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डोटासरा: स्पीकर महिला विधायकों को जासूसी कैमरे से देखते हैं

डोटासरा: स्पीकर महिला विधायकों को जासूसी कैमरे से देखते हैं

शोभना शर्मा। राजस्थान विधानसभा में कैमरे लगने और विपक्षी विधायकों की जासूसी के आरोपों ने राजनीति को गर्मा दिया है। इसी मुद्दे पर अब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि स्पीकर महिला विधायकों की रेस्ट रूम में बैठकर जासूसी कैमरे से ताड़ते हैं।

डोटासरा का आरोप

जयपुर स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने कहा कि स्पीकर कांग्रेस विधायकों की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। खासतौर पर महिला विधायकों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा- “स्पीकर कांग्रेस की महिला विधायकों को रेस्ट रूम से देखते हैं। किस अवस्था में बैठी हैं, किस वेशभूषा में हैं और क्या बातें कर रही हैं, इस पर उनकी नजर रहती है। यह बेहद शर्मनाक है। ऐसे व्यक्ति को डूब मर जाना चाहिए।”

डोटासरा ने दावा किया कि भाजपा सत्ता में रहते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी विधायकों पर निगरानी रखकर उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है।

विधानसभा में कैमरे लगाने पर हंगामा

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले विधानसभा में एक्स्ट्रा कैमरे लगाए जाने को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इन कैमरों का इस्तेमाल विपक्षी विधायकों की जासूसी के लिए किया जा रहा है। दो दिन तक सदन में भारी हंगामा हुआ।

विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि सदन की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए कैमरे लगाए गए हैं। “सदन का 360 डिग्री व्यू यूट्यूब पर लाइव आए, इसके लिए कैमरे अपग्रेड किए गए हैं। इसके अलावा आईपैड और अन्य उपकरणों की सुरक्षा के लिए भी अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं।”

कांग्रेस का राज्यपाल से मिलना

विपक्ष इस मामले को लेकर राज्यपाल तक भी पहुंचा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि विधानसभा में लगाए गए कैमरों से जासूसी की जा रही है, इसलिए एक संयुक्त समिति गठित कर इसकी जांच कराई जाए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष लोकतंत्र की परंपराओं के साथ खिलवाड़ कर रहा है और विपक्ष की गतिविधियों को जानबूझकर रिकॉर्ड कर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है।

भाजपा की प्रतिक्रिया

भाजपा नेताओं ने डोटासरा के आरोपों को निराधार बताया है। भाजपा का कहना है कि डोटासरा राजनीति में मुद्दा बनाने के लिए बिना सबूत के बयानबाजी कर रहे हैं। भाजपा विधायकों का कहना है कि कैमरे सुरक्षा और पारदर्शिता का हिस्सा हैं। यह कहना कि स्पीकर महिला विधायकों को रेस्ट रूम से देखते हैं, एक बेहद गंभीर और अपमानजनक आरोप है।

विवाद से बढ़ा सियासी तनाव

राजस्थान विधानसभा पहले ही सीसीटीवी कैमरों को लेकर विवादों में है। अब डोटासरा के बयान ने इस विवाद को और तूल दे दिया है। राजनीतिक हलकों में इसे महिला विधायकों की गरिमा से जुड़ा मामला माना जा रहा है।

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