शोभना शर्मा। देश के उपराष्ट्रपति पद का चुनाव एक बार फिर से राजनीतिक उत्सुकता का केंद्र बना। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चले मतदान के बाद देर शाम परिणाम घोषित हुए। परिणाम ने साफ कर दिया कि एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन भारी मतों से विजयी रहे और देश के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए।
विपक्षी उम्मीदवार को 452 वोटों से पराजित
इस चुनाव में राधाकृष्णन ने विपक्ष के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को 452 वोटों से हराया। यह जीत एनडीए के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता मानी जा रही है क्योंकि विपक्ष ने चुनाव से पहले इस मुकाबले को कड़ा बनाने का दावा किया था। लेकिन मतगणना के बाद यह साफ हो गया कि सांसदों का बहुमत एनडीए के साथ है और उन्होंने भारी संख्या में राधाकृष्णन को समर्थन दिया।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
जैसे ही चुनाव परिणाम की घोषणा हुई, पूरे भाजपा कार्यालय में उत्सव का माहौल छा गया। प्रदेश भाजपा कार्यालय को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। कार्यकर्ताओं और नेताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और आतिशबाजी कर आसमान को रोशन कर दिया। माहौल इतना उल्लासपूर्ण था कि मानो दीपावली का त्योहार समय से पहले आ गया हो।
कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और जीत की बधाइयाँ दीं। “भारत माता की जय” और “भाजपा जिंदाबाद” के नारों से कार्यालय गूंज उठा। यह जीत कार्यकर्ताओं के लिए गर्व और ऊर्जा का नया स्रोत बन गई।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का बयान
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने इस ऐतिहासिक जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए की नीतियों में जनता के विश्वास की जीत बताया। उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति पद पर चुना जाना भाजपा और एनडीए की बढ़ती राजनीतिक ताकत को दर्शाता है। साथ ही यह भी साबित करता है कि देश के सांसद एनडीए की नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा करते हैं।
ऐतिहासिक जीत का महत्व
सीपी राधाकृष्णन की जीत सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भाजपा और एनडीए के लिए भी एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है। उपराष्ट्रपति का पद देश के संविधान में बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति भी होते हैं और संसदीय कार्यवाही को दिशा देते हैं। राधाकृष्णन के अनुभव और उनके लंबे राजनीतिक जीवन को देखते हुए उनसे संसद की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा रही है।
विपक्ष की रणनीति नाकाम
इस चुनाव से पहले विपक्ष ने दावा किया था कि वह संयुक्त उम्मीदवार को समर्थन दिलाकर मुकाबला कड़ा करेगा। लेकिन परिणामों ने दिखा दिया कि विपक्ष की रणनीति कारगर साबित नहीं हुई। सुदर्शन रेड्डी को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाया और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
जीत से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा
भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए यह जीत उत्साह और जोश से भर देने वाली साबित हुई है। लंबे समय से पार्टी कार्यकर्ताओं को इस चुनाव का इंतजार था। जैसे ही नतीजे घोषित हुए, कार्यकर्ताओं ने पूरे जोश से अपनी खुशी जाहिर की। माना जा रहा है कि इस जीत से भाजपा को आने वाले चुनावों में और मजबूती मिलेगी।
राधाकृष्णन का संदेश
जीत के बाद सीपी राधाकृष्णन ने सांसदों और एनडीए नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल उनकी नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है जिन्होंने लोकतंत्र और राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी। राधाकृष्णन ने भरोसा दिलाया कि वह अपने कार्यकाल में निष्पक्ष रहकर संविधान की गरिमा को बनाए रखेंगे।


