मनीषा शर्मा। राजस्थान की सियासत में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों ने एक बार फिर हलचल मचा दी है। टोंक बाईपास पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार, मुख्यमंत्री और आरएसएस पर तीखा हमला बोला।
डोटासरा ने साफ कहा कि सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाना न तो उनका काम है और न ही किसी और का, यह फैसला पूरी तरह हाईकमान पर निर्भर करता है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजस्थान की मौजूदा सरकार आरएसएस के इशारों पर काम कर रही है और लोकतंत्र पर लगातार आंच आ रही है।
डोटासरा ने पायलट को सीएम बनाने पर दिया बड़ा बयान
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष से जब सवाल किया गया कि सचिन पायलट के मेवाड़ दौरे के दौरान उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठी थी, तो उन्होंने हाथ जोड़ते हुए कहा—
“पायलट को सीएम बनाना मेरा काम नहीं है। यह काम हाईकमान का है, वही निर्णय लेगा।”
उनका कहना था कि वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते क्योंकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा।
RSS पर गंभीर आरोप
डोटासरा ने भाजपा सरकार और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि ट्रांसफर लिस्ट से लेकर सरकार के हर फैसले में आरएसएस का दखल है। उनका कहना था कि आरएसएस कभी चुनाव नहीं लड़ता, लेकिन जब भाजपा सत्ता में आती है तो सरकार को वही चलाता है।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा—
“नेपाल में लोकतंत्र खत्म हो गया और नेता देश छोड़कर भाग गए। हमारे देश में भी हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। आवाज़ों को दबाया जा रहा है, एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है और तानाशाही थोपने की कोशिश हो रही है।”
सरकार पर बरसे डोटासरा: “निकम्मी और असंवेदनशील”
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि हाल ही में हुई अतिवृष्टि से पूरे प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात बने। किसानों की फसलें चौपट हो गईं, गरीबों के मकान ढह गए, लेकिन सरकार ने किसी तरह की मदद नहीं दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और मंत्री केवल हेलिकॉप्टर से हवाई दौरे कर इतिश्री कर लेते हैं। उन्होंने कहा—
“मैंने आज तक ऐसी निकम्मी सरकार नहीं देखी। जनहित की हमारी योजनाओं को बंद करने में समय लगाया, लेकिन जनता की पीड़ा पर कोई ध्यान नहीं दिया।”
मगरमच्छ वाले बयान पर प्रतिक्रिया
कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ने टोडारायसिंह में आयोजित कार्यक्रम में डोटासरा के “मगरमच्छ कब पकड़ेंगे” वाले बयान का जिक्र किया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डोटासरा ने कहा—
“सरकार को डेढ़ साल हो गया है, अब तक क्या किया? मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद क्या करेंगे? मैं तो खुला घूम रहा हूं।”
उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि मुख्यमंत्री विपक्ष को डराने-धमकाने की राजनीति कर रहे हैं, लेकिन वे इससे घबराने वाले नहीं हैं।
विधानसभा अध्यक्ष पर भी साधा निशाना
डोटासरा ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को भी आड़े हाथों लिया। उनका आरोप था कि विधानसभा में विपक्ष को दबाने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को धमकाकर बैठा दिया जाता है। पक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग कानून बनाए जा रहे हैं। डोटासरा का कहना था कि इस तरह लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है और जनता की आवाज दबाई जा रही है।
पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर सवाल
प्रदेशाध्यक्ष ने पंचायत और निकाय चुनाव न करवाने के लिए भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा—
“संवैधानिक प्रावधान है कि हर 5 साल में चुनाव कराए जाएं, लेकिन सरकार इससे बच रही है। जनता आक्रोशित है और इनको मंत्री और मुख्यमंत्री मानने के लिए तैयार नहीं है।”
जनता की पीड़ा और लोकतंत्र पर खतरा
डोटासरा ने कहा कि आज जनता परेशान है और लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि वे विदेश दौरों में व्यस्त हैं, जबकि देश की जनता कठिन हालात में जी रही है।
उन्होंने चिंता जताई कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो भारत का भी वही हाल हो सकता है जो पड़ोसी देशों नेपाल और बांग्लादेश में देखने को मिला है।


