मनीषा शर्मा। राजस्थान सरकार ने परिवहन और सड़क सुरक्षा विभाग के जरिए वाहन चालकों से जुर्माने की वसूली की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब राज्य में कोई भी परिवहन अधिकारी या निरीक्षक नकद में जुर्माना नहीं ले सकेगा। परिवहन विभाग ने आदेश जारी कर साफ कर दिया है कि 11 सितंबर 2025 से सभी चालान और शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा।
यह निर्णय सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियमों के तहत पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार का मानना है कि नकद लेन-देन की व्यवस्था भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है और इससे वित्तीय अनियमितताओं की संभावना बनी रहती है। इसलिए, अब वाहन चालकों को हर तरह का जुर्माना या शुल्क डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ही अदा करना होगा।
परिवहन विभाग ने दिए कड़े निर्देश
परिवहन और सड़क सुरक्षा विभाग ने सभी क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्थिति में निरीक्षक या उप-निरीक्षक नकद राशि स्वीकार नहीं करेंगे। यदि कोई अधिकारी आदेश का उल्लंघन करता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही, आम जनता को इस नए नियम की जानकारी देने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। विभाग विभिन्न माध्यमों से लोगों को बताएगा कि अब चालान का भुगतान केवल ऑनलाइन होगा।
अधिक पारदर्शिता और सुरक्षा
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से भुगतान प्रणाली अधिक पारदर्शी और सुरक्षित हो जाएगी। सभी भुगतान ऑनलाइन दर्ज होने से न तो नकद गिनने की जरूरत होगी और न ही किसी तरह की हेराफेरी की संभावना रहेगी।
इसके लिए NIC (राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र) के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक को ऑनलाइन भुगतान प्रणाली की निगरानी और तकनीकी प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऑनलाइन सिस्टम हर जगह सुचारू रूप से काम करे और वाहन चालकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
वाहन चालकों पर सीधा असर
इस नए नियम का सीधा असर आम वाहन चालकों पर पड़ेगा। पहले सड़क पर जांच के दौरान अगर चालान कटता था तो कई बार मौके पर नकद जुर्माना भरकर लोग अपनी गाड़ी छुड़ा लेते थे। लेकिन अब ऐसा संभव नहीं होगा।


