मनीषा शर्मा। राजस्थान सरकार ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मज़बूत बनाने के लिए एक नई पहल करने जा रही है। अगले महीने अक्टूबर से राजस्थान रोडवेज ‘आपणी बस’ सेवा शुरू करने जा रहा है। केसरिया रंग की यह बसें खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में चलाई जाएंगी।
दरअसल, राजस्थान में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पहले भी बस सेवा चलती थी, लेकिन वर्ष 2016 में यह सेवा बंद कर दी गई थी। उसके बाद कई बार इसे पुनः शुरू करने की कोशिश की गई, मगर विभिन्न कारणों से यह संभव नहीं हो सका। अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने 2024-25 के बजट में इस योजना की घोषणा की थी और उसी वादे को पूरा करने के लिए ‘आपणी बस’ योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
362 रूटों पर बस सेवा की योजना
रोडवेज विभाग की योजना के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में 362 रूटों पर आपणी बसें चलाई जाएंगी। इन रूटों को इस तरह तैयार किया गया है कि पंचायत स्तर की कनेक्टिविटी ब्लॉक और जिला मुख्यालयों तक आसानी से हो सके।
इस योजना के माध्यम से करीब 2100 ग्राम पंचायतों को ब्लॉक और जिला मुख्यालयों से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। पहले चरण में 25 बसें शुरू की जाएंगी, इसके बाद धीरे-धीरे और बसें जोड़ी जाएंगी।
निजी बसें, लेकिन नियंत्रण सरकार का
आपणी बस योजना की सबसे खास बात यह है कि इस सेवा में निजी बस संचालकों को साझेदार बनाया गया है, लेकिन संचालन और नियंत्रण पूरी तरह से राजस्थान रोडवेज के हाथों में रहेगा।
बसें निजी संचालकों की होंगी, जबकि रोडवेज उन्हें चलाने के लिए परमिट देगा। बसों में चालक और परिचालक भी निजी संचालकों के होंगे। लेकिन सभी बसें रोडवेज के नियमित बस स्टैंड से ही चलाई जाएंगी।
यात्रियों के लिए सस्ता किराया
ग्रामीण इलाकों के यात्रियों को इस योजना का सबसे बड़ा फायदा सस्ते किराए के रूप में मिलेगा। इन बसों का किराया मात्र 1.50 रुपए प्रति किलोमीटर रखा गया है।
इसके साथ ही अन्य रोडवेज बसों की तरह ही इसमें भी महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष छूट मिलेगी। इससे ग्रामीण परिवारों को सस्ती और सुरक्षित यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस बसें
यह योजना केवल सस्ती यात्रा तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
बसें 22 सीटर से लेकर 45 सीटर तक की होंगी और इनमें निम्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी:
GPS सिस्टम ताकि बस की लोकेशन ट्रैक हो सके।
पैनिक बटन, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्री तुरंत मदद प्राप्त कर सकें।
ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम, जिससे परिवारजन यात्रियों की यात्रा को ट्रैक कर पाएंगे।
इससे ग्रामीण यात्रियों को सुरक्षित, भरोसेमंद और आधुनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी।
ग्रामीण इलाकों को मिलेगी नई रफ्तार
राजस्थान सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण इलाकों की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों में तेजी आएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक आसान पहुंच हो सकेगी।
इसके अलावा पंचायत स्तर तक मजबूत परिवहन कनेक्टिविटी से न केवल लोगों को सहूलियत मिलेगी बल्कि गांवों और शहरों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा।
पहले भी हो चुके प्रयास
गौरतलब है कि वर्ष 2016 तक राजस्थान में ग्रामीण बस सेवा चलाई जाती थी, लेकिन घाटे और प्रबंधन संबंधी दिक्कतों के कारण इसे बंद करना पड़ा था। उसके बाद कई बार सरकारों ने इसे दोबारा शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी।
अब भजनलाल सरकार ने इस पर ठोस कदम उठाते हुए आपणी बस योजना को मंजूरी दी है और इसे ग्रामीण परिवहन का नया अध्याय बताया है।


