शोभना शर्मा। राजस्थान में अपराध जगत पर शिकंजा कसने की पुलिस की मुहिम लगातार तेज हो रही है। इसी कड़ी में मंगलवार की रात श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके गुर्गों पर बड़ी कार्रवाई की। रंगदारी मांगने और फोन पर धमकी देकर लोगों से पैसे वसूलने के आरोपों में लिप्त इस गिरोह के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे गए।
लॉरेंस के घर पर भी छापा
पुलिस टीमों ने सबसे पहले बिश्नोई के पैतृक गांव दूतावाली स्थित घर पर दबिश दी। तलाशी अभियान में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। इसके अलावा गैंग के अन्य कुख्यात सदस्यों जैसे अमित पंडित (15 Z), कार्तिक जाखड़ और विशाल पचार के घरों पर भी छापेमारी की गई। साथ ही, बीकानेर जिले के थाना कालू क्षेत्र में रोहित गोदारा के गांव में भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
यह पहली बार नहीं है जब लॉरेंस गैंग पर पुलिस ने शिकंजा कसा हो, लेकिन इस बार की कार्रवाई और भी संगठित और सख्त मानी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन की अगुवाई
जिला पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन के निर्देश पर इन छापों की योजना बनाई गई। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को इनपुट मिला था कि गिरोह के सदस्य लगातार व्यापारियों और अन्य लोगों को फोन करके धमका रहे थे और उनसे मोटी रकम की मांग कर रहे थे। इस एक्सटॉर्शन रैकेट की जड़ तक पहुंचने के लिए पुलिस की कई टीमें एक साथ अलग-अलग स्थानों पर दबिश देने निकलीं।
पुलिस का मुख्य फोकस गैंग के फाइनेंशियल ट्रेल को खंगालना है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वसूले गए पैसों का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जा रहा है।
मोस्ट वांटेड की लिस्ट में शामिल गैंगस्टर
हाल ही में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) दिनेश एम.एन. ने राज्यभर में अपराधियों की नई सूची जारी की थी। इसमें 25 मोस्ट वांटेड अपराधियों के नाम शामिल हैं, जिनमें से 12 नए हैं। इन अपराधियों पर पहले से ही लाखों रुपये के इनाम घोषित हैं। इस लिस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े कई नाम भी शामिल किए गए हैं।
यह सूची जारी होने के बाद से ही पुलिस लगातार कार्रवाई में जुटी है और प्रदेशभर में लॉरेंस नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
रोहित गोदारा का विवादित ऑडियो
बीते दिनों सोशल मीडिया पर गैंगस्टर रोहित गोदारा का एक नया ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें वह साफ कहते हुए सुनाई दिया कि उसका लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई से अब कोई संबंध नहीं है। इस बयान के बाद से पुलिस के लिए हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए, क्योंकि गिरोह के अंदरूनी मतभेदों के चलते उसके अलग-अलग धड़ों से जुड़े अपराधी लगातार सक्रिय हैं।
पुलिस की सख्ती से फैली दहशत
पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में अपराधियों में दहशत फैल गई है और आमजन में भरोसा बढ़ा है कि कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। श्रीगंगानगर पुलिस का मानना है कि इस अभियान से गिरोह की रीढ़ कमजोर होगी और इनके फाइनेंशियल सपोर्ट सिस्टम पर सीधा असर पड़ेगा।


