शोभना शर्मा। राजस्थान की पिछली अशोक गहलोत सरकार के बाद अब भाजपा सरकार भी सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कदम उठा रही है। सोमवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर सरकारी स्कूल में लड़कियों के लिए अलग शौचालय और उचित स्वच्छता सुविधाएं सुनिश्चित करेगी। मंत्री ने साफ किया कि लड़कियों की गरिमा और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य में स्कूल भवनों और शौचालयों का विस्तृत सर्वेक्षण चल रहा है। इस सर्वेक्षण के बाद चरणबद्ध तरीके से शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। खासतौर पर उच्च प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में इस दिशा में तेजी से काम होगा।
चरणबद्ध तरीके से होगा निर्माण
दिलावर ने कहा कि सर्वेक्षण पूरा होने के बाद उन स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां शौचालय की स्थिति खराब है या बिल्कुल नहीं है। सभी स्कूलों में अलग शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, ताकि लड़कियों को पढ़ाई के दौरान किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और सम्मान, दोनों ही शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं, इसलिए इस दिशा में सरकार ठोस कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पंचायती राज विभाग को भेजा गया प्रस्ताव
शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण का प्रस्ताव पंचायती राज विभाग को भेज दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वित्तीय और तकनीकी स्तर पर योजनाओं को तेजी से अमल में लाया जा सके। दिलावर ने कहा कि राज्य सरकार की नीति है कि स्कूल केवल शिक्षा का केंद्र न होकर बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण भी प्रदान करें। लड़कियों के लिए अलग शौचालय इस दिशा में एक अहम कदम है।
आंकड़ों से दी जानकारी
कांग्रेस विधायक मनोज कुमार (सुजानगढ़) द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में शिक्षा मंत्री ने यूडीआईएसई (2023-24) के आंकड़े प्रस्तुत किए।
सुजानगढ़ तहसील में कुल 147 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें से 146 स्कूलों के पास अपने स्वयं के भवन हैं और वहां शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध है।
वहीं बीदासर तहसील में अपने स्वयं के भवनों वाले सभी 195 सरकारी स्कूलों में शौचालय की सुविधा पहले से ही उपलब्ध है।
यह आंकड़े यह दर्शाते हैं कि कई क्षेत्रों में शौचालयों की सुविधा पहले से मौजूद है, लेकिन अब सरकार का फोकस विशेष रूप से लड़कियों के लिए अलग शौचालय उपलब्ध कराने पर है।
लड़कियों की शिक्षा में अहम पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में लड़कियों की शिक्षा में शौचालय की कमी बड़ी बाधा रही है। कई मामलों में लड़कियां शौचालय की कमी या खराब स्वच्छता सुविधाओं के कारण पढ़ाई छोड़ देती हैं। सरकार का यह कदम न केवल शिक्षा के स्तर को बेहतर करेगा बल्कि लड़कियों की स्कूल में उपस्थिति और निरंतरता भी सुनिश्चित करेगा।


