वे ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव और राजस्व बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
उनके इस व्यापक प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि वे स्थानीय चुनावों की तैयारियों को नई दिशा देंगे और राज्य में निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाएंगे।
पूर्व आयुक्त मधुकर गुप्ता का कार्यकाल समाप्त
गौरतलब है कि पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुकर गुप्ता को अगस्त 2022 में इस पद पर नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण पंचायत और निकाय चुनाव कराए गए। अब उनके सेवानिवृत्त होने के बाद यह जिम्मेदारी राजेश्वर सिंह को सौंपी गई है।
निष्पक्ष चुनाव कराना सबसे बड़ा लक्ष्य
राज्य में चुनावों को लेकर हमेशा निष्पक्षता और पारदर्शिता की चर्चा रहती है। राजनीतिक दलों और जनता की नजरें अब नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे राजेश्वर सिंह पर टिकी रहेंगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि उनका प्रशासनिक अनुभव चुनावी प्रक्रिया को सुचारू और निष्पक्ष बनाने में सहायक होगा।


