मनीषा शर्मा। राजस्थान विधानसभा में लगे अतिरिक्त कैमरों को लेकर राजनीति गर्मा गई है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर जासूसी करवाने का आरोप लगाया, जिसके बाद कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने पलटवार करते हुए कहा कि यह मुद्दा पूरी तरह से निराधार है और कांग्रेस जनता के असली मुद्दों से भटकाकर नॉन-इश्यू को इश्यू बनाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस का आरोप
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में हाल ही में लगाए गए अतिरिक्त कैमरों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह विपक्ष की गतिविधियों की जासूसी करने का प्रयास है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने और विधायकों पर नज़र रखने के लिए तकनीक का दुरुपयोग कर रही है।
गोदारा का जवाब
कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने कांग्रेस के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय ऐसे मामलों को हवा दे रही है जिनका कोई औचित्य नहीं है।
गोदारा ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही सदन की कार्यवाही को यूट्यूब पर लाइव टेलिकास्ट किया जाता था। तब भाजपा ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी बल्कि तकनीक के उपयोग का समर्थन किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विधानसभा में स्पीकर वासुदेव देवनानी ने टैबलेट्स की सुविधा शुरू की थी, तब कांग्रेस ने विरोध क्यों नहीं किया।
“कैमरों से डर क्यों?”
गोदारा ने तंज कसते हुए कहा कि नेताओं का जीवन सार्वजनिक होता है और सबकुछ पारदर्शी रहना चाहिए। यदि कांग्रेस को कैमरों से आपत्ति है तो इसका मतलब है कि वे कुछ छिपाना चाहते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कैमरे केवल कांग्रेस विधायकों के लिए नहीं बल्कि सभी विधायकों की सुरक्षा के मद्देनजर लगाए गए हैं। इस कदम से न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित होगी बल्कि विधानसभा की कार्यवाही पर जनता का भरोसा भी मजबूत होगा।
फोन टैपिंग का आरोप
सुमित गोदारा ने कांग्रेस पर फोन टैपिंग का आरोप भी दोहराया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री के आदेश पर विधायकों और नेताओं के फोन रिकॉर्डिंग तक कराई गई थी। यहां तक कि जब उस समय के एसीएस (होम) ने फोन टैपिंग से इनकार किया तो उन्हें हटा दिया गया और बाद में इनाम के तौर पर मुख्य सचिव बना दिया गया।
गोदारा ने कहा कि निजता का हनन भाजपा सरकार में नहीं, बल्कि कांग्रेस शासनकाल में हुआ था। वर्तमान भजनलाल सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और जनता भी यह अच्छी तरह जानती है।
विपक्ष से अपील
मंत्री ने कांग्रेस विधायकों से अपील की कि वे अगली बार जब सदन में आएं तो हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से बचें। इसके बजाय ठोस विषय लेकर सरकार के साथ मिलकर काम करें, ताकि विकसित राजस्थान की परिकल्पना को साकार किया जा सके।


