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बाड़मेर में BJP नेता का ‘शिव MLA’ पोस्टर वायरल

बाड़मेर में BJP नेता का ‘शिव MLA’ पोस्टर वायरल

मनीषा शर्मा। राजस्थान की राजनीति में आए दिन नए घटनाक्रम सामने आते हैं। इस बार चर्चा का केंद्र बने हैं बाड़मेर जिले के भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा। हाल ही में सोशल मीडिया पर उनका एक पोस्टर वायरल हुआ, जिसमें उन्हें ‘शिव का विधायक’ बताया गया। यह मामला न केवल स्थानीय राजनीति बल्कि पूरे प्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।

शिव सीट पर जीत चुके हैं रविन्द्र सिंह भाटी

बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट से 2023 विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रविन्द्र सिंह भाटी विजयी हुए थे। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों उम्मीदवारों को मात दी थी। बावजूद इसके, स्वरूप सिंह खारा की सक्रियता और प्रभाव लगातार बरकरार है।

स्थानीय स्तर पर माना जाता है कि खारा भाजपा संगठन और सरकार के बीच सेतु का काम करते हैं। भले ही वे चुनाव हार गए हों, लेकिन जनता से उनका जुड़ाव और उनकी पकड़ क्षेत्र में मजबूत बनी हुई है।

वायरल पोस्टर ने बढ़ाई हलचल

वायरल हुए पोस्टर में स्वरूप सिंह खारा को “शिव विधायक” लिखा गया। इसके बाद राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे कि यह किसी अतिउत्साही कार्यकर्ता की गलती है, या फिर इसके पीछे कोई सियासी रणनीति छिपी है।

कई लोगों ने इसे लोकतंत्र में जनता के फैसले को चुनौती बताई। वहीं, कुछ लोगों ने इसे एक साधारण चूक करार दिया। लेकिन इस पोस्टर ने भाजपा के अंदरूनी समीकरणों और संगठन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सरकार में हारने वालों को भी महत्व

भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केवल अपने विधायकों को ही नहीं, बल्कि चुनाव हारने वाले प्रत्याशियों को भी क्षेत्र में महत्व दिया है।

इसकी मिसाल बाड़मेर जिले में ही देखने को मिलती है।

  • बायतु सीट पर भाजपा प्रत्याशी बालाराम मूंढ को सरकारी आयोजनों में प्राथमिकता दी जा रही है।

  • वहीं, जिला मुख्यालय पर दीपक कड़वासरा को भी महत्व दिया गया है।

इसी पैटर्न पर खारा को भी शिव विधानसभा क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने का मौका मिल रहा है।

स्वरूप सिंह खारा की सक्रियता

शिव क्षेत्र और आसपास के इलाकों में स्वरूप सिंह खारा का प्रभाव साफ दिखाई देता है। उनके निवास पर लोगों की भीड़ लगी रहती है। लोग अपनी समस्याओं को लेकर उनके पास आते हैं और उन्हें समाधान का भरोसा भी मिलता है।

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि उनकी यही सक्रियता और संगठन में पकड़ उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखती है।

सोशल मीडिया पर बहस

इस पोस्टर को लेकर सोशल मीडिया पर खूब बहस छिड़ी हुई है।

  • कुछ लोग इसे भाजपा कार्यकर्ताओं की अति उत्सुकता बता रहे हैं।

  • वहीं, विरोधियों का कहना है कि भाजपा हारने वाले प्रत्याशी को “छाया विधायक” बनाकर जनता के फैसले का अपमान कर रही है।

लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है और ऐसे मामलों से राजनीतिक संदेश गलत जा सकता है।

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