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गोपाल शर्मा: कांग्रेस विधायकों के गले में लगाने चाहिए कैमरे

गोपाल शर्मा: कांग्रेस विधायकों के गले में लगाने चाहिए कैमरे

शोभना शर्मा। राजस्थान विधानसभा में सीसीटीवी कैमरों को लेकर चल रहा विवाद और गहराता जा रहा है। जहां कांग्रेस विधायक इस कदम का जमकर विरोध कर रहे हैं और इसे निजता के अधिकार का हनन बता रहे हैं, वहीं अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक गोपाल शर्मा ने एक बड़ा बयान देकर इस बहस को नया मोड़ दे दिया है। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस विधायकों के तो गले में ही कैमरे लगा देने चाहिए ताकि उनकी हर हरकत और हर शब्द रिकॉर्ड हो सके।

‘कांग्रेस विधायकों के गले में कैमरे लगने चाहिए’

गोपाल शर्मा ने कांग्रेस के विरोध को गैर-जरूरी बताते हुए कहा कि विपक्षी विधायकों के आचरण और उनकी भाषा पर भी जनता को सच्चाई जानने का हक है। उन्होंने कहा, “अगर गले में कैमरे होंगे, तो उनके बुदबुदाते शब्द और अपशब्द भी रिकॉर्ड होंगे। इस तरह की पारदर्शिता से विधानसभा की गरिमा भी बनी रहेगी और जनता देख सकेगी कि उनके चुने हुए प्रतिनिधि सदन में किस तरह का आचरण कर रहे हैं।”

‘बिग ब्रदर और जग्गा जासूस’ कहकर कांग्रेस ने किया था हंगामा

कांग्रेस ने हाल ही में विधानसभा में लगे नए सीसीटीवी कैमरों का विरोध करते हुए हंगामा किया था। विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि इन कैमरों के जरिए सरकार उन पर नजर रख रही है और यह उनकी निजता का उल्लंघन है। कांग्रेस विधायकों ने सीसीटीवी कैमरों को ‘बिग ब्रदर’ और ‘जग्गा जासूस’ कहते हुए विधानसभा परिसर में प्रदर्शन भी किया था। उनका कहना था कि यह लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है और विपक्ष की स्वतंत्रता को खत्म करने की कोशिश है।

‘सदन में स्पीकर के लिए कैसी भाषा इस्तेमाल हुई?’

बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा, “आपने देखा कि सदन में स्पीकर के लिए कैसी भाषा का इस्तेमाल किया गया। यह खबरें मीडिया में भी आई थीं। कांग्रेस ने इन खबरों का खंडन तक नहीं किया।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कांग्रेस विधायक सही आचरण कर रहे होते, तो उन्हें कैमरों से डरने की जरूरत ही नहीं पड़ती।

‘जनता के सामने आनी चाहिए सच्चाई’

गोपाल शर्मा ने आगे कहा कि विधानसभा की कार्यवाही जनता के लिए होती है। ऐसे में जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनके प्रतिनिधि सदन में कैसा व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर कैमरे लगाए जाते हैं, तो यह पारदर्शिता को मजबूत करेंगे। कांग्रेस के विधायकों को डर इसलिए है क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनका असंसदीय आचरण रिकॉर्ड होकर जनता के सामने आए।”

‘निजता का सवाल कहां उठता है?’

कांग्रेस विधायकों द्वारा उठाए जा रहे निजता के सवाल पर भी शर्मा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब विधानसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण होता है, प्रेस गैलरी में पत्रकार मौजूद रहते हैं और सदन में 199 सदस्य एक-दूसरे के साथ बैठे होते हैं, तो निजता का प्रश्न ही कहां उठता है। उन्होंने कहा कि यह सदन कोई बेडरूम या बाथरूम नहीं है, बल्कि जनता के प्रतिनिधियों का मंच है। इसलिए यहां पारदर्शिता ही सर्वोपरि होनी चाहिए।

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